मुख्यमंत्री शनिवार को नई दिल्ली में निवेशकों के साथ संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर हरियाणा में निवेश की संभावनाओं और उनके भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।
सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी नीतियां बना रही है जो निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करें। शासन में पारदर्शिता सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकारी मंजूरियां न्यूनतम समय में और तेज गति से प्रदान की जाएं।
उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच समझौते से हरियाणा के उद्योगों को लाभ मिलेगा। इसी उद्देश्य से हरियाणा-यूरोप वर्किंग ग्रुप के गठन की घोषणा की गई है। इस समूह का मुख्य उद्देश्य यूरोपीय संघ के एमएसएमई और हरियाणा के एमएसएमई के बीच तालमेल स्थापित करना होगा, ताकि यूरोपीय उद्योगों की आवश्यकताओं को हरियाणा के उद्यम पूरा कर सकें। इससे राज्य के उद्योगों को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विदेशी कंपनियों को आवश्यक पुर्जों और घटकों की पहचान कर उन्हें हरियाणा की विनिर्माण इकाइयों से जोड़ा जाएगा।
सैनी ने कहा कि Haryana State Industrial and Infrastructure Development Corporation (एचएसआईआईडीसी) राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए लगातार भूमि उपलब्ध करा रहा है। अलग-अलग औद्योगिक जोन विकसित किए जा रहे हैं और राज्य सरकार 10 नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) स्थापित कर रही है।
उन्होंने उन कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की, जो हरियाणा में उद्योग स्थापित करने के लिए भूमि विकल्प तलाश रही हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि हरियाणा सरकार उद्योगों को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी और राज्य को निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करती रहेगी।
