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नशा और अवसाद के खिलाफ जागरूकता अभियान, सीबीएलयू और स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित
युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा और जिम्मेदारी की राह अपनाने का संदेश
नशे की बढ़ती समस्या को देखते हुए Chaudhary Bansi Lal University, भिवानी ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम Indian Red Cross Society Haryana State Branch के निर्देशानुसार हुआ, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षाविदों ने युवाओं को नशे और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और अवसाद जैसी मानसिक समस्याओं को देखते हुए शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों पर नागरिक और पुलिस प्रशासन की विशेष नजर है। राज्य शिक्षा विभाग ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को इन मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
इसी कड़ी में Chaudhary Bansi Lal University (सीबीएलयू), भिवानी ने युवाओं को नशा मुक्ति के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम Indian Red Cross Society Haryana State Branch और चंडीगढ़ के निर्देशानुसार तथा उपायुक्त एवं रेडक्रॉस अध्यक्ष Sahil Gupta के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी ने किया। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को भी बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी इसके हानिकारक प्रभावों से सचेत रहे और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करे। उन्होंने कहा कि नशा युवाओं को पीछे धकेल देता है और आगे बढ़ने के लिए उन्हें नशे को छोड़कर ज्ञान की ओर अग्रसर होना होगा।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे कदम उठाएं, जिनसे विद्यार्थी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक हों और उनमें जिम्मेदारी की भावना विकसित हो, ताकि वे इस बुराई के खिलाफ एक मजबूत कड़ी बन सकें।
रेडक्रॉस सचिव प्रदीप कुमार ने कहा कि यदि स्कूल स्तर पर जागरूकता फैलाई जाए तो भविष्य में नशे से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सत्र के दौरान भिवानी के उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) Anup Kumar ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति और उसके परिवार का जीवन बर्बाद करता है, बल्कि समाज के लिए भी खतरा बन जाता है। उन्होंने बताया कि नशे के प्रभाव में लोग रोड रेज जैसी घटनाओं में शामिल हो जाते हैं और सड़क पर दूसरों के लिए खतरा बनते हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि नियम केवल जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा के लिए बनाए गए हैं, इसलिए शराब पीकर वाहन न चलाएं।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को नशा विरोधी शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों की टीम ने नशे के दुष्प्रभाव और सड़क सुरक्षा के महत्व को दर्शाते हुए एक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
इसी तरह का एक अन्य नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम प्रेम नगर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भी आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सीबीएलयू के समाजशास्त्र एवं सामाजिक कार्य विभाग और ‘स्टैंड विद नेचर’ संगठन के संयुक्त प्रयास से हुआ। विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रतियोगिता, जागरूकता रैली और शैक्षिक व्याख्यान के माध्यम से भाग लिया।
गांव के सरपंच राजेश बूरा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है, ताकि विद्यार्थी नशे के खतरों को समझ सकें।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि All-India Youth Welfare Organisation के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा जीवन को अंधकार की ओर ले जाता है और व्यक्ति के शरीर के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी नुकसान पहुंचाता है।
