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आयुष्मान भारत योजना में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, मंत्री Rajesh Nagar ने नोडल अधिकारी को किया निलंबित
मेडिकल लापरवाही मामले में समझौते का दबाव बनाने की शिकायत पर कार्रवाई, निजी अस्पताल का पैनल भी रद्द करने के निर्देश
हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री Rajesh Nagar ने आयुष्मान भारत योजना से जुड़े एक गंभीर मामले में स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही संबंधित निजी अस्पताल की मान्यता रद्द करने और मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है।
आयुष्मान भारत योजना में शिकायत पर मंत्री का सख्त रुख
हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री Rajesh Nagar ने भिवानी में आयोजित जिला जनसंपर्क एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक के दौरान आयुष्मान भारत योजना से जुड़े एक मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
एक मरीज ने शिकायत की थी कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उसे आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीकृत एक निजी अस्पताल के खिलाफ कथित मेडिकल लापरवाही के मामले में समझौता करने का दबाव बनाया।
H2: नोडल अधिकारी निलंबित, जांच समिति गठित
मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए।साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया।
H3: समिति में शामिल होंगे ये अधिकारी
जांच समिति में शामिल किए गए सदस्य:
- अतिरिक्त उपायुक्त (ADC)
- सिविल सर्जन
- शिकायत निवारण समिति की दो महिला गैर-सरकारी सदस्य
समिति को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
H2: निजी अस्पताल का पैनल रद्द करने के आदेश
Rajesh Nagar ने संबंधित निजी अस्पताल के खिलाफ भी सख्त कदम उठाते हुए उसे Ayushman Bharat Scheme के पैनल से हटाने के निर्देश दिए।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत किसी भी प्रकार की अनियमितता या मरीजों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
H2: राज्य में पहले भी सामने आ चुके हैं गड़बड़ी के मामले
आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन को लेकर हरियाणा के विभिन्न जिलों से पहले भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
H3: हिसार में भी मिली थीं गड़बड़ियां
हाल ही में Chief Minister's Flying Squad ने हिसार में मरीजों की शिकायतों के आधार पर कुछ निजी अस्पतालों में छापेमारी की थी।
जांच के दौरान यह पाया गया कि:
- मरीजों से सीधे पैसे वसूले जा रहे थे।
- साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकारी भुगतान के लिए बिल भी तैयार किए जा रहे थे।
- इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका सामने आई थी।
इन मामलों ने योजना के संचालन और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
H2: स्वच्छ पेयजल आपूर्ति पर भी दिए निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अधिकारियों को जिले में पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए।
H3: शिकायतों के त्वरित निपटारे पर जोर
Rajesh Nagar ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल आपूर्ति, स्वच्छता और जनसेवा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
H2: शिकायत समिति की बैठक में विभिन्न मामलों की समीक्षा
जिला जनसंपर्क एवं शिकायत निवारण समिति की मासिक बैठक में कुल 14 शिकायतें प्रस्तुत की गईं। मंत्री ने संबंधित विभागों से मामलों की प्रगति रिपोर्ट ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
Key Highlights:
- आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी को निलंबित करने के आदेश
- मेडिकल लापरवाही मामले में समझौते का दबाव बनाने की शिकायत
- जांच के लिए विशेष समिति का गठन
- संबंधित निजी अस्पताल का पैनल रद्द करने के निर्देश
- हिसार में भी योजना के दुरुपयोग के मामले सामने आए थे
- स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
- भिवानी में शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित
FAQ Section:
Q1. नोडल अधिकारी को क्यों निलंबित किया गया?
एक मरीज की शिकायत पर, जिसमें अधिकारियों द्वारा मेडिकल लापरवाही मामले में समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया था।
Q2. जांच के लिए किस प्रकार की समिति बनाई गई है?
ADC, सिविल सर्जन और शिकायत समिति की दो महिला गैर-सरकारी सदस्यों को शामिल कर जांच समिति गठित की गई है।
Q3. संबंधित निजी अस्पताल के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
मंत्री ने अस्पताल की आयुष्मान भारत योजना के तहत मान्यता (Empanelment) रद्द करने के निर्देश दिए हैं।
Q4. हिसार में क्या अनियमितता सामने आई थी?
कुछ निजी अस्पतालों पर मरीजों से पैसे लेने और साथ ही आयुष्मान योजना के तहत सरकारी भुगतान का दावा करने का आरोप सामने आया था।
Q5. बैठक में और किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
स्वच्छ पेयजल आपूर्ति और जन शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी चर्चा हुई।
Conclusion:
भिवानी में हुई शिकायत निवारण समिति की बैठक में मंत्री Rajesh Nagar द्वारा की गई कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आयुष्मान भारत जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नोडल अधिकारी के निलंबन, जांच समिति के गठन और अस्पताल की मान्यता रद्द करने जैसे कदम स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

