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CBSE On-Screen Marking विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, OSM सिस्टम को चुनौती देने वाली PIL पर केंद्र और बोर्ड से जवाब तलब
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने CBSE, केंद्र सरकार और यूपी सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब, अगस्त में होगी अगली सुनवाई
CBSE की कक्षा 12 की परीक्षा में लागू किए गए On-Screen Marking (OSM) सिस्टम को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जनहित याचिका दाखिल की गई है। अदालत ने केंद्र सरकार, CBSE और उत्तर प्रदेश सरकार समेत संबंधित पक्षों से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
CBSE के OSM सिस्टम पर हाईकोर्ट में उठे सवाल
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा वर्ष 2025-26 की कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा में लागू किए गए On-Screen Marking (OSM) सिस्टम को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्र सरकार, CBSE और उत्तर प्रदेश सरकार समेत संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।
जनहित याचिका (PIL) में आरोप लगाया गया है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को जल्दबाजी में लागू करने के कारण देशभर के लाखों छात्रों के मूल्यांकन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
H2: चार सप्ताह में मांगा गया जवाब
मामले की सुनवाई करते हुए Justice Rajan Roy और Justice Pramod Kumar Srivastava की खंडपीठ ने सभी प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।प्रतिवादियों में शामिल हैं:
- भारत सरकार
- CBSE
- परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examinations)
- उत्तर प्रदेश सरकार
अदालत ने यह भी कहा कि जवाब मिलने के बाद याचिकाकर्ता दो सप्ताह के भीतर अपना प्रत्युत्तर दाखिल कर सकेंगे।
H2: लखनऊ के अधिवक्ता ने दायर की PIL
यह जनहित याचिका लखनऊ निवासी अधिवक्ता Mohit Ashok ने स्वयं अदालत में प्रस्तुत की है।
याचिका में दावा किया गया है कि OSM प्रणाली को बिना पर्याप्त तैयारी और प्रशिक्षित मूल्यांकनकर्ताओं के लागू किया गया, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया में गंभीर खामियां सामने आईं।
H3: ‘संस्थागत विफलता’ का लगाया आरोप
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की जल्दबाजी में शुरुआत से "व्यापक संस्थागत विफलता" की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसका असर देशभर के लाखों छात्रों पर पड़ा।
याचिका में मूल्यांकन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई है।
H2: विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग
PIL में अदालत से अनुरोध किया गया है कि OSM प्रणाली के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित की जाए।
याचिका में यह मांग भी की गई है कि:
- OSM प्रणाली में कथित खामियों की जांच कराई जाए।
- प्रभावित छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए।
- पुनर्मूल्यांकन के लिए छात्रों से कोई शुल्क न लिया जाए।
- केवल प्रशिक्षित मूल्यांकनकर्ताओं से ही कॉपियों की जांच कराई जाए।
H2: अगस्त में होगी अगली सुनवाई
सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों की ओर से अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया।
अदालत ने समय देने के साथ मामले की अगली सुनवाई अगस्त 2026 में निर्धारित कर दी है।
H3: परिणाम जारी होने के बाद बढ़ा विवाद
CBSE ने 15 मई 2026 को कक्षा 12 का परिणाम घोषित किया था। इसके बाद On-Screen Marking प्रणाली को लेकर कई छात्रों और अभिभावकों ने सवाल उठाए।
बोर्ड ने 19 मई 2026 को उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी, जो 25 मई 2026 तक खुली रही।
H2: क्या है On-Screen Marking (OSM) सिस्टम?
On-Screen Marking (OSM) एक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली है, जिसमें परीक्षकों को उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाती हैं और मूल्यांकन कंप्यूटर स्क्रीन पर किया जाता है।
CBSE का दावा है कि यह प्रणाली मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीकी रूप से सक्षम बनाती है। हालांकि, हाल के परिणामों के बाद इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
Key Highlights:
- CBSE के On-Screen Marking सिस्टम को हाईकोर्ट में चुनौती।
- इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्र और CBSE से जवाब मांगा।
- चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश।
- लखनऊ के अधिवक्ता Mohit Ashok ने दायर की PIL।
- स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग।
- प्रभावित छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के मुफ्त पुनर्मूल्यांकन की मांग।
- मामले की अगली सुनवाई अगस्त 2026 में होगी।
FAQ Section:
Q1. OSM सिस्टम क्या है?
OSM (On-Screen Marking) एक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली है जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी ऑनलाइन जांची जाती है।
Q2. हाईकोर्ट में याचिका किसने दायर की?
लखनऊ के अधिवक्ता Mohit Ashok ने जनहित याचिका दायर की है।
Q3. याचिका में क्या मांग की गई है?
स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठन, OSM की जांच और प्रभावित छात्रों की कॉपियों के मुफ्त पुनर्मूल्यांकन की मांग की गई है।
Q4. कोर्ट ने किसे नोटिस जारी किया है?
केंद्र सरकार, CBSE, परीक्षा नियंत्रक और उत्तर प्रदेश सरकार को।
Q5. अगली सुनवाई कब होगी?
मामले की अगली सुनवाई अगस्त 2026 में निर्धारित की गई है।
Conclusion:
CBSE के On-Screen Marking सिस्टम को लेकर उठे विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा जवाब तलब किए जाने के बाद इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं। आने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकेगा कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में वास्तव में कोई खामी रही या नहीं और छात्रों की चिंताओं का समाधान किस प्रकार किया जाएगा।

