NIA Action: 4 राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी, भारत-पाक सीमा से जुड़े हथियार और IED तस्करी नेटवर्क की जांच तेज

उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में NIA की बड़ी कार्रवाई, आतंकी साजिश से जुड़े डिजिटल उपकरण जब्त

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भारत-पाक सीमा से जुड़े हथियार, गोला-बारूद और IED तस्करी मामले में चार राज्यों में एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी ने कई डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं और देशभर में आतंकी हमलों की साजिश के एंगल से मामले की जांच तेज कर दी है।

आतंकी साजिश की जांच में NIA की बड़ी कार्रवाई

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को भारत-पाक सीमा से जुड़े हथियार, गोला-बारूद और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) तस्करी मामले में बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया। एजेंसी ने उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों में करीब एक दर्जन स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाकर महत्वपूर्ण सबूत जुटाए।

NIA के अनुसार, यह कार्रवाई देश के विभिन्न हिस्सों में विस्फोट करने की कथित आतंकी साजिश की जांच के तहत की गई है।

H2: चार राज्यों में हुई समन्वित छापेमारी

जांच एजेंसी ने जिन राज्यों में कार्रवाई की, उनमें शामिल हैं:

  • उत्तर प्रदेश – 4 स्थान
  • राजस्थान – 2 स्थान
  • बिहार – 2 स्थान
  • महाराष्ट्र – 3 स्थान

NIA अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान के दौरान कई महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

H3: फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए डिजिटल डिवाइस

छापेमारी के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन, डिजिटल स्टोरेज डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

एजेंसी का मानना है कि इन उपकरणों से पूरे नेटवर्क, उसके संपर्कों और संभावित साजिशकर्ताओं के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।

H2: पंजाब से हुई थी मामले की शुरुआत

इस मामले की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी, जब पंजाब पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस सेल ने अमृतसर में एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।

गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से बरामद हुए:

  • धातु के केस में पैक किया गया IED
  • रिमोट कंट्रोल सेट
  • विदेशी निर्मित .30 बोर पिस्तौल
  • मैगजीन
  • 20 जिंदा कारतूस
  • मोबाइल फोन

इन बरामदगी के बाद मामले ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर आयाम ले लिए थे।

H2: कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ था केस

प्रारंभिक जांच के आधार पर मामला विभिन्न कानूनों के तहत दर्ज किया गया था, जिनमें शामिल हैं:

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
  • गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम [UAPA]
  • आर्म्स एक्ट
  • विस्फोटक पदार्थ अधिनियम
  • NDPS एक्ट

बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच NIA को सौंप दी गई।

H3: दिल्ली, पंजाब समेत कई क्षेत्रों को बनाया जा सकता था निशाना

जांच के दौरान एजेंसियों को संकेत मिले कि तस्करी कर लाए गए हथियार और विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में IED विस्फोटों के लिए किया जा सकता था।

हालांकि, NIA ने अभी तक विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है और मामले की जांच जारी है।

H2: सीमा पार नेटवर्क की तलाश में जांच एजेंसियां

NIA अब इस पूरे नेटवर्क के पीछे मौजूद सीमा पार कनेक्शन, फंडिंग चैनल, हथियार आपूर्ति श्रृंखला और स्थानीय सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया छापेमारी से जांच को नई दिशा मिल सकती है और आतंकी नेटवर्क के कई अहम राज सामने आ सकते हैं।


Key Highlights:

  • NIA ने चार राज्यों में एक साथ छापेमारी की।
  • उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में कार्रवाई।
  • हथियार, गोला-बारूद और IED तस्करी मामले की जांच।
  • कई डिजिटल उपकरण जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए।
  • मामला फरवरी में अमृतसर से हुई गिरफ्तारी से जुड़ा।
  • IED, विदेशी पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए थे।
  • पंजाब, दिल्ली और अन्य क्षेत्रों में विस्फोट की साजिश की आशंका।
  • सीमा पार आतंकी नेटवर्क की जांच तेज।

FAQ Section:

Q1. NIA ने किन राज्यों में छापेमारी की?

उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में तलाशी अभियान चलाया गया।

Q2. यह मामला किससे जुड़ा है?

यह मामला भारत-पाक सीमा से जुड़े हथियार, गोला-बारूद और IED तस्करी नेटवर्क से संबंधित है।

Q3. जांच में क्या बरामद हुआ था?

पहले की कार्रवाई में IED, रिमोट कंट्रोल, विदेशी पिस्तौल, कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए थे।

Q4. NIA ने क्या जब्त किया है?

हालिया छापेमारी के दौरान कई डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।

Q5. संभावित निशाने कौन से क्षेत्र थे?

प्रारंभिक जांच के अनुसार पंजाब, दिल्ली और अन्य क्षेत्रों में विस्फोट की साजिश रची जा रही थी।


Conclusion:

भारत-पाक सीमा से जुड़े हथियार और IED तस्करी मामले में NIA की यह बड़ी कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चार राज्यों में हुई समन्वित छापेमारी और डिजिटल सबूतों की बरामदगी से जांच एजेंसियों को आतंकी नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। आने वाले दिनों में फोरेंसिक रिपोर्ट और जांच के आधार पर कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।Screenshot_1882

Edited By: Karan Singh

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