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स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 से पहले रोहतक नगर निगम की बड़ी तैयारी
स्वच्छता सुधार और जनजागरूकता पर विशेष फोकस, पिछली कमियों को दूर करने का लक्ष्य
Rohtak Municipal Corporation स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 में बेहतर रैंकिंग के लिए कमर कस चुकी है। नए सर्वे टूलकिट के तहत अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है और स्वच्छता के सभी मानकों पर सख्ती से अमल के निर्देश जारी किए गए हैं।
पिछले वर्ष हरियाणा के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब गंवाने के बाद Rohtak Municipal Corporation (एमसी) आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 में प्रदर्शन सुधारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। निगम शहर की सफाई व्यवस्था मजबूत करने और जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
इस पहल के तहत एमसी अधिकारियों को केंद्र सरकार द्वारा जारी नए सर्वे टूलकिट पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इस टूलकिट में उन महत्वपूर्ण क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है, जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि शहर की रैंकिंग में सुधार हो सके। प्रशिक्षण सत्र में कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक शामिल हुए।
एक अधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष के सर्वेक्षण में रोहतक राज्य रैंकिंग में पांचवें स्थान पर खिसक गया था, हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर उसने बड़ी छलांग लगाते हुए 109वें स्थान से 25वें स्थान तक पहुंच बनाई थी। अब निगम राज्य और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कमियों को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पिछली बार एमसी ने कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था—बाजार क्षेत्रों और जल निकायों की स्वच्छता में 100 प्रतिशत अंक, घर-घर कचरा संग्रहण में 96 प्रतिशत, आवासीय क्षेत्रों की स्वच्छता में 95 प्रतिशत और डंपसाइट सुधार में 93 प्रतिशत।
हालांकि कुछ श्रेणियों में प्रदर्शन कमजोर रहा—सार्वजनिक शौचालयों की सफाई में 80 प्रतिशत, कचरा उत्पादन बनाम प्रसंस्करण में 75 प्रतिशत और स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण में केवल 58 प्रतिशत अंक मिले। इस बार प्रशासन सभी क्षेत्रों पर समान रूप से ध्यान केंद्रित कर रहा है।
नगर निगम आयुक्त Dr Anand Kumar Sharma ने सभी स्वच्छता गतिविधियों में सुव्यवस्थित योजना अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में स्वच्छता नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और कूड़ा फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाए।
उन्होंने कहा, “नए टूलकिट प्रशिक्षण से स्वच्छता विभाग को कमजोर क्षेत्रों की पहचान करने और प्राथमिकता तय करने में मदद मिली है। प्रत्येक कार्य नियोजित ढंग से किया जाएगा। हमारी टीमें इस योजना के तहत मेहनत कर रही हैं और नागरिकों को भी शहर को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।”
विशेष रूप से बड़े कचरा उत्पादकों (Bulk Waste Generators – BWGs) जैसे होटल, अस्पताल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, स्कूल, कॉलेज और अन्य बड़े संस्थानों पर ध्यान केंद्रित किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो संस्थान स्वयं या किसी एजेंसी के माध्यम से कचरे का प्रबंधन नहीं करते, उन्हें नोटिस या जुर्माना जारी किया जाए।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि BWGs को अपने परिसर के बाहर बड़े डस्टबिन रखने होंगे ताकि कूड़ा इधर-उधर न फैले। यदि कोई संस्था स्वयं कचरा प्रबंधन करने में सक्षम नहीं है, तो उसे नगर निगम के साथ कचरा संग्रहण, परिवहन और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए औपचारिक समझौता करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि बिना समझौते के निगम की सेवाओं का उपयोग नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और ऐसे संस्थानों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
