महान शास्त्रीय गायक पंडित जसराज की जयंती के अवसर पर सोमवार को फतेहाबाद जिले के उनके पैतृक गांव पीली मंडोरी में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पर लगभग 90 मिनट देरी से पहुंचे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, पंडित जसराज की पुत्री दुर्गा जसराज, प्रसिद्ध गायक अनूप जलोटा तथा पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने गांव के पुस्तकालय परिसर में पंडित जसराज की प्रतिमा का अनावरण भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंडित जसराज केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि स्वयं एक संस्थान थे। उन्होंने कहा कि यह अवसर इसलिए भी विशेष है क्योंकि पंडित जसराज की जयंती पंडित जसराज सांस्कृतिक फाउंडेशन की चौथी वर्षगांठ के साथ आई है, जिसकी आधारशिला वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फाउंडेशन युवा पीढ़ी तक पंडित जसराज की शास्त्रीय संगीत विरासत को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 1930 में पीली मंडोरी गांव में जन्मे पंडित जसराज ने कम उम्र में पिता को खोने के बावजूद भारतीय शास्त्रीय संगीत में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि हरियाणा की समृद्ध संगीत परंपरा पर पंडित जसराज जैसे महान कलाकारों की अमिट छाप है।
इस अवसर पर भावुक होते हुए दुर्गा जसराज ने कहा कि उनके पिता को जो भी सम्मान और पहचान मिली, उसकी जड़ें पीली मंडोरी गांव से जुड़ी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पंचकूला में भव्य सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना और बड़े स्तर पर संगीत महोत्सव आयोजित करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा।
प्रसिद्ध गायक अनूप जलोटा ने भी पंडित जसराज को श्रद्धांजलि अर्पित की, उनके योगदान को याद किया और एक भजन की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
