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हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र 27 अप्रैल को, क्लेरिकल सर्विसेज बिल होगा पेश
ग्रुप D कर्मचारियों को पदोन्नति का रास्ता आसान करने के लिए 30% कोटा प्रस्तावित
हरियाणा सरकार 27 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र में हरियाणा क्लेरिकल सर्विसेज बिल 2026 पेश करेगी। इस बिल के जरिए ग्रुप D कर्मचारियों को क्लर्क पद पर पदोन्नति के अवसर बढ़ाए जाएंगे।
हरियाणा विधानसभा का एक विशेष सत्र 27 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा, जिसमें हरियाणा क्लेरिकल सर्विसेज (भर्ती और सेवा की शर्तें) विधेयक, 2026 पेश किया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रुप D कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के अवसर बढ़ाना है।
यह निर्णय गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में लिया गया।
कैबिनेट ने कॉमन कैडर में ग्रुप D कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए नियम बनाने पर सहमति जताई है। जिन कर्मचारियों ने पांच साल से अधिक सेवा पूरी कर ली है, वे क्लर्क पद पर पदोन्नति के लिए पात्र होंगे।
प्रस्तावित विधेयक के तहत ग्रुप D से क्लर्क पद पर पदोन्नति का कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, 5 प्रतिशत पद एक्स-ग्रेशिया आधार पर आरक्षित रखने का भी प्रस्ताव है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिससे महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने बताया कि 2015 में शुरू किया गया ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान समाज की सोच में बदलाव लाने में सहायक रहा है। पिछले 11.5 वर्षों में महिला सशक्तिकरण की यात्रा लगातार आगे बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और खेल जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। भारतीय बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है और सशस्त्र बलों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर में शौचालय सुनिश्चित करने जैसे अभियानों ने महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा प्रदान की, भले ही उस समय विपक्ष ने इसका मजाक उड़ाया था।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं के अपने घर का सपना पूरा हुआ है। हरियाणा में पिछले लगभग 11 वर्षों में करीब 1.6 लाख घर बनाए गए हैं, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं।
उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं को गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ता था, जबकि अब उज्ज्वला योजना के तहत उन्हें एलपीजी कनेक्शन मिल रहे हैं। इसी तरह पहले महिलाओं को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता था, लेकिन अब हर घर में साफ पानी की सुविधा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह लोगों को गुमराह करने के लिए झूठ फैलाता है, लेकिन जनता सच्चाई समझती है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और नक्सलवाद जैसे मुद्दों को, जो उनके अनुसार कांग्रेस सरकार की नीतियों के कारण उत्पन्न हुए थे, अब सुलझाया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है, जबकि कांग्रेस शासन में गरीबी बढ़ी थी।

