अलीगढ़ की शेखा झील बनी रामसर साइट, यूपी को मिला बड़ा पर्यावरणीय सम्मान

राज्य में अंतरराष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड्स की संख्या बढ़कर 12, देश में कुल 99 हुई

On

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित शेखा झील बर्ड सैंक्चुअरी को रामसर साइट का दर्जा मिला है। इससे राज्य में अंतरराष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड्स की संख्या 12 हो गई है और भारत का कुल आंकड़ा 99 तक पहुंच गया है।

भारत के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों को बड़ी मजबूती देते हुए उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित शेखा झील बर्ड सैंक्चुअरी को रामसर साइट घोषित किया गया है। यह उपलब्धि राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिससे यूपी में अंतरराष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड्स (आर्द्रभूमि) की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। अब इस मामले में उत्तर प्रदेश, 20 रामसर साइट्स वाले तमिलनाडु के बाद दूसरे स्थान पर है, जबकि देशभर में इनकी कुल संख्या 99 हो गई है।

शेखा झील न केवल वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्रीय भूजल स्तर बनाए रखने और जलवायु अस्थिरता से बचाव में भी अहम भूमिका निभाती है।

इस झील और इसके आसपास के दलदली क्षेत्रों में 62 प्रकार की आर्द्रभूमि पर निर्भर प्रजातियां पाई जाती हैं, जिससे यह पारिस्थितिक संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र बन जाता है।

रामसर साइट्स वे आर्द्रभूमि क्षेत्र होते हैं जिन्हें 1971 में स्थापित रामसर कन्वेंशन के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व का दर्जा दिया जाता है। यह संधि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए देशों के बीच हुए शुरुआती वैश्विक समझौतों में से एक है। इसका उद्देश्य विश्वभर में आर्द्रभूमियों के संरक्षण और उनके सतत उपयोग को सुनिश्चित करना है।

शेखा झील को यह दर्जा मिलने से इसे पक्षियों के लिए एक प्रमुख आवास के रूप में मान्यता मिली है। यह क्षेत्र सेंट्रल एशियन फ्लाईवे पर आने-जाने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

यहां सर्दियों के मौसम में बार-हेडेड गूज, पेंटेड स्टॉर्क और विभिन्न प्रकार की बतख जैसी प्रवासी पक्षियां आती हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस उपलब्धि को साझा करते हुए कहा कि सतत विकास और पर्यावरण संतुलन के साथ नया उत्तर प्रदेश नई मिसालें स्थापित कर रहा है।

राज्य के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री अरुण के. सक्सेना ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि रामसर साइट घोषित कराने के लिए बहुआयामी प्रयास करने पड़ते हैं और अब यूपी इस मामले में देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।

इस दर्जे से अलीगढ़ क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकेगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और यह क्षेत्र शोधकर्ताओं और पर्यावरण वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

उत्तर प्रदेश में अन्य प्रमुख रामसर साइट्स में अपर गंगा नदी (हापुड़, बुलंदशहर, संभल और अमरोहा), नवाबगंज बर्ड सैंक्चुअरी (उन्नाव), सरसई नावर झील (इटावा), समसपुर बर्ड सैंक्चुअरी (रायबरेली), सांडी बर्ड सैंक्चुअरी (हरदोई), समान बर्ड सैंक्चुअरी (मैनपुरी), पार्वती-अरगा बर्ड सैंक्चुअरी (गोंडा), सूर सरोवर बर्ड सैंक्चुअरी (आगरा), हैदरपुर वेटलैंड (मुजफ्फरनगर), बखिरा बर्ड सैंक्चुअरी (संत कबीर नगर), पटना बर्ड सैंक्चुअरी (एटा) और अब शेखा झील बर्ड सैंक्चुअरी (अलीगढ़) शामिल हैं।

इन सभी रामसर साइट्स का कुल क्षेत्रफल लगभग 39,914.27 हेक्टेयर है, जो राज्य के कुल 12,42,530 हेक्टेयर आर्द्रभूमि क्षेत्र का लगभग 3.21% है (राष्ट्रीय आर्द्रभूमि एटलस के अनुसार)।

आर्द्रभूमियां कार्बन को अवशोषित करने का काम करती हैं और प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ के समय जल नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।Screenshot_643

Edited By: Karan Singh

खबरें और भी हैं

अलीगढ़ की शेखा झील बनी रामसर साइट, यूपी को मिला बड़ा पर्यावरणीय सम्मान

नवीनतम

Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software