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CM नायब सैनी के बावल दौरे से पहले कांग्रेस नेता हिरासत में, NSUI नेता और जिला अध्यक्ष को किया हाउस अरेस्ट
समरसता सम्मेलन और प्रतिभा सम्मान समारोह से पहले पुलिस की कार्रवाई पर कांग्रेस का हमला, BJP ने बताया मुख्यमंत्री की सुरक्षा से जुड़ा एहतियाती कदम
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बावल दौरे से पहले कांग्रेस नेता छबरी को पुलिस ने एहतियाती तौर पर हिरासत में ले लिया। NSUI नेता रवि मसीत और रेवाड़ी शहरी जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रनीन चौधरी को भी अलग-अलग घर में नजरबंद किया गया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बावल दौरे से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस नेता छबरी को पुलिस ने एहतियाती कार्रवाई के तहत हिरासत में ले लिया, जबकि NSUI नेता रवि मसीत और रेवाड़ी शहरी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रनीन चौधरी को अलग-अलग स्थानों पर हाउस अरेस्ट किया गया।
पुलिस की यह कार्रवाई बावल में मेघवाल उत्थान समिति द्वारा आयोजित समरसता सम्मेलन और प्रतिभा सम्मान समारोह से पहले की गई। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने और पुलिस का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेता
बताया गया कि छबरी कांग्रेस कार्यालय से बाहर निकल रहे थे। इससे पहले उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हालिया गुरुग्राम दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की निंदा की गई थी।इसके बाद पुलिस ने उन्हें एहतियाती तौर पर हिरासत में ले लिया।
पुलिस कार्रवाई को मुख्यमंत्री के बावल दौरे से पहले सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
NSUI नेता और कांग्रेस जिला अध्यक्ष को भी हाउस अरेस्ट
पुलिस ने NSUI नेता रवि मसीत को भी हाउस अरेस्ट किया। इसके अलावा रेवाड़ी शहरी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रनीन चौधरी को भी घर में नजरबंद किया गया।
कांग्रेस नेताओं ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक विरोध को रोकने का प्रयास बताया।
कांग्रेस ने सरकार पर लगाया लोकतंत्र विरोधी कार्रवाई का आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता संजय दत्त ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को संबोधित एक पोस्ट में सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री के दौरे वाले हर जिले में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को इसी तरह हिरासत में लिया जाएगा।
उन्होंने पुलिस कार्रवाई को कथित रूप से अवैध और अलोकतांत्रिक बताते हुए सरकार पर बढ़ते जनआक्रोश के कारण घबराहट में काम करने का आरोप लगाया।
संजय दत्त ने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री के हरियाणा के अलग-अलग जिलों के दौरे के दौरान सरकार को दूसरों की स्वतंत्रता सीमित करने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करना पड़ेगा।
राव नरेंद्र सिंह ने बताया लोकतंत्र पर हमला
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने छबरी को हिरासत में लिए जाने की निंदा की।
उन्होंने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री के हर जिले के दौरे के दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जाएगा।
राव नरेंद्र सिंह ने राज्य सरकार पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
गुरुग्राम घटना के बाद हुई एहतियाती कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के गुरुग्राम दौरे के दौरान हुई एक घटना के बाद की गई। उस मामले में आठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था।
आरोप था कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने का प्रयास किया और उन्हें काले झंडे दिखाने की कोशिश की।
पुलिस का कहना है कि बावल और रेवाड़ी क्षेत्र में इसी तरह की गतिविधि की संभावना को लेकर खुफिया सूचनाएं मिली थीं। इसके बाद संभावित सुरक्षा स्थिति को देखते हुए एहतियाती कार्रवाई की गई।
सुरजेवाला और कैप्टन अजय यादव ने भी जताई नाराजगी
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुरुग्राम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लोकतंत्र और विरोध के अधिकार पर हमला बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के साथ खड़े कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है।
वहीं, पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने पुलिस कार्रवाई को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
उन्होंने गुरुग्राम में विरोध कर रहे कांग्रेस युवा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज FIR और की गई गिरफ्तारियों की समीक्षा करने की मांग की।
BJP ने बताया सुरक्षा प्रोटोकॉल का मामला
वहीं, BJP के एक वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस कार्रवाई का उद्देश्य विरोध के अधिकार को खत्म करना नहीं था।
उनके अनुसार, मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करना जरूरी था। BJP नेता ने दावा किया कि गुरुग्राम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया था।
उन्होंने कहा कि खुफिया एजेंसियों से ऐसी जानकारी मिली थी कि रेवाड़ी क्षेत्र में भी इसी तरह की कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है। इसी कारण पुलिस ने एहतियाती कदम उठाए।
Key Highlights:
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बावल दौरे से पहले कांग्रेस नेता छबरी हिरासत में।
- NSUI नेता रवि मसीत को हाउस अरेस्ट किया गया।
- रेवाड़ी शहरी जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रनीन चौधरी भी नजरबंद।
- कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र विरोधी बताया।
- कांग्रेस प्रवक्ता संजय दत्त ने मुख्यमंत्री के दौरों पर सवाल उठाए।
- राव नरेंद्र सिंह ने राज्य सरकार पर सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
- गुरुग्राम में पहले आठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई थी।
- BJP ने कार्रवाई को मुख्यमंत्री की सुरक्षा से जुड़ा एहतियाती कदम बताया।
FAQ Section:
सवाल: कांग्रेस नेता छबरी को क्यों हिरासत में लिया गया?
जवाब: पुलिस के अनुसार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बावल दौरे से पहले संभावित सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए एहतियाती कार्रवाई की गई।
सवाल: किन अन्य कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई हुई?
जवाब: NSUI नेता रवि मसीत और रेवाड़ी शहरी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रनीन चौधरी को भी अलग-अलग स्थानों पर हाउस अरेस्ट किया गया।
सवाल: कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर क्या आरोप लगाए?
जवाब: कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस और सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर राजनीतिक विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है।
सवाल: पुलिस ने कार्रवाई का क्या कारण बताया?
जवाब: पुलिस ने कहा कि गुरुग्राम में मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने और काले झंडे दिखाने की कथित घटना के बाद रेवाड़ी क्षेत्र में भी इसी तरह की गतिविधि की आशंका थी।
सवाल: BJP का इस कार्रवाई पर क्या कहना है?
जवाब: BJP के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, कार्रवाई विरोध के अधिकार को रोकने के लिए नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के लिए की गई।
Conclusion:
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बावल दौरे से पहले कांग्रेस नेताओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई ने हरियाणा की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है, जबकि BJP और पुलिस इसे मुख्यमंत्री की सुरक्षा से जुड़ी एहतियाती कार्रवाई करार दे रहे हैं। आने वाले समय में यह मामला राज्य में सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकता है।
