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जालंधर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से बिगड़े हालात, सड़कों पर कचरे के ढेर; 607 करोड़ के प्रोजेक्ट पर विवाद
निजी कंपनी को कचरा प्रबंधन सौंपने की आशंका के विरोध में कर्मचारी हड़ताल पर, कांग्रेस और BJP ने AAP सरकार व मेयर को घेरा
जालंधर में सफाई कर्मचारियों की जारी हड़ताल के कारण शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर लग गए हैं। 607 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को लेकर कर्मचारी संगठन और नगर निगम आमने-सामने हैं।
जालंधर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। कई प्रमुख इलाकों और सड़कों पर कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह फैले कचरे से दुर्गंध की समस्या भी बढ़ गई है।
रविवार को शहर में बिगड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया। कांग्रेस और BJP ने अलग-अलग प्रदर्शन करते हुए आम आदमी पार्टी सरकार और जालंधर के मेयर वनीत धीर को निशाने पर लिया।
सड़कों पर कचरे के ढेर, यातायात भी प्रभावितसफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर रविवार को शहर के कई हिस्सों में साफ दिखाई दिया। टांडा रोड के हिस्से में जमा कचरे के कारण रास्ता तक बाधित हो गया।
कचरे के ढेर के बीच वाहनों को निकलने में परेशानी हुई, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को भी रास्ता बदलना पड़ा। नकोदर रोड, प्रताप बाग और प्लाजा चौक के आसपास भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली। इन इलाकों में जमा कचरे के कारण लोगों को दुर्गंध और असुविधा का सामना करना पड़ा।
607 करोड़ के कचरा प्रबंधन प्रोजेक्ट पर विवाद
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल नगर निगम द्वारा 607 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को मंजूरी दिए जाने के बाद शुरू हुई है।
कर्मचारी यूनियन इस परियोजना का विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि अगर कचरा प्रबंधन का काम निजी कंपनी को सौंपा जाता है तो मौजूदा सफाई कर्मचारियों की नौकरियों पर खतरा पैदा हो सकता है।
कर्मचारी संगठनों ने 1,196 कर्मचारियों की स्थायी भर्ती की मांग भी उठाई है।
BJP ने कई स्थानों पर किया प्रदर्शन
जालंधर में BJP ने रविवार को अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किया। पार्टी के जालंधर अध्यक्ष अशोक सरीन हिक्की के नेतृत्व में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सफाई व्यवस्था को लेकर विरोध जताया।
BJP नेताओं ने कहा कि शहर में जगह-जगह जमा कचरा नगर निकाय की व्यवस्था की विफलता को उजागर कर रहा है। उन्होंने AAP सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने भी AAP सरकार को घेरा
कांग्रेस ने भी शहर में खराब होती सफाई व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन किया। पूर्व कांग्रेस विधायक राजिंदर बेरी ने कहा कि सरकार को केवल फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने के बजाय शहरवासियों के स्वास्थ्य और उनकी बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने सफाई व्यवस्था को लेकर सरकार और मेयर की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए।
AAP के कार्यक्रम के बीच सियासत तेज
दिलचस्प बात यह रही कि जब कांग्रेस और BJP सफाई व्यवस्था के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे थे, उसी दौरान AAP की ओर से शहर में “Youth for Run” कार्यक्रम आयोजित किया गया।
विपक्षी दलों ने इसी को लेकर AAP सरकार पर निशाना साधा और कहा कि शहर में स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी जमीनी समस्याओं पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए।
Key Highlights:
- जालंधर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित।
- कई इलाकों में कचरे के ढेर लगने से दुर्गंध और परेशानी बढ़ी।
- टांडा रोड पर जमा कचरे से यातायात भी प्रभावित हुआ।
- नकोदर रोड, प्रताप बाग और प्लाजा चौक में भी कचरा जमा हुआ।
- नगर निगम ने 607 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।
- सफाई कर्मचारी यूनियन निजी कंपनी को काम सौंपने की आशंका का विरोध कर रही है।
- यूनियनों ने 1,196 कर्मचारियों की स्थायी भर्ती की मांग की है।
- BJP और कांग्रेस ने रविवार को सफाई व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन किया।
- विपक्ष ने AAP सरकार और जालंधर मेयर वनीत धीर को निशाने पर लिया।
FAQ Section:
जालंधर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल क्यों चल रही है?
सफाई कर्मचारी 607 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। उन्हें आशंका है कि कचरा प्रबंधन का काम निजी कंपनी को दिए जाने से मौजूदा कर्मचारियों की नौकरियों पर असर पड़ सकता है।
सफाई कर्मचारी क्या मांग कर रहे हैं?
कर्मचारी यूनियन 1,196 कर्मचारियों की स्थायी भर्ती की मांग कर रही है। इसके अलावा वे निजी कंपनी को कचरा प्रबंधन सौंपने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं।
हड़ताल का जालंधर में क्या असर हुआ?
कई इलाकों में कचरा नहीं उठने के कारण सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर जमा हो गए हैं। इससे यातायात, पैदल आवाजाही और स्थानीय लोगों को दुर्गंध की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
किन इलाकों में कचरा जमा होने की बात सामने आई?
टांडा रोड, नकोदर रोड, प्रताप बाग और प्लाजा चौक सहित कई स्थानों पर कचरा जमा होने की जानकारी सामने आई है।
राजनीतिक दलों ने क्या प्रतिक्रिया दी?
BJP और कांग्रेस ने सफाई व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन किया और AAP सरकार तथा स्थानीय नगर निगम प्रशासन पर सवाल उठाए।
Conclusion:
जालंधर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। एक तरफ 607 करोड़ रुपये के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को लेकर कर्मचारी अपनी नौकरियों को लेकर चिंतित हैं, वहीं दूसरी तरफ कचरा न उठने से आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है। कांग्रेस और BJP के प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है। आने वाले दिनों में नगर निगम और कर्मचारी यूनियनों के बीच समाधान निकलना शहर की सफाई व्यवस्था को सामान्य करने के लिए बेहद जरूरी होगा।
