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पिहोवा में धान घोटाले के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन
बीकेयू ने दोषियों पर कार्रवाई और सीबीआई जांच की मांग उठाई
भारतीय किसान यूनियन (पिहोवा) के बैनर तले किसानों ने धान घोटाले के विरोध में प्रदर्शन कर अधिकारियों और राइस मिलर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन (पिहोवा) के बैनर तले किसानों के एक समूह ने सोमवार को पिहोवा में दो घंटे का सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया और धान घोटाले में शामिल अधिकारियों तथा राइस मिलर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में पिहोवा एसडीएम कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और एसडीएम अनिल कुमार को ज्ञापन भी सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बीकेयू के प्रवक्ता प्रिंस वराइच ने कहा, “यूनियन पिहोवा में धान घोटाले के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रही है। हाल ही में सोशल मीडिया पर तीन ऑडियो क्लिप वायरल हुए हैं, जिनमें राइस मिलर्स भौतिक सत्यापन के लिए आने वाली टीम को पैसे देने की बात करते सुने जा सकते हैं।”
उन्होंने बताया कि एक एसोसिएशन के वित्तीय विवरण भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिनमें उन लोगों और विभागों के नाम दर्ज हैं जिन्हें पैसे दिए गए। उन्होंने कहा कि ये सभी तथ्य एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करते हैं।
प्रिंस वराइच ने मांग की कि उन सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए, जिन्होंने ऐसे राइस मिलर्स को धान आवंटित किया जो मिलिंग नीति के तहत पात्र नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मिलर्स की क्षमता और बुनियादी ढांचे का सत्यापन किए बिना धान आवंटित किया गया।
किसानों ने मांग की कि राइस मिलर्स के खिलाफ दर्ज दो एफआईआर की जांच किसी आईपीएस अधिकारी से करवाई जाए। साथ ही, चावल मिलों का भौतिक सत्यापन उपायुक्त की निगरानी में किया जाए और वायरल ऑडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक जांच करवाई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों से लाया गया पीडीएस का चावल डिफॉल्टर राइस मिलर्स द्वारा सरकार को वापस किया जाए। किसानों ने पूरे धान घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपने की भी मांग की।
प्रिंस वराइच ने बताया कि एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
