प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया, पश्चिम एशिया संकट पर जताई चिंता

वैश्विक संकट से ईंधन, गैस और खाद्य आपूर्ति प्रभावित; एकजुट रहने की अपील

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का उद्घाटन करते हुए पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के प्रभावों पर चिंता जताई और देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि वैश्विक अस्थिरता का असर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर पड़ रहा है, जिससे निपटने के लिए राष्ट्रीय एकजुटता जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ईंधन, गैस, उर्वरक और खाद्य पदार्थों की आपूर्ति में कमी और कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। भारत की कच्चे तेल के आयात के लिए इस क्षेत्र पर निर्भरता को देखते हुए स्थिति संवेदनशील है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार आम लोगों और किसानों को इस संकट के प्रभाव से बचाने के लिए प्रयास कर रही है।

प्रधानमंत्री ने नागरिकों से शांति, धैर्य और एकजुटता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि संकट से निपटने में देश की एकता सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने एयरपोर्ट के उद्घाटन को “विकसित भारत” अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास के नए चरण की शुरुआत है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इस परियोजना की आधारशिला उन्होंने ही रखी थी और अब इसका उद्घाटन कर रहे हैं।

यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कई हिस्सों—जैसे आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ और फरीदाबाद—को सेवा प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परियोजना किसानों, छोटे व्यवसायों और युवाओं के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा करेगी और क्षेत्र को वैश्विक बाजारों से जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि यहां से विमान संचालन शुरू होने के बाद यह क्षेत्र व्यापार और आवागमन का प्रमुख केंद्र बन जाएगा।

बिना किसी दल का नाम लिए उन्होंने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले के नेता अंधविश्वास के कारण नोएडा जाने से बचते थे, जिससे विकास प्रभावित हुआ। अब यह क्षेत्र दुनिया से जुड़ने और भारत की प्रगति में योगदान देने के लिए तैयार है।

उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाल के बुनियादी ढांचा विकास कार्यों का भी उल्लेख किया, जैसे नोएडा में सेमीकंडक्टर सुविधा, मेरठ मेट्रो का विस्तार और दिल्ली-Meerut नमो भारत कॉरिडोर। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र को एक बड़े आर्थिक केंद्र में बदल रही हैं।

प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरने पर भी जोर दिया और बताया कि यह पूर्वी और पश्चिमी तटों के बंदरगाहों से जुड़े समर्पित माल गलियारों के करीब है, जिससे कृषि और औद्योगिक उत्पाद तेजी से वैश्विक बाजारों तक पहुंच सकेंगे।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना को पहली बार 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में मंजूरी मिली थी, लेकिन हाल के वर्षों में इसे गति मिली और अब यह पूरी तरह तैयार है।

प्रधानमंत्री ने उन किसानों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस परियोजना के लिए अपनी जमीन दी और कहा कि इससे खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात के नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गन्ने से एथेनॉल उत्पादन ने कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद की है।

विमानन क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे अब केवल बुनियादी ढांचा नहीं, बल्कि आर्थिक विकास के इंजन बन गए हैं। उन्होंने बताया कि भारत में अब 160 से अधिक हवाई अड्डे हैं और उत्तर प्रदेश इसमें महत्वपूर्ण योगदान देता है।

इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हवाई अड्डे को राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया, जबकि नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि इसे एयरो-ट्रोपोलिस के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे लॉजिस्टिक्स, कार्गो और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।Screenshot_2501

Edited By: Karan Singh

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