जेवर एयरपोर्ट बनेगा यूपी की अर्थव्यवस्था का इंजन: योगी आदित्यनाथ

निवेश, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा, वैश्विक पहचान मजबूत होगी

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट राज्य के आर्थिक विकास को नई गति देगा और इसे वैश्विक पहचान दिलाएगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि जेवर स्थित नव उद्घाटित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट राज्य की आर्थिक वृद्धि के लिए “लॉन्चपैड” का काम करेगा। यह निवेश, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देगा तथा उत्तर प्रदेश को वैश्विक पहचान दिलाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य के विमानन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रधानमंत्री को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने पेट्रोलियम आपूर्ति को स्थिर बनाए रखा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह एयरपोर्ट “विकसित भारत” के व्यापक विजन का हिस्सा है और इस तरह की आधारभूत संरचना परियोजनाएं विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति दे रही हैं।

उन्होंने कहा, “यह नया एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को वैश्विक विमानन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा और विकास के नए युग की शुरुआत करेगा।”

भविष्य की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि फिलहाल एयरपोर्ट एक रनवे से शुरू हो रहा है, जल्द ही दूसरा रनवे बनेगा और दीर्घकाल में इसे पांच रनवे तक विकसित किया जाएगा, जिससे यह एक प्रमुख वैश्विक विमानन केंद्र बन सके।

पूर्व की कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लंबे समय तक नीतिगत अक्षमता का शिकार रहा, लेकिन अब “डबल इंजन सरकार” के तहत तेज विकास कर रहा है।

उन्होंने बताया कि इस एयरपोर्ट की आधारशिला 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री मोदी ने रखी थी और कुछ ही वर्षों में इसका उद्घाटन होना विकास की गति को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, “जब संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। जेवर एयरपोर्ट इसी संकल्प का परिणाम है।”

योगी ने कहा कि यह एयरपोर्ट न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।

उन्होंने एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी का भी उल्लेख किया, जो यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जुड़ी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा और मैन्युफैक्चरिंग व लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित होगा।

उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के पास सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई की तैयारी शुरू हो चुकी है और इसके साथ ही परिधान पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, MSME पार्क और हस्तशिल्प हब जैसे औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।

इसके अलावा, डेटा सेंटर और “फिनटेक सिटी” की योजनाएं भी बनाई जा रही हैं, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा।

उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट को स्मार्ट और आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है, जिसमें कार्गो हब, एविएशन फ्यूल फार्म, इन-फ्लाइट किचन और मेंटेनेंस, रिपेयर एवं ओवरहाल (MRO) सेवाएं शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मल्टी-मोडल कार्गो हब के विकास से उत्तर प्रदेश की भौगोलिक सीमाओं की बाधा दूर होगी और वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान होगी।

अंत में उन्होंने जेवर क्षेत्र के किसानों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस परियोजना के लिए अपनी जमीन दी।Screenshot_2502

Edited By: Karan Singh

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