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गुरुग्राम एनकाउंटर में मारे गए तीन युवकों के परिवारों ने पुलिस के दावों पर उठाए सवाल, बोले- गैंग से कोई संबंध नहीं था
रोहतक के बालोठ गांव में मातम, परिजनों का दावा- एक 12वीं का छात्र और भाला फेंक खिलाड़ी था, दूसरा 10वीं का छात्र, तीसरा मजदूर
गुरुग्राम में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए चार लोगों में शामिल रोहतक के बालोठ गांव के तीन युवकों के परिजनों ने पुलिस के दावों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनके बेटों का किसी गैंग या आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं था।
गुरुग्राम एनकाउंटर के बाद बालोठ गांव में पसरा मातम, परिजनों ने पुलिस के दावों को बताया गलत
गुरुग्राम में देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ में चार लोगों के मारे जाने की खबर से रोहतक जिले के बालोठ गांव में शुक्रवार सुबह शोक की लहर दौड़ गई। गांव के चौकीदार से सूचना मिलने के बाद तीन मृतकों के परिवारों को इस घटना की जानकारी मिली। परिजनों का कहना है कि उन्हें अपने बेटों के किसी गैंग या गैंगस्टर से जुड़े होने की कोई जानकारी नहीं थी।
परिवारों ने पुलिस के दावे पर जताई आपत्ति
पुलिस ने मुठभेड़ में मारे गए चार लोगों को दीपक नांदल गैंग से जुड़े शूटर बताया है। हालांकि, मृतकों के परिजनों ने इस दावे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
मृतकों की पहचान आर्यन, अंकित और नितिन के रूप में हुई है। परिवारों का कहना है कि उनके बेटे सामान्य जीवन जी रहे थे और उनका किसी आपराधिक गिरोह से कोई संबंध नहीं था।दो नाबालिग होने का परिजनों का दावा
हालांकि पुलिस ने अभी तक मृतकों की आधिकारिक उम्र की पुष्टि नहीं की है, लेकिन परिजनों का दावा है कि आर्यन और अंकित की उम्र 17 वर्ष थी, जबकि नितिन 22 वर्ष का था।
परिवारों के अनुसार, आर्यन 12वीं कक्षा का छात्र और उभरता हुआ भाला फेंक (जेवलिन थ्रो) खिलाड़ी था। अंकित 10वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था, जबकि नितिन दिहाड़ी मजदूरी करता था।
सूचना मिलते ही गुरुग्राम पहुंचे परिजन
घटना की जानकारी मिलने के बाद तीनों परिवार तत्काल गुरुग्राम पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि देर रात हुई मुठभेड़ में चार लोगों की मौत हुई है और पुलिस ने उन्हें दीपक नांदल गैंग के शूटर बताया है।
हालांकि परिजनों का कहना है कि वे पुलिस की इस कहानी पर विश्वास नहीं करते और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पिता ने सुनाई बेटे के लापता होने की कहानी
गुरुग्राम स्थित पोस्टमार्टम हाउस में आर्यन के पिता प्रदीप ने बताया कि उनका बेटा पिछले दो वर्षों से भाला फेंक की ट्रेनिंग ले रहा था और 55 से 60 मीटर तक जेवलिन फेंक सकता था।
उन्होंने बताया कि दो दिन पहले आर्यन की बाइक खराब हो गई थी। वह उसे ठीक कराने के लिए गांव के बस स्टैंड गया था, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला।
Key Highlights:
- गुरुग्राम पुलिस एनकाउंटर में रोहतक के बालोठ गांव के तीन युवकों की मौत।
- पुलिस ने मृतकों को दीपक नांदल गैंग का शूटर बताया।
- परिवारों ने गैंग से किसी भी तरह के संबंध होने से किया इनकार।
- परिजनों का दावा- दो मृतक 17 वर्षीय छात्र थे।
- एक युवक राष्ट्रीय स्तर पर भाला फेंक की तैयारी कर रहा था।
- मामले को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग उठी।
FAQ Section:
प्रश्न 1: यह मामला किस जिले से जुड़ा है?
मृतक रोहतक जिले के बालोठ गांव के रहने वाले थे, जबकि मुठभेड़ गुरुग्राम में हुई।
प्रश्न 2: पुलिस का क्या दावा है?
पुलिस का दावा है कि मारे गए चारों लोग दीपक नांदल गैंग से जुड़े शूटर थे।
प्रश्न 3: परिजनों का क्या कहना है?
परिजनों ने पुलिस के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनके बेटों का किसी गैंग या आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं था।
प्रश्न 4: आर्यन के पिता ने क्या बताया?
उन्होंने कहा कि आर्यन 12वीं का छात्र और जेवलिन थ्रो खिलाड़ी था। बाइक ठीक कराने के लिए घर से निकलने के बाद वह लापता हो गया था।
Conclusion:
गुरुग्राम मुठभेड़ के बाद सामने आए परिजनों के बयान और पुलिस के दावों में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल पुलिस और मृतकों के परिवारों के दावों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

