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वीकेंड पर भी खुलेंगे सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल, मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण के लिए लगेंगे SIR कैंप
11 और 12 जुलाई को स्कूलों में रहेगा सामान्य कार्य, निर्वाचन प्रक्रिया में सहयोग के लिए पूरे स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान को तेज करने के लिए 11 और 12 जुलाई को सरकारी एवं सहायता प्राप्त स्कूल सप्ताहांत के बावजूद खुले रहेंगे। हालांकि, शिक्षकों के संगठन ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है।
SIR अभियान के लिए सप्ताहांत में भी खुलेंगे सरकारी स्कूल, शिक्षकों ने जताई नाराजगी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान को गति देने के लिए 11 और 12 जुलाई को सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि दोनों दिनों में पूरे स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए ताकि SIR टीमों को आवश्यक सहयोग मिल सके।
मतदाता सत्यापन प्रक्रिया को तेज करने के लिए लगाए जाएंगे विशेष कैंप
अधिकारियों के अनुसार, इन विशेष शिविरों का उद्देश्य एन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Forms-EFs) के संग्रह और डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया को तेज करना है।
बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा पहले ही घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। अब मतदाता अपने निर्धारित मतदान केंद्रों पर पहुंचकर भरे हुए फॉर्म जमा कर सकते हैं।मतदाताओं को मिलेगी फॉर्म भरने और डिजिटाइजेशन में सहायता
विशेष कैंपों में मतदाताओं को फॉर्म भरने में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही वे अपने मतदान केंद्र की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) से भी संपर्क कर सकेंगे।
अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और तेज होगी।
शिक्षकों के संगठन ने फैसले का किया विरोध
हालांकि, सप्ताहांत में स्कूल खोलने के फैसले का डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) ने विरोध किया है।
DTF के राज्य अध्यक्ष विक्रमदेव सिंह, महासचिव महिंदर कौरियांवाली और वित्त सचिव अश्विनी अवस्थी ने कहा कि प्रदेश में करीब 25,000 शिक्षक पहले से ही BLO और सुपरवाइजर के रूप में SIR अभियान में कार्यरत हैं, जबकि कई अन्य शिक्षकों को असिस्टेंट BLO की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नियमित पढ़ाई पर पड़ रहा असर
शिक्षक संगठन का कहना है कि बड़ी संख्या में शिक्षकों की निर्वाचन कार्य में ड्यूटी लगाए जाने से कई स्कूलों में स्टाफ की कमी हो गई है, जिससे नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने सप्ताहांत में भी स्कूल खुलवाने के निर्णय को शिक्षकों के लिए असुविधाजनक और अनुचित बताया।
Key Highlights:
- 11 और 12 जुलाई को सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूल खुले रहेंगे।
- SIR अभियान के तहत विशेष मतदाता सत्यापन शिविर लगाए जाएंगे।
- पूरे स्कूल स्टाफ को उपस्थित रहने के निर्देश।
- मतदाता फॉर्म जमा करने और डिजिटाइजेशन की सुविधा मिलेगी।
- DTF ने सप्ताहांत में स्कूल खोलने के फैसले का विरोध किया।
- करीब 25,000 शिक्षक पहले से BLO और सुपरवाइजर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
FAQ Section:
प्रश्न 1: स्कूल सप्ताहांत में क्यों खुले रहेंगे?
विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत विशेष शिविर आयोजित करने के लिए।
प्रश्न 2: स्कूल कब खुले रहेंगे?
11 और 12 जुलाई को, सप्ताहांत होने के बावजूद।
प्रश्न 3: इन शिविरों में मतदाताओं को क्या सुविधा मिलेगी?
मतदाता फॉर्म जमा करने, फॉर्म भरने में सहायता और डिजिटाइजेशन की सुविधा उपलब्ध होगी।
प्रश्न 4: शिक्षकों ने विरोध क्यों किया है?
शिक्षकों का कहना है कि पहले से बड़ी संख्या में शिक्षक निर्वाचन कार्य में लगे हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है और सप्ताहांत में स्कूल खोलना अनुचित है।
Conclusion:
मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार ने सप्ताहांत में भी स्कूल खोलने का फैसला लिया है। हालांकि, इस निर्णय को लेकर शिक्षक संगठनों ने कार्यभार बढ़ने और शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की चिंता जताई है। अब देखना होगा कि प्रशासन और शिक्षक संगठनों के बीच इस मुद्दे पर क्या समाधान निकलता है।

