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यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का बयान: ‘IAS बनने से पहले बेटियां एक्सपर्ट मां बनें’, दी पारिवारिक जिम्मेदारियों पर जोर
दीक्षांत समारोह में छात्राओं को शिक्षा, करियर, मातृत्व और नैतिक मूल्यों पर दिया संदेश, नशे और महिला सुरक्षा पर भी जताई चिंता
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कहा कि महिलाओं को करियर के साथ-साथ मातृत्व और पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उन्होंने शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी बल दिया।
दीक्षांत समारोह में आनंदीबेन पटेल का संदेश, करियर के साथ मातृत्व की तैयारी पर दिया जोर
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए छात्राओं को करियर और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन बनाने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने पेशेवर सपनों को पूरा करें, लेकिन मातृत्व और पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए भी स्वयं को तैयार रखें।
'IAS या शिक्षक बनने से पहले एक्सपर्ट मां बनें'
अपने संबोधन में आनंदीबेन पटेल ने कहा कि महिलाएं IAS अधिकारी, शिक्षक या किसी भी क्षेत्र में सफल पेशेवर बनें, लेकिन उससे पहले उन्हें "एक्सपर्ट मां" बनने का प्रयास करना चाहिए।उन्होंने कहा कि घर में बनने वाले भोजन को तैयार करना भी हर व्यक्ति को आना चाहिए। साथ ही उन्होंने छात्राओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी शिक्षा और कौशल का सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान किया।
शादी के बाद भी शिक्षा और करियर जारी रखने की सलाह
राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं को विवाह के बाद भी अपनी पढ़ाई और करियर नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा और पेशेवर विकास के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों का संतुलन भी महत्वपूर्ण है।
बेटियों पर अभिभावकों की निगरानी जरूरी
आनंदीबेन पटेल ने कहा कि माता-पिता की जिम्मेदारी केवल बच्चों का स्कूल या कॉलेज में दाखिला कराने तक सीमित नहीं है।
उन्होंने कहा कि अभिभावकों को यह भी जानकारी रखनी चाहिए कि उनके बच्चे शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के बाद क्या कर रहे हैं। उनके अनुसार, निगरानी में छोटी-सी चूक भी बच्चों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
विश्वविद्यालयों के आसपास नशे की समस्या पर जताई चिंता
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों और छात्रावासों के आसपास बढ़ते नशे के खतरे पर भी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने बताया कि जन भवन (पूर्व में राजभवन) द्वारा गठित एक निगरानी टीम को जांच के दौरान ऐसे मामले मिले, जिनमें भोजन के डिब्बों के माध्यम से मादक पदार्थों की आपूर्ति किए जाने की जानकारी सामने आई।
शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों पर भी दिया जोर
आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें नैतिक मूल्यों का समावेश भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा का स्तर बढ़ने के बावजूद समाज में महिलाओं के खिलाफ अपराध और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं जारी हैं, तो यह शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
Key Highlights:
- CSJMU के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का संबोधन।
- महिलाओं को करियर के साथ मातृत्व के लिए भी तैयार रहने की सलाह।
- विवाह के बाद भी पढ़ाई और करियर जारी रखने पर जोर।
- अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील।
- विश्वविद्यालयों के आसपास नशे की समस्या पर चिंता व्यक्त की।
- शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों को भी आवश्यक बताया।
FAQ Section:
प्रश्न 1: आनंदीबेन पटेल ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि महिलाएं IAS अधिकारी या शिक्षक बनने के साथ-साथ "एक्सपर्ट मां" बनने का भी प्रयास करें।
प्रश्न 2: यह बयान कहां दिया गया?
उन्होंने यह बयान छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के दीक्षांत समारोह में दिया।
प्रश्न 3: उन्होंने अभिभावकों को क्या सलाह दी?
उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखें, क्योंकि छोटी लापरवाही भी उनके भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
प्रश्न 4: शिक्षा को लेकर उन्होंने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का विकास भी होना चाहिए।
Conclusion:
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में महिलाओं की शिक्षा, करियर, मातृत्व, पारिवारिक जिम्मेदारियों और नैतिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय परिसरों के आसपास नशे की समस्या और समाज में बढ़ते अपराधों को लेकर भी चिंता व्यक्त करते हुए शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बताया।

