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'सतलुज' फिल्म विवाद पर तेज हुई सियासत, BJP नेता श्वेत मलिक बोले- हिंदू-सिख एकता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
फिल्म पर प्रतिबंध की समीक्षा की मांग के बीच श्वेत मलिक ने कट्टरपंथी संगठनों पर लगाए माहौल बिगाड़ने के आरोप
दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' को लेकर जारी विवाद के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता श्वेत मलिक ने कहा कि पंजाब में हिंदू-सिख भाईचारा भाजपा की मूल सोच का हिस्सा है और कुछ कट्टरपंथी संगठन फिल्म के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
'सतलुज' विवाद पर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी, BJP ने हिंदू-सिख एकता पर दिया जोर
पंजाबी अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को लेकर जारी विवाद लगातार गहराता जा रहा है। फिल्म पर लगे प्रतिबंध की समीक्षा की मांग के बीच अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद श्वेत मलिक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की राजनीति हमेशा पंजाब में हिंदू-सिख भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की रही है।
प्रतिबंध की समीक्षा की उठी मांग
हाल के दिनों में पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल ढिल्लों समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार से फिल्म पर लगे प्रतिबंध की समीक्षा करने की अपील की है। इसी क्रम में श्वेत मलिक ने भी फिल्म को लेकर चल रही बहस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
कट्टरपंथी संगठनों पर लगाया माहौल बिगाड़ने का आरोप
श्वेत मलिक ने आरोप लगाया कि कुछ भारत विरोधी कट्टरपंथी संगठन इस फिल्म का इस्तेमाल पंजाब में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और लोगों के बीच मतभेद पैदा करने के लिए कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने दिया जाएगा और पंजाब की सामाजिक एकता को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
'हिंदू-सिख भाईचारा भारत की सबसे बड़ी ताकत'
पूर्व सांसद ने कहा कि हिंदू-सिख भाईचारा खून और मांस का रिश्ता है, जो भारत की मजबूती और सुरक्षा का आधार है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा इस ऐतिहासिक और सामाजिक रिश्ते को मजबूत करने के पक्ष में रही है।
गुरु तेग बहादुर के बलिदान का किया उल्लेख
श्वेत मलिक ने अपने बयान में सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने मुगल सम्राट औरंगजेब के शासनकाल में हिंदुओं के जबरन धर्म परिवर्तन का विरोध करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था।
उन्होंने कहा कि यह इतिहास हिंदू-सिख एकता और आपसी विश्वास का सबसे बड़ा प्रतीक है।
Key Highlights:
- 'सतलुज' फिल्म विवाद पर राजनीतिक बयानबाजी तेज।
- भाजपा नेता श्वेत मलिक ने हिंदू-सिख भाईचारे पर दिया जोर।
- कुछ कट्टरपंथी संगठनों पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश का आरोप।
- भाजपा नेताओं ने फिल्म पर प्रतिबंध की समीक्षा की मांग की।
- गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान का किया उल्लेख।
FAQ Section:
प्रश्न 1: श्वेत मलिक ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति हिंदू-सिख भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की रही है तथा कुछ कट्टरपंथी संगठन फिल्म के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रश्न 2: फिल्म 'सतलुज' को लेकर भाजपा की क्या मांग है?
पंजाब भाजपा के कई नेताओं ने केंद्र सरकार से फिल्म पर लगे प्रतिबंध की समीक्षा करने की मांग की है।
प्रश्न 3: श्वेत मलिक ने किस ऐतिहासिक घटना का उल्लेख किया?
उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने हिंदुओं के जबरन धर्म परिवर्तन का विरोध किया था।
प्रश्न 4: यह विवाद किस फिल्म को लेकर है?
यह विवाद दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' को लेकर है।
Conclusion:
'सतलुज' फिल्म को लेकर जारी विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। विभिन्न राजनीतिक दल और नेता इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। आने वाले दिनों में फिल्म को लेकर सरकार और संबंधित पक्षों की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी रहेगी।

