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सिरसा के डबवाली में भ्रूण लिंग जांच रैकेट का भंडाफोड़, राजस्थान PCPNDT टीम की कार्रवाई से स्वास्थ्य तंत्र पर उठे सवाल
छह महीने की निगरानी और तीन डिकॉय ऑपरेशन के बाद कथित दलाल गिरफ्तार, निजी अस्पताल की भूमिका भी जांच के दायरे में।
राजस्थान की PCPNDT टीम ने हरियाणा के सिरसा जिले के डबवाली में कथित अवैध भ्रूण लिंग जांच रैकेट का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अन्य फरार है। मामले में एक निजी अस्पताल की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
हरियाणा के सिरसा जिले के डबवाली में कथित अवैध भ्रूण लिंग जांच (Sex Determination) रैकेट के खिलाफ राजस्थान की प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (PCPNDT) टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
करीब छह महीने तक निगरानी रखने और तीन डिकॉय ऑपरेशन चलाने के बाद टीम ने एक कथित दलाल को गिरफ्तार किया, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।
छह महीने की निगरानी के बाद हुई कार्रवाई
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) राजस्थान के अधिकारियों के अनुसार, टीम पिछले छह महीने से इस कथित रैकेट की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।शुरुआती दो प्रयासों में आरोपी गिरफ्तारी से बच निकला, लेकिन तीसरे डिकॉय ऑपरेशन के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस ऑपरेशन में एक गर्भवती महिला को ग्राहक बनाकर भेजा गया था।
कथित दलाल पर गर्भवती महिलाओं को लाने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राकेश कुमार पर आरोप है कि वह हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और बीकानेर से गर्भवती महिलाओं को डबवाली लाकर अवैध भ्रूण लिंग जांच करवाता था।
अधिकारियों का कहना है कि एक अन्य संदिग्ध की तलाश जारी है।
निजी अस्पताल की भूमिका भी जांच के घेरे में
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी ने कथित रूप से 36,500 रुपये लेकर गर्भवती महिला को डबवाली के चौटाला रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाकर अवैध जांच कराई।
जांच टीम का दावा है कि जैसे ही आरोपी ने कथित रूप से भ्रूण के लिंग की जानकारी दी, पहले से मौजूद टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के दौरान अस्पताल से अल्ट्रासाउंड रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। फिलहाल अस्पताल की भूमिका की जांच जारी है।
अवैध गर्भपात के एंगल की भी जांच
प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को आशंका है कि यह नेटवर्क कथित तौर पर परिवारों को भ्रूण के लिंग की जानकारी देने के नाम पर गुमराह करता था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कई मामलों में परिवारों को यह कहकर भ्रमित किया जाता था कि गर्भ में कन्या भ्रूण है, ताकि उन्हें गर्भपात कराने के लिए प्रेरित किया जा सके। हालांकि, इन आरोपों की विस्तृत जांच अभी जारी है।
Key Highlights
- राजस्थान PCPNDT टीम ने डबवाली में कथित भ्रूण लिंग जांच रैकेट का भंडाफोड़ किया।
- छह महीने की निगरानी और तीन डिकॉय ऑपरेशन के बाद एक आरोपी गिरफ्तार हुआ।
- गिरफ्तार आरोपी पर राजस्थान से गर्भवती महिलाओं को लाने का आरोप है।
- एक अन्य संदिग्ध फरार है और उसकी तलाश जारी है।
- निजी अस्पताल से अल्ट्रासाउंड रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए गए।
- अवैध गर्भपात से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
FAQ Section
Q1. यह कार्रवाई किस एजेंसी ने की है?
यह कार्रवाई राजस्थान की PCPNDT टीम और NHM राजस्थान के अधिकारियों ने की।
Q2. आरोपी पर क्या आरोप हैं?
आरोपी पर गर्भवती महिलाओं को डबवाली लाकर कथित रूप से अवैध भ्रूण लिंग जांच कराने का आरोप है।
Q3. जांच में क्या-क्या बरामद हुआ?
जांच टीम ने संबंधित निजी अस्पताल से अल्ट्रासाउंड रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं।
Q4. क्या अस्पताल की भूमिका की भी जांच हो रही है?
हाँ, जिस निजी अस्पताल में कथित जांच कराए जाने का आरोप है, उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
Conclusion
डबवाली में सामने आया यह मामला अवैध भ्रूण लिंग जांच जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी निगरानी की आवश्यकता को फिर से उजागर करता है। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क, अस्पताल की भूमिका और संभावित अवैध गर्भपात के मामलों की जांच कर रही हैं। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

