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यमुनानगर-जगाधरी में जलभराव से निपटने के लिए सालभर होगी नालों की सफाई, हर घर पर लगेंगे RFID स्मार्ट कार्ड
नगर निगम की जनरल हाउस बैठक में 42 प्रस्ताव पारित, 50 वर्षों की जलनिकासी योजना और स्मार्ट कचरा संग्रहण प्रणाली लागू करने का फैसला।
यमुनानगर नगर निगम ने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए वर्षभर नालों की सफाई कराने और विशेषज्ञों से 50 वर्षों की ड्रेनेज योजना तैयार कराने का निर्णय लिया है। साथ ही घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को डिजिटल बनाने के लिए RFID स्मार्ट कार्ड भी लगाए जाएंगे।
यमुनानगर नगर निगम ने शहर में जलभराव और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। गुरुवार को महापौर सुमन बहमानी की अध्यक्षता में हुई जनरल हाउस बैठक में कुल 42 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि यमुनानगर और जगाधरी में अब पूरे वर्ष नालों की सफाई कराई जाएगी, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
50 वर्षों की योजना के तहत तैयार होगा जलनिकासी ढांचा
नगर निगम ने हाल ही में नियुक्त विशेषज्ञ टीम को प्रत्येक वार्ड का विस्तृत सर्वेक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
यह टीम प्रत्येक क्षेत्र की जरूरतों का अध्ययन कर ऐसा ड्रेनेज ढांचा तैयार करेगी, जो आने वाले 50 वर्षों तक जलभराव की समस्या से निपटने में सहायक होगा।हर घर पर लगेंगे RFID स्मार्ट कार्ड
नगर निगम ने घर-घर कचरा संग्रहण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने का भी फैसला लिया है।
इसके तहत नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक घर के बाहर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) आधारित स्मार्ट कार्ड लगाए जाएंगे।
कचरा उठाने के साथ दर्ज होगी कर्मचारियों की उपस्थिति
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से जुड़े कर्मचारी जब किसी घर से कचरा उठाएंगे, तो वे स्मार्ट कार्ड को स्कैन करेंगे। इससे कचरा संग्रहण की पुष्टि होने के साथ-साथ कर्मचारियों की उपस्थिति भी डिजिटल रूप से दर्ज हो जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य सेवा की निगरानी को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।
जनरल हाउस बैठक में 42 प्रस्तावों को मिली मंजूरी
यह बैठक महापौर सुमन बहमानी की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा भी मौजूद रहे।
बैठक का संचालन अतिरिक्त नगर आयुक्त धीरज कुमार और कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह ने किया। इसमें नगर निगम, जनस्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य विभागों के अधिकारी एवं पार्षद भी शामिल हुए।
76 कॉलोनियों के नियमितीकरण पर विधायक ने जताई खुशी
बैठक के दौरान विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने वर्ष 1996 में तकनीकी कारणों से अनधिकृत रह गई 76 कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए महापौर सुमन बहमानी, नगर आयुक्त महाबीर प्रसाद और अन्य अधिकारियों की सराहना की।
उन्होंने निर्देश दिए कि इन कॉलोनियों में जल्द से जल्द विकास कार्य शुरू किए जाएं।
कॉलोनियों की सीमा तय करने के लिए बनी समिति
नगर आयुक्त महाबीर प्रसाद ने बताया कि नियमित की गई कॉलोनियों की सीमाएं निर्धारित करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जो इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
Key Highlights
- यमुनानगर और जगाधरी में पूरे वर्ष नालों की सफाई होगी।
- विशेषज्ञ टीम 50 वर्षों की जलनिकासी योजना तैयार करेगी।
- हर घर पर RFID स्मार्ट कार्ड लगाए जाएंगे।
- कचरा संग्रहण के दौरान डिजिटल स्कैनिंग से सेवा की निगरानी होगी।
- जनरल हाउस बैठक में 42 प्रस्ताव पारित किए गए।
- 76 नियमित कॉलोनियों में जल्द विकास कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए।
FAQ Section
Q1. नगर निगम ने जलभराव की समस्या के लिए क्या फैसला लिया है?
नगर निगम ने पूरे वर्ष नालों की सफाई कराने और 50 वर्षों की जलनिकासी योजना तैयार कराने का निर्णय लिया है।
Q2. RFID स्मार्ट कार्ड का क्या उद्देश्य है?
इन कार्डों के माध्यम से घर-घर कचरा संग्रहण की डिजिटल निगरानी होगी और कर्मचारियों की उपस्थिति भी दर्ज की जाएगी।
Q3. जनरल हाउस बैठक में कितने प्रस्ताव पारित हुए?
बैठक में कुल 42 प्रस्ताव पारित किए गए।
Q4. 76 कॉलोनियों को लेकर क्या निर्णय लिया गया?
नियमित की गई 76 कॉलोनियों में जल्द विकास कार्य शुरू करने और उनकी सीमाएं तय करने के लिए समिति गठित की गई है।
Conclusion
यमुनानगर नगर निगम के ये फैसले शहर में जलभराव और स्वच्छता प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। वर्षभर नालों की सफाई, दीर्घकालिक ड्रेनेज योजना और RFID आधारित कचरा संग्रहण प्रणाली से नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

