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मतदाता सूची पुनरीक्षण ने 48 साल बाद मिलाए बिछड़े तीन भाई, तरनतारन के चुताला गांव में भावुक कर देने वाला मिलन
विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के दौरान पुराने रिकॉर्ड तलाशने पहुंचे विजय सिंह की अपने दोनों बड़े भाइयों से हुई मुलाकात।
तरनतारन जिले के चुताला गांव में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान 48 वर्षों से बिछड़े तीन भाइयों का भावुक मिलन हुआ। पुराने मतदाता रिकॉर्ड की तलाश में पहुंचे विजय सिंह को पता चला कि उनके दोनों बड़े भाई आज भी पैतृक गांव में रह रहे हैं।
पंजाब के तरनतारन जिले के चुताला गांव में चल रहे विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के दौरान एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला, जिसने पूरे गांव को भावुक कर दिया। करीब 48 वर्षों से बिछड़े तीन भाई इस अभियान की बदौलत फिर एक-दूसरे से मिल पाए।
पुराने मतदाता रिकॉर्ड की तलाश में गांव पहुंचे 67 वर्षीय विजय सिंह की मुलाकात उनके दोनों बड़े भाइयों 76 वर्षीय बलविंदर सिंह और 72 वर्षीय राजिंदर सिंह से हुई।
पुराने मतदाता रिकॉर्ड की तलाश में पहुंचे थे विजय सिंह
जानकारी के अनुसार, विजय सिंह वर्ष 2003 के अपने मतदाता रिकॉर्ड की तलाश में बुधवार को चुताला गांव पहुंचे थे।मतदाता सूची के सत्यापन के दौरान उन्हें पता चला कि उनके दोनों बड़े भाई आज भी उनके पैतृक गांव में रह रहे हैं। यह जानकारी मिलते ही वर्षों पुरानी दूरी पलभर में समाप्त हो गई।
रोजगार की तलाश में हरियाणा चले गए थे विजय सिंह
विजय सिंह ने बताया कि बचपन में ही उनके माता-पिता का निधन हो गया था।
इसके बाद वे रोजगार की तलाश में हरियाणा के पंचकूला जिले के मड़ावाला गांव चले गए। समय के साथ आजीविका की जिम्मेदारियों में व्यस्त होने के कारण उनका अपने पैतृक गांव और परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट गया।
48 साल बाद भाइयों का भावुक मिलन
करीब पांच दशक बाद जब विजय सिंह अपने गांव पहुंचे, तो गांव वालों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वर्षों बाद तीनों भाइयों का मिलन भावुक माहौल में हुआ, जिसे देखने वाले भी भावुक हो उठे।
ग्रामीणों और अधिकारियों ने किया स्वागत
इस अवसर पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) देविंदर सिंह खेहरा, ब्लॉक समिति सदस्य मेहर सिंह चुताला और अन्य ग्रामीणों ने विजय सिंह का सम्मान किया और इस यादगार पल के साक्षी बने।
ग्रामीणों ने इसे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान से जुड़ी एक प्रेरणादायक और मानवीय घटना बताया।
Key Highlights
- विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान 48 साल बाद तीन भाई मिले।
- 67 वर्षीय विजय सिंह पुराने मतदाता रिकॉर्ड की तलाश में चुताला गांव पहुंचे थे।
- सत्यापन के दौरान पता चला कि उनके दोनों बड़े भाई गांव में ही रह रहे हैं।
- बचपन में माता-पिता के निधन के बाद विजय सिंह हरियाणा चले गए थे।
- गांव पहुंचने पर ग्रामीणों और अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
FAQ Section
Q1. यह भावुक मिलन कहां हुआ?
यह मिलन पंजाब के तरनतारन जिले के चुताला गांव में हुआ।
Q2. तीनों भाई कितने वर्षों बाद मिले?
तीनों भाई करीब 48 वर्षों बाद एक-दूसरे से मिले।
Q3. विजय सिंह गांव क्यों पहुंचे थे?
वे वर्ष 2003 के अपने पुराने मतदाता रिकॉर्ड की तलाश में गांव पहुंचे थे।
Q4. इस मिलन में किन अधिकारियों की भूमिका रही?
बूथ लेवल अधिकारी (BLO) देविंदर सिंह खेहरा और अन्य स्थानीय अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया।
Conclusion
तरनतारन के चुताला गांव में सामने आई यह घटना बताती है कि सरकारी प्रक्रियाएं कभी-कभी मानवीय रिश्तों को भी नई जिंदगी दे सकती हैं। विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान 48 वर्षों से बिछड़े तीन भाइयों का मिलन इस अभियान की एक भावनात्मक और प्रेरणादायक मिसाल बन गया।

