हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने हिसार सेंट्रल जेल का किया निरीक्षण, कैदियों की सुविधाओं और मानवाधिकारों की समीक्षा

HHRC अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने जेल में स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता और कानूनी सहायता व्यवस्थाओं का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश।

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हरियाणा मानवाधिकार आयोग (HHRC) के अध्यक्ष एवं पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने शुक्रवार को हिसार की सेंट्रल जेल-1 का निरीक्षण किया। इस दौरान कैदियों को उपलब्ध सुविधाओं, मानवाधिकारों और पुनर्वास से जुड़े प्रबंधों की समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

हिसार सेंट्रल जेल पहुंचा हरियाणा मानवाधिकार आयोग, कैदियों की सुविधाओं और मानवाधिकारों का लिया जायजा

हरियाणा मानवाधिकार आयोग (HHRC) के अध्यक्ष एवं पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने शुक्रवार को हिसार सेंट्रल जेल-1 का व्यापक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य जेल में उपलब्ध सुविधाओं, कैदियों के रहन-सहन और मानवाधिकारों से संबंधित व्यवस्थाओं का आकलन करना था।

इस दौरान आयोग के सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे। निरीक्षण के बाद आयोग ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में मानवाधिकार से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की।


H2: बैरक, रसोई, अस्पताल और कानूनी सहायता केंद्र का निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान आयोग ने जेल की विभिन्न व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लिया। इनमें शामिल रहे—

  • कैदियों की बैरक
  • रसोई और भोजन व्यवस्था
  • पेयजल की सुविधा
  • स्वच्छता और साफ-सफाई
  • जेल अस्पताल
  • कानूनी सहायता (लीगल एड) केंद्र
  • पुस्तकालय
  • महिला और किशोर बंदियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं

इसके अलावा आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता के स्तर और कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की।


H2: कैदियों से सीधे बातचीत कर जानी समस्याएं

न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने निरीक्षण के दौरान कैदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। उन्होंने उनके स्वास्थ्य, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं, कानूनी सहायता और परिवार से मुलाकात की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।

इस दौरान कैदियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी आयोग के समक्ष रखे। न्यायमूर्ति बत्रा ने संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान के निर्देश दिए।


H2: मानवाधिकारों की रक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी

निरीक्षण के बाद न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के मानवाधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

उन्होंने जेल अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बंदियों के साथ मानवीय और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा उनके अधिकारों की पूरी तरह रक्षा की जाए।


H2: पुनर्वास और कौशल विकास पर भी दिया जोर

न्यायमूर्ति बत्रा ने कहा कि जेलों में केवल सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि कैदियों के पुनर्वास पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बंदियों को—

  • गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं
  • सुरक्षित पेयजल
  • पौष्टिक भोजन
  • समय पर कानूनी सहायता
  • व्यावसायिक एवं कौशल विकास प्रशिक्षण

प्रभावी रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि सजा पूरी होने के बाद वे समाज की मुख्यधारा में बेहतर तरीके से पुनः शामिल हो सकें।


Key Highlights:

  • HHRC अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने हिसार सेंट्रल जेल-1 का निरीक्षण किया।
  • बैरक, रसोई, अस्पताल, पुस्तकालय और लीगल एड सेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
  • कैदियों से सीधे बातचीत कर उनकी शिकायतें और सुझाव सुने।
  • अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित समाधान और मानवाधिकारों की रक्षा के निर्देश।
  • पुनर्वास, स्वास्थ्य सेवाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों पर विशेष जोर।

FAQ Section

Q1. हिसार सेंट्रल जेल का निरीक्षण किसने किया?

हरियाणा मानवाधिकार आयोग (HHRC) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने निरीक्षण किया।

Q2. निरीक्षण के दौरान किन व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई?

बैरक, रसोई, अस्पताल, स्वच्छता, पेयजल, पुस्तकालय, लीगल एड सेल और महिला एवं किशोर बंदियों की सुविधाओं की समीक्षा की गई।

Q3. न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?

उन्होंने कैदियों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने, मानवाधिकारों की रक्षा करने और शिकायतों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।

Q4. निरीक्षण के दौरान पुनर्वास को लेकर क्या कहा गया?

कैदियों को स्वास्थ्य सेवाएं, कानूनी सहायता, पौष्टिक भोजन और कौशल विकास कार्यक्रम उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।


Conclusion:

हिसार सेंट्रल जेल का यह निरीक्षण जेल प्रशासन में पारदर्शिता और कैदियों के मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने स्पष्ट किया है कि बंदियों को सम्मानजनक व्यवहार, बेहतर सुविधाएं और पुनर्वास के अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि वे भविष्य में समाज की मुख्यधारा से सफलतापूर्वक जुड़ सकें।Screenshot_438

Edited By: Atul Sharma

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