- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- रेवाड़ी पुलिस ने अंतरराज्यीय भैंस चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार
रेवाड़ी पुलिस ने अंतरराज्यीय भैंस चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार
CIA कोसली की कार्रवाई, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से जुड़े तीन आरोपियों को दबोचा; गांवों में पशु व्यापारी और लहसुन विक्रेता बनकर करते थे रेकी।
रेवाड़ी जिला पुलिस की CIA कोसली टीम ने अंतरराज्यीय भैंस चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी गांवों में अलग-अलग पहचान बनाकर पशुओं की रेकी करते थे और मौका मिलने पर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
रेवाड़ी में अंतरराज्यीय भैंस चोर गिरोह का खुलासा, CIA कोसली ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
हरियाणा के रेवाड़ी जिले में पुलिस ने पशु चोरी के मामलों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय भैंस चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। जिला पुलिस की CIA (कोसली) टीम ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बावल के डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि आरोपियों को एक किसान की शिकायत के आधार पर की गई जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया।
H2: किसान की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि रोहड़ाई थाना क्षेत्र के किसान राम किशोर ने अपनी भैंस और उसके बछड़े की चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CIA कोसली की टीम को सौंपी गई, जिसका नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर नितीश कुमार कर रहे थे।
H2: दो आरोपी पहले गिरफ्तार, पूछताछ में तीसरा भी पकड़ा गया
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान 28 जुलाई को गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई—
- राजू बंजारा निवासी बसई गांव, जिला महेंद्रगढ़ (हरियाणा)
- गोपी उर्फ पांडु बंजारा निवासी जयसिंहपुरा खोर, जयपुर (राजस्थान)
दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। इसी दौरान मिली जानकारी के आधार पर गिरोह के तीसरे सदस्य मोहम्मद सलमान, निवासी बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
H2: अलग-अलग बहाने से गांवों में करते थे रेकी
डीएसपी ने बताया कि आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले गांवों में जाकर पशुओं की रेकी करते थे।
पुलिस के अनुसार—
- मोहम्मद सलमान गांवों में भैंस व्यापारी बनकर घर-घर जाता था।
- राजू बंजारा और गोपी बंजारा गांवों में लहसुन बेचने के बहाने घूमते थे।
इस दौरान वे पशुओं, घरों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाते थे और बाद में चोरी की योजना बनाते थे।
H2: गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का संबंध अन्य पशु चोरी की घटनाओं से भी है या नहीं। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर संभावित सहयोगियों और चोरी के अन्य मामलों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Key Highlights:
- रेवाड़ी पुलिस की CIA कोसली टीम ने अंतरराज्यीय भैंस चोर गिरोह का पर्दाफाश किया।
- हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से जुड़े तीन आरोपी गिरफ्तार।
- किसान राम किशोर की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच।
- आरोपी भैंस व्यापारी और लहसुन विक्रेता बनकर गांवों में रेकी करते थे।
- पुलिस अन्य मामलों में गिरोह की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
FAQ Section
Q1. भैंस चोरी के मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
Q2. जांच किस पुलिस टीम ने की?
मामले की जांच रेवाड़ी जिला पुलिस की CIA (कोसली) टीम ने की।
Q3. आरोपी किस तरह चोरी की योजना बनाते थे?
पुलिस के अनुसार, आरोपी गांवों में भैंस व्यापारी और लहसुन विक्रेता बनकर रेकी करते थे और बाद में चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
Q4. तीसरा आरोपी कहां का रहने वाला है?
तीसरा आरोपी मोहम्मद सलमान उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का निवासी है।
Conclusion:
रेवाड़ी पुलिस द्वारा अंतरराज्यीय भैंस चोर गिरोह का भंडाफोड़ पशु चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित वारदातों की भी जांच कर रही है। यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

