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करनाल में धान घोटाले का दायरा बढ़ा, तरावड़ी की दो राइस मिलों में हजारों क्विंटल धान की कमी मिली
फिजिकल वेरिफिकेशन में सामने आई बड़ी गड़बड़ी, अब तक 8 FIR दर्ज; 40 से ज्यादा लोग जांच के दायरे में
हरियाणा के करनाल जिले में धान खरीद घोटाले की जांच के दौरान तरावड़ी की दो राइस मिलों में भारी मात्रा में धान की कमी पाई गई है। मामले में दो नई FIR दर्ज की गई हैं, जिसके बाद कुल मामलों की संख्या आठ हो गई है।
करनाल में धान खरीद घोटाले का खुलासा लगातार जारी
करनाल जिले में धान खरीद और आवंटन में कथित बड़े घोटाले का मामला लगातार गहराता जा रहा है। तरावड़ी स्थित दो राइस मिलों के फिजिकल वेरिफिकेशन में हजारों क्विंटल धान की कमी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस ने दो नई FIR दर्ज की हैं।
इससे पहले भी जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में कथित “घोस्ट प्रोक्योरमेंट” यानी फर्जी खरीद का मामला सामने आया था, जिसके बाद छह FIR दर्ज की गई थीं।
दो राइस मिलों में भारी मात्रा में धान की कमी
जांच के दौरान:- बालाजी राइस मिल, तरावड़ी में करीब 10,000 क्विंटल धान की कमी पाई गई।
- विश्वकर्मा राइस मिल, तरावड़ी में लगभग 26,000 क्विंटल धान का स्टॉक कम मिला।
इन नई शिकायतों के बाद अब तक कुल आठ FIR दर्ज हो चुकी हैं।
40 से ज्यादा लोग जांच के घेरे में
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक 40 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है या वे जांच में शामिल हो चुके हैं।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ अधिकारियों ने कथित रूप से खरीद एजेंसियों के साथ मिलीभगत कर ऐसी राइस मिलों को भी धान आवंटित कराया जिनके पास पर्याप्त और कार्यशील ढांचा तक नहीं था।
अधिकारियों और मिल मालिकों पर केस दर्ज
पुलिस ने बालाजी राइस मिल मामले में मालिक अरुण, मोहित और सुरिंदर के अलावा विभागीय निरीक्षक दविंदर और सब-इंस्पेक्टर रामफल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
वहीं विश्वकर्मा राइस मिल मामले में मालिक महिंदर जांगड़ा सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों पर भी केस दर्ज किया गया है।
पूरे जिले में होगी राइस मिलों की जांच
करनाल के उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि जिले की सभी राइस मिलों का फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जाएगा ताकि वास्तविक स्टॉक की स्थिति स्पष्ट हो सके।
उन्होंने कहा कि सरकार के साथ धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
CMR डिलीवरी पर भी प्रशासन की नजर
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार ने बताया कि विभाग धान आवंटन में गड़बड़ियों की पहचान के लिए फिजिकल जांच कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की डिलीवरी प्रक्रिया जारी है और यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि मिल मालिक तय समय सीमा के भीतर CMR जमा करें।
Key Highlights:
- तरावड़ी की दो राइस मिलों में धान की भारी कमी मिली
- बालाजी मिल में 10,000 क्विंटल और विश्वकर्मा मिल में 26,000 क्विंटल धान कम मिला
- मामले में दो नई FIR दर्ज
- अब तक कुल 8 FIR और 40 से ज्यादा लोग जांच के दायरे में
- पूरे करनाल जिले की राइस मिलों की होगी जांच
- अधिकारियों और मिल मालिकों पर मिलीभगत के आरोप
FAQ Section:
Q1. यह मामला किस जिले से जुड़ा है?
यह मामला हरियाणा के करनाल जिले से जुड़ा है।
Q2. किन राइस मिलों में गड़बड़ी मिली?
बालाजी राइस मिल और विश्वकर्मा राइस मिल, तरावड़ी में धान की कमी पाई गई।
Q3. कितनी मात्रा में धान कम मिला?
बालाजी मिल में करीब 10,000 क्विंटल और विश्वकर्मा मिल में लगभग 26,000 क्विंटल धान की कमी मिली।
Q4. अब तक कितनी FIR दर्ज हुई हैं?
अब तक कुल 8 FIR दर्ज की जा चुकी हैं।
Q5. प्रशासन आगे क्या कार्रवाई करेगा?
जिले की सभी राइस मिलों का फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जाएगा।
Conclusion:
करनाल में सामने आया धान खरीद और आवंटन घोटाला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। लगातार मिल रही गड़बड़ियों ने सरकारी खरीद प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने पूरे जिले में जांच तेज कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

