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कैथल मंडी में धान खरीद को लेकर INLD का प्रदर्शन, MSP पर खरीद और किसानों की समस्याएं दूर करने की मांग
रामपाल माजरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन, धान खरीद में देरी, नमी कटौती और डिजिटल सिस्टम की दिक्कतों को लेकर उठाए सवाल
कैथल अनाज मंडी में धान खरीद में देरी और किसानों की परेशानियों के विरोध में INLD ने प्रदर्शन किया। पार्टी ने MSP पर हर ढेरी की तत्काल खरीद, पर्याप्त नमी मीटर और मंडियों में व्यवस्था सुधारने की मांग की।
धान खरीद में कथित देरी और किसानों को हो रही परेशानियों के विरोध में इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कैथल अनाज मंडी में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने किया।
प्रदर्शन के बाद पार्टी नेताओं ने कैथल मार्केट कमेटी के सचिव को हरियाणा के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए सरकारी खरीद व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की गई।
INLD नेताओं ने आरोप लगाया कि खरीद प्रक्रिया धीमी होने के कारण किसानों को अपनी मेहनत से पैदा की गई फसल कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।INLD ने रखीं कई प्रमुख मांगें
पार्टी ने राज्य की सभी मंडियों में सरकारी एजेंसियों द्वारा MSP पर धान की हर ढेरी की तत्काल खरीद सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा मंडियों में पर्याप्त संख्या में नमी मापने वाले मीटर उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
INLD ने किसानों के लिए लागू कई अन्य शर्तों और व्यवस्थाओं में बदलाव की भी मांग की।
किसानों की प्रमुख मांगें
- MSP पर धान की तत्काल खरीद सुनिश्चित की जाए।
- सभी अनाज मंडियों में पर्याप्त नमी मीटर उपलब्ध कराए जाएं।
- किसानों को केवल अपने गृह जिले की मंडी में फसल बेचने की शर्त हटाई जाए।
- उत्पादन सीमा (Production Cap) को समाप्त किया जाए।
- कंबाइन हार्वेस्टर चलाने के समय की पाबंदी हटाई जाए।
- फसल बेचने के लिए गेट पास की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
- खरीदी गई फसल का जल्द उठान कर मंडियों में जमा स्टॉक कम किया जाए।
- मंडियों में भीड़ और अव्यवस्था को कम करने के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाएं।
खुले आसमान के नीचे पड़ी फसल को लेकर चिंता
रामपाल माजरा ने आरोप लगाया कि प्रदेश की कई मंडियों में धान और बाजरा बिना बिके पड़े हैं, जबकि सरकारी खरीद की गति बेहद धीमी है।
उन्होंने कहा कि किसान अपनी उपज को खुले आसमान के नीचे रखने को मजबूर हैं। ऐसे में बारिश या अन्य मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण फसल खराब होने की आशंका बनी हुई है।
MSP और नमी कटौती को लेकर उठाए सवाल
माजरा ने दावा किया कि सरकार घोषित MSP पर फसल की खरीद नहीं कर रही है। उनके अनुसार धान का घोषित MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल है, जबकि निजी व्यापारी और बिचौलिए कथित तौर पर इसे ₹2,100 से ₹2,200 प्रति क्विंटल के आसपास खरीद रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अतिरिक्त नमी का हवाला देकर किसानों की फसल में ₹300 से ₹400 प्रति क्विंटल तक की कटौती की जा रही है।
माजरा ने यह भी कहा कि मंडियों में नमी की जांच के लिए पर्याप्त संख्या में मीटर उपलब्ध नहीं होने से किसानों की परेशानी और बढ़ रही है।
‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों का मुद्दा
INLD प्रदेश अध्यक्ष ने ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल, गेट-पास व्यवस्था और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म में तकनीकी खामियों का भी मुद्दा उठाया।
उनके अनुसार तकनीकी समस्याओं के कारण किसानों को फसल पंजीकरण और मंडी में फसल की एंट्री कराने में काफी समय लग रहा है। इससे खरीद प्रक्रिया और लंबी हो रही है।
दूसरे जिले की नजदीकी मंडी में फसल बेचने की मांग
माजरा ने कहा कि किसानों को केवल अपने जिले की मंडी में फसल बेचने की अनुमति होने से कई बार अतिरिक्त परिवहन खर्च उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यदि पड़ोसी जिले की मंडी किसान के गांव के ज्यादा करीब है, तो उसे वहां फसल बेचने की सुविधा मिलनी चाहिए। इससे समय और परिवहन लागत दोनों कम हो सकते हैं।
उत्पादन सीमा और कंबाइन टाइमिंग पर भी आपत्ति
INLD ने किसानों पर लगाए गए प्रति एकड़ उत्पादन कैप को भी हटाने की मांग की। माजरा ने कहा कि अच्छी फसल होने पर भी उत्पादन सीमा लागू करना किसानों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।
इसके अलावा सरकार द्वारा कंबाइन हार्वेस्टर चलाने के लिए सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक का समय निर्धारित किए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
माजरा ने इसे अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि किसानों को समय पर कटाई पूरी करके अगली फसल की तैयारी करनी होती है, इसलिए कटाई के समय पर लगी पाबंदी हटाई जानी चाहिए।
Key Highlights:
- कैथल अनाज मंडी में INLD ने धान खरीद को लेकर प्रदर्शन किया।
- प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने किया।
- हरियाणा के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
- MSP पर धान की हर ढेरी की तत्काल खरीद की मांग।
- पर्याप्त संख्या में नमी मीटर उपलब्ध कराने की मांग।
- अपने जिले के बाहर नजदीकी मंडी में फसल बेचने की सुविधा की मांग।
- उत्पादन कैप और गेट-पास की शर्त हटाने की मांग।
- कंबाइन हार्वेस्टर के समय की पाबंदी खत्म करने की मांग।
- खरीदी गई फसल के जल्द उठान की मांग।
- ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों को दूर करने की मांग।
FAQ Section
सवाल: INLD ने कैथल में प्रदर्शन क्यों किया?
जवाब: INLD ने धान खरीद में कथित देरी, किसानों को हो रही परेशानी और सरकारी खरीद व्यवस्था में कमियों के विरोध में प्रदर्शन किया।
सवाल: धान का घोषित MSP कितना बताया गया है?
जवाब: प्रदर्शन के दौरान INLD प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने धान का घोषित MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल बताया।
सवाल: INLD ने नमी को लेकर क्या आरोप लगाया?
जवाब: माजरा ने आरोप लगाया कि निजी व्यापारी और बिचौलिए अधिक नमी का हवाला देकर किसानों की फसल की कीमत में ₹300 से ₹400 प्रति क्विंटल तक की कटौती कर रहे हैं।
सवाल: किसानों को मंडी में कौन सी डिजिटल समस्या आ रही है?
जवाब: INLD के अनुसार ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल और गेट-पास सिस्टम में तकनीकी दिक्कतों के कारण फसल पंजीकरण और मंडी एंट्री में देरी हो रही है।
सवाल: कंबाइन हार्वेस्टर की टाइमिंग को लेकर क्या मांग है?
जवाब: INLD ने सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कंबाइन चलाने की निर्धारित समय सीमा हटाने की मांग की है।
Conclusion:
कैथल मंडी में INLD के प्रदर्शन के दौरान धान खरीद में देरी, MSP, नमी कटौती, डिजिटल पोर्टल की तकनीकी समस्याओं और मंडियों में फसल के उठान जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। पार्टी ने सरकार से खरीद प्रक्रिया को तेज करने और किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की है। किसानों की फसल की समय पर खरीद और उठान आने वाले दिनों में मंडियों की व्यवस्था के लिए अहम मुद्दा रहेगा।

