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मनोचाहल के युवाओं की अनोखी पहल, 1995 से गांव के विकास और भाईचारे के लिए काम कर रही Naujawan Sabha
जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादियों में मदद से लेकर खेल मैदान के कायाकल्प तक, विदेशों में बसे 150 से अधिक NRI युवा भी कर रहे सहयोग
मनोचाहल गांव के युवाओं ने 1995 में Naujawan Sabha की स्थापना कर गांव के विकास और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की पहल शुरू की थी। संगठन जरूरतमंद परिवारों की मदद, पौधारोपण, खेल मैदान के विकास और गांव में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए काम कर रहा है।
तरनतारन जिले के मनोचाहल गांव के प्रगतिशील युवाओं ने सामूहिक प्रयासों से गांव के विकास और आपसी भाईचारे की मिसाल कायम की है। वर्ष 1995 में संस्थापक अध्यक्ष कश्मीर सिंह के नेतृत्व में बनाई गई Naujawan Sabha पिछले कई वर्षों से गांव के सामाजिक और विकास कार्यों में योगदान दे रही है।
वर्ष 2012 से सुखराज सिंह संगठन के अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं। उनके साथ वरयाम सिंह, सुखविंदर सिंह, नवतेज सिंह, बरजिंदर सिंह, मास्टर बलविंदर सिंह, मनबीर सिंह, दलजीत सिंह, गुरजीत सिंह सहित कई अन्य लोग संगठन के कार्यों में सहयोग करते हैं।
जरूरतमंद परिवारों की शादियों में मददNaujawan Sabha जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की शादी में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का काम करती है। इसके अलावा नवविवाहित जोड़ों को घरेलू जरूरत का सामान भी उपलब्ध कराया जाता है।
संगठन का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव के लोगों के बीच सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना भी है।
हर साल पौधारोपण, खेल मैदान का कायाकल्प
Naujawan Sabha की ओर से गांव के सार्वजनिक स्थानों पर हर साल पौधे लगाए जाते हैं। हाल ही में संगठन ने गांव के खेल मैदान का भी नवीनीकरण कराया है, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘रोही वाली’ के नाम से जाना जाता है।
इन विकास कार्यों में गांव से विदेशों में जाकर बसे लोगों का भी महत्वपूर्ण योगदान है।
150 से अधिक NRI युवा कर रहे सहयोग
सुखराज सिंह के अनुसार, मनोचाहल के 150 से अधिक युवा अलग-अलग देशों में रह रहे हैं। विदेशों में बसने के बावजूद ये युवा गांव से जुड़े हुए हैं और Naujawan Sabha के विकास कार्यों के लिए आर्थिक सहायता देते हैं।
NRI युवाओं के सहयोग से गांव में विकास से जुड़े कई कार्यों को आगे बढ़ाने में संगठन को मदद मिल रही है।
कश्मीर सिंह ने रखी थी संगठन की नींव
सुखराज सिंह ने संगठन के शुरुआती दौर को याद करते हुए बताया कि संस्थापक अध्यक्ष कश्मीर सिंह ने गांव के सामूहिक हित को प्राथमिकता देते हुए काम शुरू किया था। अपने प्रयासों के चलते उन्होंने जल्द ही ग्रामीणों का विश्वास और समर्थन हासिल कर लिया।
उनकी इसी सोच के आधार पर संगठन ने गांव के विकास और सामाजिक एकजुटता को अपने काम का प्रमुख हिस्सा बनाया।
राजनीतिक विभाजन के बीच पंचायत चुनाव में बनी सहमति
Naujawan Sabha के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक पिछला ग्राम पंचायत चुनाव था। उस समय गांव में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के बीच राजनीतिक विभाजन दिखाई दे रहा था।
सुखराज सिंह के अनुसार, राजनीतिक मतभेदों को लेकर ग्रामीणों में चिंता थी। कई लोग चाहते थे कि पंचायत चुनाव राजनीतिक टकराव के बजाय आपसी सहमति से हो।
कई बैठकों के बाद बनी सर्वसम्मति
Naujawan Sabha ने ग्रामीणों के साथ कई बैठकें कीं। इन बैठकों और बातचीत के बाद सरपंच और पंचायत के अन्य सदस्यों का चुनाव निर्विरोध कराने में संगठन ने भूमिका निभाई।
सुखराज सिंह ने कहा कि निर्विरोध चुनाव के बाद ग्रामीणों में राहत की भावना आई और गांव का माहौल फिर से सौहार्दपूर्ण हुआ।
दो दशक बाद फिर निर्विरोध पंचायत का प्रयास सफल
सुखराज सिंह ने इसे Naujawan Sabha की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, दो दशक से अधिक समय बाद संगठन की पहल से गांव में सरपंच और पंचायत सदस्यों का चुनाव बिना किसी मुकाबले के कराया जा सका।
उनका कहना है कि इस पहल ने गांव में आपसी संबंधों और भाईचारे को मजबूत करने में मदद की।
संगठन के अध्यक्ष से ज्यादा खुद को सामान्य सदस्य मानते हैं सुखराज
फिलहाल सुखराज सिंह Naujawan Sabha के एकमात्र पदाधिकारी हैं। संगठन में इस समय कोई अन्य पदाधिकारी निर्वाचित या नामित नहीं है।
हालांकि, सुखराज सिंह खुद को केवल संगठन के अध्यक्ष के रूप में पहचानना पसंद नहीं करते। उनका कहना है कि वे संगठन के एक सामान्य सदस्य की तरह गांव और संस्था के लिए काम करना पसंद करते हैं।
Key Highlights:
- मनोचाहल में Naujawan Sabha की स्थापना 1995 में हुई।
- संस्थापक अध्यक्ष कश्मीर सिंह ने संगठन की नींव रखी।
- 2012 से सुखराज सिंह संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं।
- जरूरतमंद परिवारों की शादियों में आर्थिक मदद की जाती है।
- नवविवाहित जोड़ों को घरेलू सामान भी दिया जाता है।
- गांव के सार्वजनिक स्थानों पर हर साल पौधारोपण किया जाता है।
- ‘रोही वाली’ खेल मैदान का नवीनीकरण कराया गया।
- विदेशों में बसे 150 से अधिक युवा संगठन के विकास कार्यों में सहयोग करते हैं।
- पंचायत चुनाव में सर्वसम्मति बनाने के लिए संगठन ने ग्रामीणों के साथ बैठकें कीं।
- सरपंच और पंचायत सदस्यों का निर्विरोध चुनाव कराने में संगठन ने भूमिका निभाई।
FAQ Section
सवाल: मनोचाहल Naujawan Sabha की स्थापना कब हुई थी?
जवाब: मनोचाहल Naujawan Sabha की स्थापना वर्ष 1995 में संस्थापक अध्यक्ष कश्मीर सिंह के नेतृत्व में हुई थी।
सवाल: Naujawan Sabha गांव में कौन-कौन से काम करती है?
जवाब: संगठन जरूरतमंद परिवारों की शादियों में मदद, नवविवाहित जोड़ों को घरेलू सामान उपलब्ध कराने, पौधारोपण और खेल मैदान के विकास सहित कई सामाजिक कार्य करता है।
सवाल: Naujawan Sabha को आर्थिक सहयोग कहां से मिलता है?
जवाब: संगठन को गांव से विदेशों में जाकर बसे NRI युवाओं से आर्थिक सहयोग मिलता है। 150 से अधिक युवा अलग-अलग देशों में रहते हुए विकास कार्यों में योगदान दे रहे हैं।
सवाल: पंचायत चुनाव में Naujawan Sabha की क्या भूमिका रही?
जवाब: संगठन ने ग्रामीणों के साथ कई बैठकें कर राजनीतिक मतभेदों के बीच सर्वसम्मति बनाने की कोशिश की, जिसके बाद सरपंच और अन्य पंचायत सदस्यों का चुनाव निर्विरोध हुआ।
सवाल: वर्तमान में Naujawan Sabha के अध्यक्ष कौन हैं?
जवाब: सुखराज सिंह वर्ष 2012 से संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं। हालांकि, वे खुद को केवल अध्यक्ष के बजाय संगठन का एक सामान्य सदस्य मानते हैं।
Conclusion:
मनोचाहल की Naujawan Sabha ने सामाजिक सहयोग, गांव के विकास और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के लिए लंबे समय से काम किया है। जरूरतमंद परिवारों की मदद से लेकर पौधारोपण और खेल मैदान के विकास तक, संगठन की गतिविधियों में ग्रामीणों और विदेशों में बसे NRI युवाओं का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। पंचायत चुनाव में सर्वसम्मति बनाने की पहल ने भी गांव में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने में संगठन की भूमिका को सामने रखा है।

