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Partition के जख्म और यादों को कला में जीवंत करता Krishen Khanna का ‘Bandwala’, अमृतसर Partition Museum में प्रदर्शित होगी खास पेंटिंग
2026 के लिए संग्रहालय में रखी जाएगी ‘Retired Captain Ramesh Kumar Accordion Wala’, कलाकार ने बंटवारे की हिंसा के बजाय विस्थापन, स्मृति और खोई सांस्कृतिक विरासत को चित्रित किया
भारत-पाकिस्तान विभाजन ने परिवारों और समुदायों को बांटने के साथ साझा सांस्कृतिक विरासत पर भी गहरी छाप छोड़ी। अब प्रसिद्ध कलाकार कृष्ण खन्ना की ‘Bandwala’ श्रृंखला की चर्चित पेंटिंग ‘Retired Captain Ramesh Kumar Accordion Wala’ अमृतसर के Partition Museum में 2026 के लिए प्रदर्शित की जाएगी।
भारत-पाकिस्तान का विभाजन केवल सीमाओं का बंटवारा नहीं था। इसने परिवारों, समुदायों और सदियों से साझा सांस्कृतिक विरासत को भी प्रभावित किया। विभाजन की वे यादें आज भी कला और सार्वजनिक संस्थानों के माध्यम से अलग-अलग रूपों में सामने आती हैं।
इसी जटिल स्मृति को कलाकार कृष्ण खन्ना की ‘Bandwala’ श्रृंखला एक अलग नजरिए से सामने रखती है। इस श्रृंखला में विभाजन की हिंसा या खून-खराबे के सीधे दृश्य नहीं हैं, बल्कि एक मार्चिंग बैंड के माध्यम से उस दौर की याद, विस्थापन और बदलती दुनिया को अभिव्यक्त किया गया है।
Partition Museum में प्रदर्शित होगी खास पेंटिंगअमृतसर स्थित Partition Museum में कृष्ण खन्ना की प्रसिद्ध पेंटिंग ‘Retired Captain Ramesh Kumar Accordion Wala’ को 2026 के लिए प्रदर्शित किया जाएगा।
पेंटिंग में एक बैंड संगीतकार को हाथ में अकॉर्डियन लिए दिखाया गया है। कलाकार की ‘Bandwala’ श्रृंखला में यह किरदार कामकाजी संगीतकार का प्रतिनिधित्व करता है, जो दूसरों के उत्सव में खुशी पैदा करने के लिए मौजूद रहता है, लेकिन स्वयं उस उत्सव का हिस्सा नहीं होता।
औपनिवेशिक दौर की याद दिलाता है Bandwala
इस पेंटिंग में अकॉर्डियन बजाता बैंडवाला औपनिवेशिक दौर के समारोहों और उस समय की संगीत परंपरा की याद दिलाता है। कलाकार ने भव्य वर्दी, सजावटी पोशाक और वाद्य यंत्रों के जरिए उस बीते हुए संसार को चित्रित किया है, जो बाद में इतिहास का हिस्सा बन गया।
कृष्ण खन्ना का विभाजन से गहरा संबंध
कृष्ण खन्ना का जन्म और बचपन लायलपुर में बीता था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक बैंकर के रूप में की थी। विभाजन के दौरान उनकी पीढ़ी को विस्थापन, अनिश्चितता और सामाजिक बदलाव का सामना करना पड़ा।
उनकी ‘Bandwala’ पेंटिंग्स में यही अनुभव और पुरानी दुनिया की यादें दिखाई देती हैं। संगीतकार यहां केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि स्मृति और विस्थापन का प्रतीक बन जाता है।
किश्वर देसाई ने बताया कला का महत्व
Partition Museum की संस्थापक संस्था The Arts and Cultural Heritage Trust (TAACHT) की चेयरपर्सन किश्वर देसाई ने कहा कि कृष्ण खन्ना की Bandwala पेंटिंग्स एक ऐसी दुनिया की याद दिलाती हैं, जो कभी मौजूद थी लेकिन विभाजन के दौरान बुरी तरह टूट गई।
उनके अनुसार, विभाजन के साथ केवल भौगोलिक सीमाएं नहीं बदलीं, बल्कि संगीत, कला और सांस्कृतिक विरासत का भी बंटवारा हुआ।
FICCI FLO के जरिए अमृतसर पहुंची पेंटिंग
यह कलाकृति FICCI FLO के आर्ट एंड कल्चर वर्टिकल के माध्यम से अमृतसर लाई गई है। FLO-Amritsar की चेयरपर्सन तान्या खन्ना के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य अमृतसर की जीवंत पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी संस्कृति को प्रतिष्ठित कला से जोड़ना है।
विभाजन से केवल भौगोलिक नहीं, सांस्कृतिक नुकसान भी हुआ
किश्वर देसाई के अनुसार, विभाजन के दौरान मूर्त और अमूर्त दोनों तरह की सांस्कृतिक विरासत प्रभावित हुई। संगीत और कला के साथ-साथ क्षेत्र के संग्रहालयों और निजी संग्रहों पर भी इसका असर पड़ा।
कई कलाकृतियां और ऐतिहासिक वस्तुएं सीमा के दोनों ओर नए स्थानों तक पहुंच गईं। ऐसे में कृष्ण खन्ना की Bandwala श्रृंखला विभाजन से पहले की साझा दुनिया और उसके बाद आई टूटन की स्मृति को एक अलग कलात्मक रूप में सामने रखती है।
Key Highlights:
- कृष्ण खन्ना की ‘Retired Captain Ramesh Kumar Accordion Wala’ पेंटिंग 2026 में Partition Museum में प्रदर्शित होगी।
- यह कलाकृति ‘Bandwala’ श्रृंखला का हिस्सा है।
- पेंटिंग में अकॉर्डियन लिए एक बैंड संगीतकार को दिखाया गया है।
- Bandwala कामकाजी संगीतकार और स्मृति के प्रतीक के रूप में सामने आता है।
- कृष्ण खन्ना का बचपन लायलपुर में बीता और उन्होंने विभाजन का दौर देखा।
- उनकी कला में विस्थापन, स्मृति और पुरानी दुनिया की यादें प्रमुख हैं।
- पेंटिंग FICCI FLO के आर्ट एंड कल्चर वर्टिकल के जरिए अमृतसर लाई गई है।
- विभाजन से संगीत, कला और सांस्कृतिक विरासत भी प्रभावित हुई थी।
FAQ Section
सवाल: Partition Museum में कौन सी पेंटिंग प्रदर्शित होगी?
जवाब: कृष्ण खन्ना की ‘Retired Captain Ramesh Kumar Accordion Wala’ पेंटिंग 2026 के लिए Partition Museum में प्रदर्शित की जाएगी।
सवाल: Bandwala श्रृंखला किस विषय से जुड़ी है?
जवाब: कृष्ण खन्ना की Bandwala श्रृंखला स्मृति, विस्थापन, पहचान और विभाजन से पहले की दुनिया की यादों को एक बैंड संगीतकार के माध्यम से प्रस्तुत करती है।
सवाल: पेंटिंग में क्या दिखाया गया है?
जवाब: पेंटिंग में एक बैंड संगीतकार को अकॉर्डियन पकड़े हुए दिखाया गया है, जो औपनिवेशिक दौर की बैंड परंपरा की याद दिलाता है।
सवाल: कृष्ण खन्ना का Partition से क्या संबंध था?
जवाब: कृष्ण खन्ना का बचपन लायलपुर में बीता और वे उस पीढ़ी का हिस्सा थे जिसने 1947 के विभाजन के दौरान विस्थापन और अनिश्चितता का अनुभव किया।
सवाल: Partition का कला और संस्कृति पर क्या असर पड़ा?
जवाब: विभाजन से केवल लोगों और जमीन का बंटवारा नहीं हुआ, बल्कि संगीत, कला, संग्रहालयों, ऐतिहासिक वस्तुओं और साझा सांस्कृतिक विरासत पर भी गहरा असर पड़ा।
Conclusion:
कृष्ण खन्ना की ‘Bandwala’ श्रृंखला विभाजन की त्रासदी को सीधे हिंसा के दृश्यों के बजाय स्मृति और प्रतीकों के माध्यम से सामने लाती है। अमृतसर के Partition Museum में ‘Retired Captain Ramesh Kumar Accordion Wala’ का प्रदर्शन उस साझा सांस्कृतिक दुनिया की याद दिलाएगा, जिसे 1947 के विभाजन ने गहराई से प्रभावित किया था।

