फाजिल्का की जलालाबाद मंडी में राजस्थान से आया धान पकड़ा, ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त; FIR दर्ज

दूसरे राज्यों से धान की आवक रोकने के लिए निगरानी बढ़ी, प्रशासन ने कहा- पंजाब के किसानों का पूरा धान सरकारी एजेंसियां खरीदेंगी

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फाजिल्का के जलालाबाद अनाज मंडी में मार्केट कमेटी अधिकारियों ने राजस्थान से बिक्री के लिए लाए गए धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की है। मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है।

फाजिल्का जिले की जलालाबाद अनाज मंडी में सोमवार को मार्केट कमेटी अधिकारियों ने दूसरे राज्य से लाए गए धान के खिलाफ कार्रवाई की। अधिकारियों ने राजस्थान से बिक्री के लिए पंजाब लाई गई धान से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पंजाब की मंडियों में दूसरे राज्यों से धान की आवक रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। प्रशासन का कहना है कि पंजाब के किसानों द्वारा पैदा किए गए धान की सरकारी एजेंसियों के माध्यम से पूरी खरीद सुनिश्चित की जाएगी।

ट्रैक्टर-ट्रॉली मार्केट कमेटी परिसर में खड़ी

जब्त की गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को मार्केट कमेटी परिसर में खड़ा कर दिया गया है। जिला मंडी अधिकारी सालोध कुमार बिश्नोई ने बताया कि इस मामले में FIR दर्ज की गई है।

आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

राजस्थान से बेहतर कीमत की उम्मीद में लाया गया था धान

सूत्रों के अनुसार, यह धान राजस्थान के संगरिया क्षेत्र से जलालाबाद लाया गया था। बताया जा रहा है कि वहां के किसानों या व्यापारियों को उम्मीद थी कि पंजाब में उन्हें धान की बेहतर कीमत मिल सकती है।

मार्केट कमेटी अधिकारियों के मुताबिक, फाजिल्का जिले में अर्ली परमल हाइब्रिड किस्म के धान को अपेक्षाकृत बेहतर कीमत मिल रही है। इसी वजह से पड़ोसी राज्यों से धान पंजाब की मंडियों में लाने की कोशिशें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

MSP से करीब 5 रुपये अधिक कीमत पर खरीद

सूत्रों के मुताबिक, PR किस्म के धान की खरीद राइस मिलर्स और निजी व्यापारियों द्वारा करीब 2,466 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही थी। यह सरकार द्वारा घोषित 2,461 रुपये प्रति क्विंटल के MSP से लगभग 5 रुपये अधिक है।

वहीं, पड़ोसी राज्यों में धान की कीमत अपेक्षाकृत कम होने के कारण वहां के किसानों और व्यापारियों के लिए पंजाब की मंडियों में धान लाना फायदे का सौदा माना जा रहा है।

प्रशासन ने दूसरे राज्यों के धान पर सख्ती के संकेत दिए

फाजिल्का की डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर साधू ने कहा कि सरकार दूसरे राज्यों से धान को पंजाब की मंडियों में आने की अनुमति नहीं देगी।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब के स्थानीय किसानों द्वारा पैदा किए गए हर दाने की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा की जाएगी। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और दूसरे राज्यों से धान की आवक रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

इस साल खरीद को लेकर बढ़ी निगरानी

यह कार्रवाई उन रिपोर्टों के बीच हुई है, जिनमें कहा गया है कि सरकार ने स्थानीय अधिकारियों को पिछले साल की तुलना में इस वर्ष धान की खरीद सीमित रखने के निर्देश दिए हैं।

इसके पीछे पड़ोसी राज्यों से पंजाब की मंडियों में धान आने की आशंका को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। प्रशासन अब मंडियों में आने वाली फसल की निगरानी और उसकी उत्पत्ति की जांच पर विशेष ध्यान दे रहा है।

Key Highlights:

  • जलालाबाद अनाज मंडी में राजस्थान से आया धान पकड़ा गया।
  • मार्केट कमेटी ने धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की।
  • वाहन को मार्केट कमेटी परिसर में खड़ा किया गया।
  • आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत FIR दर्ज।
  • धान राजस्थान के संगरिया क्षेत्र से लाया गया था।
  • PR धान की कीमत MSP से करीब 5 रुपये अधिक बताई गई।
  • प्रशासन ने दूसरे राज्यों से धान की आवक रोकने की बात कही।
  • पंजाब के स्थानीय किसानों के धान की सरकारी खरीद सुनिश्चित करने का दावा।

FAQ Section

सवाल: जलालाबाद मंडी में क्या कार्रवाई हुई?

जवाब: मार्केट कमेटी अधिकारियों ने राजस्थान से बिक्री के लिए पंजाब लाई गई धान से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की।

सवाल: राजस्थान से धान पंजाब क्यों लाया गया था?

जवाब: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद में धान को राजस्थान के संगरिया क्षेत्र से जलालाबाद लाया गया था।

सवाल: इस मामले में कौन सी कार्रवाई की गई?

जवाब: आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।

सवाल: पंजाब में धान का MSP कितना है?

जवाब: रिपोर्ट के अनुसार, धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल है।

सवाल: पंजाब प्रशासन का स्थानीय किसानों को लेकर क्या कहना है?

जवाब: फाजिल्का प्रशासन ने कहा है कि पंजाब के स्थानीय किसानों द्वारा पैदा किए गए धान की सरकारी एजेंसियों के माध्यम से खरीद सुनिश्चित की जाएगी।

Conclusion:

जलालाबाद मंडी में राजस्थान से आए धान की जब्ती के बाद पंजाब की मंडियों में दूसरे राज्यों से होने वाली आवक को लेकर निगरानी और सख्त होने के संकेत मिले हैं। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य स्थानीय किसानों के हितों की रक्षा करना और सरकारी खरीद व्यवस्था को प्रभावित होने से रोकना है। आने वाले दिनों में मंडियों में धान की आवक और खरीद प्रक्रिया पर निगरानी और बढ़ सकती है।Screenshot_475

Edited By: Atul Sharma

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