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पंजाब के डिप्लोमा छात्रों के लिए बड़ा बदलाव, 6 महीने की इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग अनिवार्य
26 सरकारी और 61 निजी पॉलीटेक्निक कॉलेजों में लागू होगा नया नियम, अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को 90% अटेंडेंस जरूरी
स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग ने छह प्रमुख इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स के छात्रों के लिए 6 महीने की इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी है। यह प्रशिक्षण जनवरी से जून तक अंतिम सेमेस्टर में होगा और मूल्यांकन के लिए कम से कम 90% उपस्थिति जरूरी होगी।
पंजाब के पॉलीटेक्निक कॉलेजों में पढ़ने वाले डिप्लोमा छात्रों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग ने छह प्रमुख इंजीनियरिंग कोर्स में 6 महीने की इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी है।
यह फैसला राज्य के 26 सरकारी और 61 निजी पॉलीटेक्निक कॉलेजों में लागू होगा। नया कार्यक्रम मौजूदा बैचों पर भी लागू किया जाएगा।
जनवरी से जून तक होगी ट्रेनिंगनए नियम के तहत अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को जनवरी से जून तक यानी पूरे छह महीने इंडस्ट्री में प्रशिक्षण लेना होगा। प्रशिक्षण के मूल्यांकन के लिए छात्रों की कम से कम 90 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है।
किन कोर्स के छात्रों पर लागू होगा नियम?
फिलहाल यह व्यवस्था छह इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स के लिए लागू की गई है। इनमें शामिल हैं:
- कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग
- इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
- इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी
- मैकेनिकल इंजीनियरिंग
- इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
- सिविल इंजीनियरिंग
अकादमिक कमेटी की बैठक में मिली मंजूरी
इस कार्यक्रम को बोर्ड की अकादमिक कमेटी की जून में हुई 43वीं बैठक में मंजूरी दी गई थी। अब इसे इन छह कोर्स में पहले से दाखिला ले चुके मौजूदा बैचों पर भी लागू किया जाएगा।
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, छह महीने की इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग का उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक औद्योगिक वातावरण का व्यावहारिक अनुभव देना है।
10वीं के बाद पॉलीटेक्निक में दाखिला लेते हैं छात्र
वरिष्ठ बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर डिप्लोमा छात्र 10वीं कक्षा के बाद पॉलीटेक्निक कोर्स में दाखिला लेते हैं। ऐसे में उन्हें औद्योगिक कार्यप्रणाली, तकनीकी उपकरणों, सुरक्षा नियमों और कार्यस्थल के माहौल को समझने के लिए अधिक व्यावहारिक अनुभव की जरूरत होती है।
इसी जरूरत को देखते हुए इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग की अवधि बढ़ाकर छह महीने की गई है।
पहले सिर्फ एक महीने की होती थी ट्रेनिंग
मेहर चंद पॉलिटेक्निक कॉलेज, जालंधर के प्रिंसिपल डॉ. जग रूप सिंह ने बताया कि पहले छात्र चौथे सेमेस्टर के बाद केवल एक महीने की इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग करते थे।
उनके अनुसार, एक महीने की अवधि छात्रों को पर्याप्त व्यावहारिक अनुभव देने के लिए कम थी। इंडस्ट्री की ओर से भी इतने कम समय में छात्रों को जरूरी तकनीकी कौशल सिखाना मुश्किल माना जाता था।
अब बोर्ड ने इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग को पाठ्यक्रम का हिस्सा बना दिया है, जिससे अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को पूरे एक सेमेस्टर तक वास्तविक औद्योगिक वातावरण में काम करने का अवसर मिलेगा।
दूसरे चरण में अन्य कोर्स भी हो सकते हैं शामिल
बोर्ड ने फिलहाल उन छह कोर्स को चुना है जिनमें छात्रों का नामांकन सबसे अधिक है और जो राज्य के अधिकांश पॉलीटेक्निक कॉलेजों में संचालित होते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, योजना को दूसरे चरण में अन्य डिप्लोमा कोर्स तक भी बढ़ाया जा सकता है। वर्तमान में राज्य के पॉलीटेक्निक कॉलेजों में डिप्लोमा स्तर के 26 कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
Key Highlights:
- पंजाब में डिप्लोमा छात्रों के लिए 6 महीने की इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग अनिवार्य।
- अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को जनवरी से जून तक ट्रेनिंग करनी होगी।
- मूल्यांकन के लिए 90% अटेंडेंस जरूरी।
- नियम 26 सरकारी और 61 निजी पॉलीटेक्निक कॉलेजों में लागू होगा।
- फिलहाल 6 प्रमुख इंजीनियरिंग कोर्स शामिल किए गए हैं।
- पहले छात्रों को केवल एक महीने की इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग मिलती थी।
- दूसरे चरण में अन्य डिप्लोमा कोर्स भी शामिल किए जा सकते हैं।
FAQ Section
सवाल: पंजाब में डिप्लोमा छात्रों के लिए कितने महीने की इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग अनिवार्य की गई है?
जवाब: छह महीने की इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग अनिवार्य की गई है।
सवाल: इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग कब होगी?
जवाब: अंतिम सेमेस्टर के दौरान जनवरी से जून तक छह महीने की ट्रेनिंग होगी।
सवाल: ट्रेनिंग के लिए कितनी अटेंडेंस जरूरी है?
जवाब: मूल्यांकन के लिए छात्रों की कम से कम 90 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी होगी।
सवाल: किन डिप्लोमा कोर्स पर नया नियम लागू होगा?
जवाब: फिलहाल कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, आईटी, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सिविल इंजीनियरिंग कोर्स शामिल हैं।
सवाल: क्या भविष्य में अन्य कोर्स भी इसमें शामिल होंगे?
जवाब: बोर्ड की योजना दूसरे चरण में अन्य डिप्लोमा कोर्स को भी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग कार्यक्रम में शामिल करने की है।
Conclusion:
पंजाब में डिप्लोमा छात्रों को ज्यादा व्यावहारिक और रोजगारपरक अनुभव देने के उद्देश्य से छह महीने की इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग अनिवार्य करने का फैसला किया गया है। इससे छात्रों को तकनीकी कौशल, सुरक्षा प्रक्रियाओं और वास्तविक कार्यस्थल के माहौल को बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलेगा। बोर्ड के मुताबिक, आगे चलकर इस व्यवस्था को अन्य डिप्लोमा कोर्स तक भी बढ़ाया जा सकता है।

