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राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों में पंजाब-हरियाणा का नाम नहीं, महाराष्ट्र-तेलंगाना रहे आगे
2023, 2024 और 2025 के पुरस्कारों में कई राज्यों ने बनाई जगह, संसद में मंत्री ने दी जानकारी
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार योजना के तहत वर्ष 2023, 2024 और 2025 में पंजाब और हरियाणा की कोई भी पंचायत चयनित नहीं हो सकी। इस दौरान महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा और अन्य राज्यों की पंचायतों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। केंद्र सरकार ने संसद में यह जानकारी दी।
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शीर्षक:
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों में पंजाब-हरियाणा का नाम नहीं, महाराष्ट्र-तेलंगाना रहे आगे
उपशीर्षक:
2023 से 2025 तक के पंचायत पुरस्कारों में कई राज्यों की पंचायतों ने किया बेहतर प्रदर्शन, राज्यसभा में केंद्र ने दी जानकारी
संक्षिप्त विवरण:
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार योजना के तहत वर्ष 2023, 2024 और 2025 में पंजाब और हरियाणा की कोई भी पंचायत चयनित नहीं हो सकी। इस दौरान महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा और अन्य राज्यों की पंचायतों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। केंद्र सरकार ने संसद में यह जानकारी दी।
विस्तृत समाचार:
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार (National Panchayat Awards) के अंतर्गत प्रोत्साहन योजना (Incentivisation of Panchayat Scheme) के तहत वर्ष 2023, 2024 और 2025 के लिए घोषित पुरस्कारों में पंजाब और हरियाणा का नाम शामिल नहीं हो सका। इसके विपरीत महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और असम जैसे राज्यों की पंचायतों ने विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
यह जानकारी केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने बुधवार को राज्यसभा में सांसद सतनाम सिंह संधू के सवाल के जवाब में दी।
वर्ष 2025 के पुरस्कार
मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र के गोंदिया जिले की दावा एस पंचायत को क्लाइमेट एक्शन स्पेशल पंचायत अवॉर्ड (CASPA) के तहत 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला। वहीं तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले की मॉल पंचायत को आत्मनिर्भर पंचायत स्पेशल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
वर्ष 2024 के विजेता
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गालीबीडू पंचायत (कोडागु, कर्नाटक) – गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका पंचायत
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बोम्मासमुद्रम (चित्तूर, आंध्र प्रदेश) – स्वस्थ पंचायत
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जेंग्राई (माजुली, असम) – बाल हितैषी पंचायत
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नयामपुडी (विशाखापत्तनम) – जल-संपन्न पंचायत
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साउथ मनुबांकुल (त्रिपुरा) – महिला हितैषी पंचायत
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सिकंदर (हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश) – जल-संपन्न पंचायत
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थानाधार (हिमाचल प्रदेश) – सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत
वर्ष 2023 के विजेता
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खंडोबाचीवाड़ी (महाराष्ट्र) – गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका पंचायत
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गौथंपुर (तेलंगाना) – स्वस्थ पंचायत
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चेरुथाना (केरल) – बाल हितैषी पंचायत
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आइपूर (तेलंगाना) – महिला हितैषी पंचायत
उत्तर भारत की स्थिति
उत्तर भारत से जम्मू-कश्मीर की कुछ पंचायतों को स्थान मिला। उधमपुर जिले की सिरा ग्राम पंचायत को 2023 में बाल हितैषी पंचायत श्रेणी में दूसरा स्थान मिला, जबकि फलमर्ग पंचायत को जल-संपन्न पंचायत श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। फतेहपोरा पंचायत को महिला हितैषी पंचायत श्रेणी में विजेता घोषित किया गया।
पंजाब में बुनियादी ढांचे पर केंद्र का दावा
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत केंद्र सरकार पंजाब सहित राज्यों को सीमित स्तर पर सहायता प्रदान कर रही है। इसके अंतर्गत पंजाब में:
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759 पंचायत भवनों के निर्माण को मंजूरी,
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4,300 कंप्यूटर और परिधीय उपकरणों की स्वीकृति,
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तथा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के सह-स्थापन की सुविधा दी गई है।
इसके अलावा भारतनेट परियोजना के तहत 5 फरवरी तक पंजाब की 13,236 में से 12,807 ग्राम पंचायतों को सेवा-तैयार बनाया जा चुका है।
हालांकि बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर केंद्र ने प्रगति का दावा किया है, लेकिन लगातार तीन वर्षों तक राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों में पंजाब और हरियाणा की अनुपस्थिति जमीनी स्तर पर पंचायतों के प्रदर्शन और शासन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
