जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने को लेकर एमएचयू करनाल और जापान की कोची यूनिवर्सिटी के बीच शोध सहयोग

प्रिसिजन फार्मिंग, इंटरनेट ऑफ प्लांट्स और एआई आधारित तकनीकों पर संयुक्त अनुसंधान को मिली मंजूरी

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जापान की कोची यूनिवर्सिटी के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय (एमएचयू), करनाल का दौरा कर जलवायु परिवर्तन से कृषि पर पड़ने वाले प्रभावों से निपटने के लिए संयुक्त शोध कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया। दोनों संस्थान प्रिसिजन फार्मिंग, इंटरनेट ऑफ प्लांट्स (IoP) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों पर मिलकर काम करेंगे।

जापान की कोची यूनिवर्सिटी के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय (एमएचयू), करनाल का दौरा किया। इस दौरान दोनों विश्वविद्यालयों के बीच जलवायु परिवर्तन से कृषि क्षेत्र में उत्पन्न हो रही चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त शोध कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया।

यह प्रतिनिधिमंडल कोची यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष डॉ. इशिजुका सातोशी के नेतृत्व में एमएचयू पहुंचा, जहां उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा और वरिष्ठ वैज्ञानिकों से मुलाकात की। बैठक में अकादमिक और शोध सहयोग को और मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की गई।

उल्लेखनीय है कि दोनों विश्वविद्यालयों के बीच पिछले वर्ष चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसी MoU के तहत जापानी प्रतिनिधिमंडल ने करनाल स्थित एमएचयू का दौरा किया।

प्रिसिजन फार्मिंग और एआई पर रहेगा फोकस

प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने प्रतिनिधिमंडल को विश्वविद्यालय की शोध, शैक्षणिक और विस्तार गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों विश्वविद्यालयों ने IoP (इंटरनेट ऑफ प्लांट्स) सहित विभिन्न परियोजनाओं को अंतिम रूप दे दिया है, जिन पर वर्तमान में एमएचयू के वैज्ञानिक कार्य कर रहे हैं।

बैठक में जलवायु परिवर्तन, उन्नत बागवानी तकनीकों को अपनाने, किसानों को उन्नत पौध किस्में और गुणवत्ता युक्त बीज उपलब्ध कराने तथा संयुक्त शोध गतिविधियों के विस्तार जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की गई।

किसानों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ

दोनों संस्थानों का मुख्य उद्देश्य ज्ञान और तकनीक का आदान-प्रदान बढ़ाना है, ताकि भारत और जापान दोनों देशों के किसान आधुनिक तकनीकों का लाभ उठा सकें और बागवानी फसलों की उत्पादकता व गुणवत्ता में सुधार हो सके।

प्रो. मल्होत्रा ने जापानी प्रतिनिधिमंडल को भारत सरकार द्वारा बागवानी को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है और देश व राज्य में बागवानी उत्पादन में वृद्धि हो रही है।

संरक्षित खेती पर संयुक्त समाधान

कोची यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष डॉ. इशिजुका सातोशी ने कहा,

“विज्ञान और प्रौद्योगिकी में बागवानी से जुड़ी उभरती चुनौतियों का समाधान मौजूद है। कोची यूनिवर्सिटी और एमएचयू मिलकर सेंसर और एआई आधारित समाधानों के जरिए संरक्षित खेती में नवाचार करेंगे, ताकि हरियाणा की बढ़ती आबादी के लिए पोषण युक्त बागवानी उत्पादों की मांग पूरी की जा सके।”Screenshot_1129

Edited By: Karan Singh

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