रक्तदान और चिकित्सा सेवाओं में SWO की मिसाल, 8 मार्च को महिला समर्पित रक्तदान शिविर

25 हजार से अधिक यूनिट रक्त एकत्र, राज्य पुरस्कार से सम्मानित संस्था ने सामाजिक सेवा में रचा नया मानक

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सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन (SWO) सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अपनी चिकित्सा पहलों के चलते अग्रणी संस्था बनकर उभरी है। राज्य पुरस्कार से सम्मानित यह संगठन रक्तदान और निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के माध्यम से जनसेवा में निरंतर योगदान दे रहा है।

सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन (SWO) ने सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। चिकित्सा सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्य पुरस्कार प्राप्त कर चुकी यह संस्था रक्तदान शिविरों और स्वास्थ्य जांच अभियानों के जरिए समाज सेवा की मिसाल पेश कर रही है।

संस्था के संरक्षक तरसेम गर्ग ने बताया कि SWO अपना 19वां रक्तदान शिविर 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को महिलाओं को समर्पित करेगा। उन्होंने कहा,

“इस शिविर को महिलाओं को समर्पित करने के साथ-साथ हमने ‘गिव टू गेन’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए जिम्मेदारियों और अधिकारों में लैंगिक समानता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है।”

सबसे बड़े वार्षिक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के आयोजन के लिए पहचान मिलने के बाद, संस्था अब अन्य सेवा संगठनों को भी अपने अभियानों से जोड़ रही है ताकि गतिविधियों की निरंतरता बनी रहे। इसके अलावा, SWO क्षेत्र में अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित मानव कल्याण कार्यक्रमों में भी सक्रिय सहयोग कर रही है।

संस्था के अध्यक्ष डॉ. सुनीत हिंद, जो 28 सदस्यों की टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, ने बताया कि अब तक SWO द्वारा 18 रक्तदान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 25,000 से अधिक यूनिट रक्त एकत्र किया गया। यह रक्त लुधियाना और मालेरकोटला जिलों के सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़े करीब एक दर्जन ब्लड बैंकों को उपलब्ध कराया गया।

SWO को वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल के दौरान राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पिछले दो दशकों से रक्तदान शिविर संस्था की पहचान बने हुए हैं।

इसके साथ ही, SWO ने 24 घंटे शवगृह (मॉर्च्युरी) सेवा भी शुरू की है, जो पोर्टेबल और स्थायी डीप फ्रीजर की सहायता से संचालित की जा रही है।

पिछले एक दशक से संस्था के स्वयंसेवक—जिनमें डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं—मेला छप्पर के दौरान निःशुल्क चिकित्सा शिविर और एंबुलेंस सेवाएं भी उपलब्ध करा रहे हैं।

संस्था के चेयरमैन डॉ. राजिंदर मित्तल ने कहा कि SWO द्वारा एकत्र किया गया रक्त कई कठिन समयों में जीवन रक्षक साबित हुआ है।
उन्होंने कहा,

“कोविड-19 महामारी जैसे संकट के दौर में यह रक्त दुर्घटना पीड़ितों, ऑपरेशन से गुजर रहे मरीजों और थैलेसीमिया रोगियों के लिए जीवनदान बना।”

SWO की यह निरंतर पहल न केवल चिकित्सा क्षेत्र में बल्कि मानवीय संवेदनाओं के स्तर पर भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।Screenshot_1126

Edited By: Karan Singh

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