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रेवाड़ी के कोच रमन राव ने बदली खिलाड़ियों की किस्मत, आर्थिक तंगी और मुश्किलों के बीच तैयार किए अंतरराष्ट्रीय शूटिंग चैंपियन
साधारण पृष्ठभूमि से निकले खिलाड़ियों को विश्वस्तर तक पहुंचाने वाले रमन राव की मेहनत और समर्पण बनी मिसाल
हरियाणा के रेवाड़ी जिले के शूटिंग कोच रमन राव ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार किया है। उनके प्रशिक्षित खिलाड़ी देश के लिए मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
संघर्ष और समर्पण से बनी सफलता की कहानी
रेवाड़ी जिले के शूटिंग कोच रमन राव की कहानी संघर्ष, मेहनत और समर्पण की मिसाल बन चुकी है। उन्होंने सीमित संसाधनों, आर्थिक चुनौतियों और सुविधाओं की कमी के बावजूद कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।
रमन राव का मानना है कि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत मिले तो हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।
चहक यादव ने एशियन चैंपियनशिप में जीता सिल्वर
रमन राव की शिष्या चहक यादव ने एशियन राइफल/पिस्टल शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया।चहक यादव की उपलब्धियां:
- 10 मीटर एयर पिस्टल यूथ विमेंस कैटेगरी में सिल्वर मेडल
- भारतीय टीम के साथ गोल्ड मेडल
- प्रतियोगिता में 600 में से 574 अंक हासिल किए
यह प्रतियोगिता इस साल फरवरी में नई दिल्ली स्थित डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित हुई थी, जिसमें 20 एशियाई देशों के 315 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
आर्थिक तंगी के कारण छोड़ने वाली थीं खेल
रमन राव ने बताया कि चहक यादव का चयन पिछले वर्ष भी जूनियर एशियन शूटिंग चैंपियनशिप के लिए हुआ था, लेकिन आर्थिक परेशानियों के कारण वह प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकीं।
Sports Authority of India की नीति बनी चुनौती
SAI की नीति के अनुसार जूनियर वर्ग के खिलाड़ियों को अपने खर्च खुद उठाने पड़ते हैं। आर्थिक संकट के चलते चहक ने शूटिंग छोड़ने तक का मन बना लिया था।
हालांकि, उनके कोच और साथी खिलाड़ियों ने उनका हौसला बढ़ाया, जिसके बाद उन्होंने वापसी कर इस साल सिल्वर मेडल जीता।
दिव्यांग खिलाड़ी अमन जिनागल ने भी बढ़ाया मान
रमन राव के प्रशिक्षित अमन जिनागल, जो सुनने और बोलने में असमर्थ हैं तथा जिनकी एक आंख की रोशनी भी सीमित है, ने भी राष्ट्रीय स्तर पर क्वालीफाई किया है।
अब उनका चयन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए हुआ है।
62 साल की सुषमा यादव ने रचा इतिहास
रमन राव की प्रशिक्षु 62 वर्षीय गृहिणी सुषमा यादव ने भी राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में इतिहास रचा।
उन्होंने 68वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप की 10 मीटर पिस्टल शूटिंग के सीनियर मास्टर्स वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर हरियाणा को इस श्रेणी का पहला स्वर्ण पदक दिलाया।
सुषमा यादव ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और कोच रमन राव को दिया।
2017 से लगातार तैयार हो रहे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
रमन राव की शूटिंग अकादमी 2017 से लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार कर रही है।
अकादमी की प्रमुख उपलब्धियां:
- अभिषेक आर्य ने टोक्यो एशियन एयरगन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता
- प्रियंशु यादव ने 2023 एशियन शूटिंग चैंपियनशिप (कोरिया) में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता
- प्रियंशु यादव को 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला
10 वर्षों में 300 से अधिक मेडल
पिछले एक दशक में रमन राव के प्रशिक्षित खिलाड़ियों ने:
- 300 से अधिक मेडल जीते
- 21 राष्ट्रीय चैंपियनशिप अपने नाम की
- कई राज्य और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की
खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां भी मिलीं
- 7 खिलाड़ी भारतीय सेना और वायुसेना में स्पोर्ट्स कोटा से चयनित हुए
- 13 खिलाड़ियों को हरियाणा सरकार में नौकरी मिली
- 2 खिलाड़ी खेलो इंडिया गेम्स के लिए चुने गए
कठिनाइयों से भरा रहा रमन राव का सफर
रमन राव ने बताया कि जब उन्होंने 2010 में शूटिंग की शुरुआत की थी, तब रेवाड़ी के आसपास कोई शूटिंग रेंज नहीं थी।
रोजाना गुरुग्राम जाकर करते थे अभ्यास
उस समय वह एक पॉलिटेक्निक कॉलेज में गेस्ट लेक्चरर थे। कॉलेज की ड्यूटी खत्म करने के बाद वह रोजाना अभ्यास के लिए गुरुग्राम जाया करते थे।
उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में आर्थिक और सुविधाओं की कमी ने कई बार उन्हें तोड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं रमन राव
आज भी रमन राव पूरी लगन और मिशनरी भावना के साथ युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनका सपना है कि उनके छात्र आने वाले समय में देश के लिए और अधिक पदक जीतें।
Key Highlights:
- रेवाड़ी के कोच रमन राव ने तैयार किए कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
- चहक यादव ने एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में जीता सिल्वर
- आर्थिक तंगी के बावजूद खिलाड़ियों को नहीं टूटने दिया
- दिव्यांग खिलाड़ी अमन जिनागल ने भी बनाई पहचान
- 62 वर्षीय सुषमा यादव ने नेशनल चैंपियनशिप में जीता गोल्ड
- खिलाड़ियों ने 10 साल में 300 से ज्यादा मेडल जीते
FAQ Section:
Q1. रमन राव कौन हैं?
वे हरियाणा के रेवाड़ी जिले के प्रसिद्ध शूटिंग कोच हैं।
Q2. चहक यादव ने कौन-सा मेडल जीता?
उन्होंने एशियन शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में सिल्वर और टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता।
Q3. अमन जिनागल की खास उपलब्धि क्या है?
सुनने और बोलने में असमर्थ होने के बावजूद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर क्वालीफाई कर अंतरराष्ट्रीय चयन हासिल किया।
Q4. सुषमा यादव ने कौन-सा रिकॉर्ड बनाया?
उन्होंने 68वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में सीनियर मास्टर्स वर्ग में हरियाणा का पहला गोल्ड मेडल जीता।
Q5. रमन राव की अकादमी की बड़ी उपलब्धि क्या है?
उनके प्रशिक्षित खिलाड़ियों ने 300 से अधिक मेडल और 21 राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीती हैं।
Conclusion:
रमन राव की कहानी यह साबित करती है कि जुनून, मेहनत और सही मार्गदर्शन से हर मुश्किल को हराया जा सकता है। उन्होंने न केवल प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया बल्कि आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहे युवाओं को नई उम्मीद भी दी। उनकी मेहनत आज हरियाणा और देश के लिए गर्व का कारण बन चुकी है।

