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जनगणना ड्यूटी से गैरहाजिर कर्मचारियों पर सख्ती, अमृतसर प्रशासन ने FIR और वेतन रोकने की दी चेतावनी
बार-बार निर्देश और प्रशिक्षण के बावजूद ड्यूटी पर नहीं पहुंचे कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने शुरू की कड़ी कार्रवाई
अमृतसर नगर निगम प्रशासन ने जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। बिना वैध कारण ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वालों पर FIR दर्ज कराने और वेतन रोकने की कार्रवाई शुरू की गई है।
जनगणना ड्यूटी में लापरवाही पर प्रशासन सख्त
अमृतसर नगर निगम आयुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने जनगणना कार्य में गैरहाजिर रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जानकारी के अनुसार कई कर्मचारियों ने बार-बार निर्देश, आधिकारिक रिमाइंडर और प्रशिक्षण सत्रों के बावजूद जनगणना ड्यूटी जॉइन नहीं की।
FIR दर्ज कराने की सिफारिश
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधान जनगणना अधिकारी बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने अमृतसर पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर जनगणना अधिनियम 1948 की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की सिफारिश की है।प्रशासन का कहना है कि बिना किसी वैध कारण के ड्यूटी से अनुपस्थित रहना कानून का उल्लंघन है और इससे सरकारी कार्य प्रभावित होता है।
शिक्षा विभाग को वेतन रोकने के निर्देश
नगर निगम प्रशासन ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए हैं कि जनगणना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों का वेतन अटैच किया जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अन्य कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी का संदेश जाएगा।
राष्ट्रीय महत्व का कार्य है जनगणना
प्रशासन ने कहा कि जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं बल्कि देश की विकास योजनाओं, नीति निर्माण और कल्याणकारी योजनाओं का आधार है।
जनगणना डेटा क्यों महत्वपूर्ण है?
- सरकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने में मदद
- राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों के निर्माण में उपयोग
- विकास कार्यों और बजट आवंटन में सहायक
- सामाजिक और आर्थिक आंकड़ों का आधार
अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की गैरहाजिरी से पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
कई कर्मचारियों ने नहीं संभाली ड्यूटी
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जनगणना सुपरवाइजर के रूप में नियुक्त कई कर्मचारियों ने विभाग की ओर से किए गए फोन कॉल और लिखित सूचनाओं के बावजूद ड्यूटी जॉइन नहीं की।
इसके बाद प्रशासन ने कानूनी और विभागीय कार्रवाई का फैसला लिया।
प्रशासन ने दी अंतिम चेतावनी
नगर निगम ने साफ कहा है कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, गैरजिम्मेदारी या असहयोग को गंभीरता से लिया जाएगा।
प्रशासन ने यह भी कहा कि शहर में जनगणना प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और सुचारु तरीके से पूरा कराने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
Key Highlights:
- जनगणना ड्यूटी से गैरहाजिर कर्मचारियों पर प्रशासन सख्त
- FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस कमिश्नर को भेजा पत्र
- वेतन अटैच करने के निर्देश जारी
- कई कर्मचारियों ने प्रशिक्षण और नोटिस के बावजूद ड्यूटी नहीं संभाली
- प्रशासन ने कहा- जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य
FAQ Section:
Q1. प्रशासन ने कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई की है?
जनगणना ड्यूटी से गैरहाजिर कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने और वेतन रोकने की कार्रवाई शुरू की गई है।
Q2. यह मामला किस शहर का है?
यह मामला पंजाब के अमृतसर शहर का है।
Q3. किस अधिकारी ने कार्रवाई के निर्देश दिए?
नगर निगम आयुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
Q4. कर्मचारियों पर कौन-सा कानून लागू हो सकता है?
जनगणना अधिनियम 1948 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
Q5. प्रशासन ने जनगणना को क्यों महत्वपूर्ण बताया?
प्रशासन के अनुसार जनगणना डेटा सरकारी योजनाओं, नीति निर्माण और विकास कार्यों का आधार होता है।
Conclusion:
अमृतसर प्रशासन द्वारा जनगणना ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ उठाए गए सख्त कदम यह दर्शाते हैं कि सरकार इस राष्ट्रीय कार्य को गंभीरता से ले रही है। FIR और वेतन रोकने जैसी कार्रवाई से प्रशासनिक जवाबदेही मजबूत होने की उम्मीद है।

