बरनाला में पेड़ों की अवैध कटाई पर नया मोड़: NGT की सिफारिशों के बावजूद अज्ञात लोगों पर FIR, अधिकारियों पर नहीं हुई कार्रवाई

NGT की SIT रिपोर्ट में अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश के बाद भी पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया मामला, पर्यावरण प्रेमियों में नाराजगी

On

बरनाला इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की 25 एकड़ योजना में कथित अवैध पेड़ उखाड़ने के मामले में NGT की SIT ने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। बावजूद इसके पुलिस ने अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज की है, जिससे विवाद और बढ़ गया है।

बरनाला में पेड़ उखाड़ने के मामले ने पकड़ा तूल

बरनाला इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की 25 एकड़ वाली शहीद भाई मणी सिंह नगर योजना में कथित अवैध रूप से दर्जनों हरे पेड़ उखाड़ने का मामला अब और विवादित हो गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश किए जाने के बावजूद पुलिस ने केवल अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

यह मामला 1 और 2 फरवरी को कथित रूप से पेड़ उखाड़े जाने से जुड़ा है और वर्तमान में NGT में सुनवाई के अधीन है।

SIT रिपोर्ट में अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश

इस महीने NGT को सौंपी गई 35 पन्नों की रिपोर्ट में SIT ने बरनाला इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की थी।

रिपोर्ट में कहा गया था कि:

  • पेड़ उखाड़ने की कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी
  • पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की वसूली की जाए
  • संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई हो
  • प्रत्येक उखाड़े गए पेड़ के बदले पांच पौधे लगाए जाएं
  • बचे हुए पेड़ों की पहचान संख्या के साथ सूची तैयार की जाए

केंद्रीय और राज्य एजेंसियों की संयुक्त जांच

SIT में पंजाब वन विभाग, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधिकारी शामिल थे।

जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 24 दिसंबर को जारी पेड़ों की सुरक्षा संबंधी निर्देशों का कथित रूप से उल्लंघन किया गया।

पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की FIR

ताजा घटनाक्रम में बरनाला सिटी-1 थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

यह FIR बरनाला इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की शिकायत पर दर्ज की गई। शिकायत में दावा किया गया कि योजना स्थल से सूखे और हरे दोनों प्रकार के पेड़ “चोरी” कर लिए गए।

105 दिन बाद FIR दर्ज होने पर उठे सवाल

घटना के लगभग 105 दिन बाद FIR दर्ज होने से पर्यावरण कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जब SIT ने स्पष्ट रूप से अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की सिफारिश की थी, तब कार्रवाई अज्ञात व्यक्तियों तक ही सीमित क्यों रखी गई।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर बढ़ी चिंता

इस पूरे मामले ने पंजाब में पर्यावरण संरक्षण और सरकारी जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी ऐसे मामलों को बढ़ावा मिल सकता है।


Key Highlights:

  • बरनाला में दर्जनों हरे पेड़ उखाड़ने का मामला विवादों में
  • NGT की SIT ने अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की
  • पुलिस ने केवल अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की
  • घटना के 105 दिन बाद मामला दर्ज होने पर सवाल
  • रिपोर्ट में पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन का दावा
  • प्रत्येक कटे पेड़ के बदले 5 पौधे लगाने की सिफारिश

FAQ Section:

Q1. बरनाला में यह विवाद किस मामले को लेकर है?

यह विवाद शहीद भाई मणी सिंह नगर योजना में कथित अवैध रूप से हरे पेड़ उखाड़ने को लेकर है।

Q2. NGT की SIT ने क्या सिफारिश की थी?

SIT ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की थी।

Q3. पुलिस ने किसके खिलाफ FIR दर्ज की है?

पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

Q4. FIR कितने दिन बाद दर्ज हुई?

घटना के लगभग 105 दिन बाद FIR दर्ज की गई।

Q5. SIT में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल थीं?

पंजाब वन विभाग, CPCB और पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारी SIT का हिस्सा थे।


Conclusion:

बरनाला में कथित अवैध पेड़ उखाड़ने का मामला अब प्रशासनिक और कानूनी बहस का केंद्र बन गया है। जहां NGT की SIT ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की बात कही है, वहीं पुलिस कार्रवाई फिलहाल अज्ञात व्यक्तियों तक सीमित नजर आ रही है। आने वाले दिनों में NGT की सुनवाई और आगे की जांच इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।Screenshot_1475

Edited By: Karan Singh

खबरें और भी हैं

जनगणना ड्यूटी से गैरहाजिर कर्मचारियों पर सख्ती, अमृतसर प्रशासन ने FIR और वेतन रोकने की दी चेतावनी

Advertisement

नवीनतम

जनगणना ड्यूटी से गैरहाजिर कर्मचारियों पर सख्ती, अमृतसर प्रशासन ने FIR और वेतन रोकने की दी चेतावनी जनगणना ड्यूटी से गैरहाजिर कर्मचारियों पर सख्ती, अमृतसर प्रशासन ने FIR और वेतन रोकने की दी चेतावनी
अमृतसर नगर निगम प्रशासन ने जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।...
5 दिन में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, करनाल में लोगों की जेब पर बढ़ा बोझ
बरनाला में पेड़ों की अवैध कटाई पर नया मोड़: NGT की सिफारिशों के बावजूद अज्ञात लोगों पर FIR, अधिकारियों पर नहीं हुई कार्रवाई
NEET 2026 पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा: राजस्थान के शिक्षक ने सबसे पहले उठाए सवाल, वायरल PDF से मिला पूरा पेपर
बरनाला में नगर निगम चुनाव पर बवाल: नामांकन रद्द होने के विरोध में दोपहर 2 बजे तक बंद, विपक्ष का हंगामा
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software