- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- विश्व क्लबफुट दिवस: सिरसा सिविल अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम, 99 बच्चों का सफल इलाज
विश्व क्लबफुट दिवस: सिरसा सिविल अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम, 99 बच्चों का सफल इलाज
जन्मजात क्लबफुट बीमारी पर जागरूकता बढ़ाने की पहल, हर मंगलवार मुफ्त उपचार और विशेष सहायता उपलब्ध
विश्व क्लबफुट दिवस के अवसर पर सिरसा जिला सिविल अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर पहचान और उपचार से क्लबफुट से पीड़ित बच्चे पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकते हैं। अस्पताल में अब तक 99 बच्चों का सफल इलाज किया जा चुका है।
विश्व क्लबफुट दिवस पर जागरूकता अभियान का आयोजन
विश्व क्लबफुट दिवस के अवसर पर सिरसा के जिला सिविल अस्पताल में गुरुवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अस्पताल प्रशासन और अनुश्का फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य लोगों को क्लबफुट (Clubfoot) जैसी जन्मजात बीमारी के बारे में जागरूक करना था।
क्लबफुट एक ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चे के पैर जन्म के समय अंदर की ओर मुड़े हुए या टेढ़े होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने पर यह समस्या पूरी तरह ठीक हो सकती है।
समय पर इलाज से संभव है सामान्य जीवन
अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील
कार्यक्रम के दौरान उप सिविल सर्जन डॉ. संदीप ने कहा कि क्लबफुट की जल्द पहचान और उपचार बच्चों के भविष्य को बेहतर बना सकता है।उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि नवजात शिशु के पैरों में किसी प्रकार की असामान्यता दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
डॉ. संदीप ने कहा कि सही समय पर शुरू किया गया उपचार बच्चों को सामान्य और सक्रिय जीवन जीने में सक्षम बनाता है।
हर मंगलवार मिलता है मुफ्त उपचार
अस्पताल में उपलब्ध है विशेष उपचार सुविधा
सिविल अस्पताल सिरसा में क्लबफुट से पीड़ित बच्चों का उपचार प्रत्येक मंगलवार को निशुल्क किया जाता है।
अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. कमल बेनीवाल विशेष कास्टिंग तकनीक (Casting Technique) के माध्यम से बच्चों का इलाज करते हैं। इसके अलावा अनुश्का फाउंडेशन की ओर से बच्चों को विशेष जूते और ब्रेस (Braces) भी मुफ्त उपलब्ध कराए जाते हैं।
अब तक 99 बच्चों का सफल इलाज
सामान्य जीवन जी रहे हैं लाभार्थी बच्चे
डॉ. संदीप ने बताया कि अस्पताल में अब तक 99 बच्चों का सफल उपचार किया जा चुका है। इलाज के बाद ये बच्चे सामान्य बच्चों की तरह सक्रिय और स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्थाओं के प्रयासों की सफलता को दर्शाती है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की भी दी जानकारी
83 बच्चों को मिला मुफ्त उपचार
कार्यक्रम में जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (DEIC) के प्रबंधक डॉ. अंकुर ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत दी जा रही सेवाओं की जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सिरसा जिले के 83 बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया।
इन बीमारियों में शामिल हैं:
- जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease)
- भेंगापन (Squint)
- न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट
- कटे होंठ और तालू (Cleft Lip and Palate)
- श्रवण क्षमता में कमी (Hearing Impairment)
गांव-गांव पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं
11 मोबाइल हेल्थ टीमें सक्रिय
डॉ. अंकुर ने बताया कि जिले में वर्तमान में 11 मोबाइल स्वास्थ्य टीमें कार्यरत हैं।
ये टीमें नियमित रूप से स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों का दौरा करती हैं तथा बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक उपचार और परामर्श उपलब्ध कराती हैं।
Key Highlights:
- विश्व क्लबफुट दिवस पर सिरसा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
- क्लबफुट के समय पर इलाज से सामान्य जीवन संभव।
- सिविल अस्पताल में हर मंगलवार मुफ्त उपचार की सुविधा।
- अनुश्का फाउंडेशन द्वारा मुफ्त जूते और ब्रेस उपलब्ध।
- अब तक 99 बच्चों का सफल उपचार।
- RBSK योजना के तहत 83 बच्चों को मुफ्त इलाज मिला।
- जिले में 11 मोबाइल हेल्थ टीमें सक्रिय।
FAQ Section:
Q1: क्लबफुट क्या होता है?
क्लबफुट एक जन्मजात स्थिति है जिसमें बच्चे के पैर अंदर की ओर मुड़े हुए या टेढ़े होते हैं।
Q2: क्या क्लबफुट का इलाज संभव है?
हाँ, समय पर पहचान और उपचार से क्लबफुट पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
Q3: सिरसा सिविल अस्पताल में उपचार कब उपलब्ध होता है?
क्लबफुट का मुफ्त इलाज प्रत्येक मंगलवार को उपलब्ध कराया जाता है।
Q4: इलाज के दौरान कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
विशेष कास्टिंग तकनीक के साथ-साथ बच्चों को मुफ्त जूते और ब्रेस भी दिए जाते हैं।
Q5: RBSK योजना के तहत किन बीमारियों का इलाज किया जाता है?
जन्मजात हृदय रोग, भेंगापन, श्रवण दोष, कटे होंठ-तालू और अन्य गंभीर जन्मजात बीमारियों का उपचार किया जाता है।
Conclusion:
विश्व क्लबफुट दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बना, बल्कि यह संदेश भी दिया कि समय पर उपचार से जन्मजात विकृतियों का सफल समाधान संभव है। सिरसा सिविल अस्पताल और अनुश्का फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से दर्जनों बच्चों का जीवन बेहतर हुआ है, जो अन्य अभिभावकों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है।

