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अमृतसर से 9 बांग्लादेशी नागरिकों की वतन वापसी, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भेजे गए स्वदेश
सेंट्रल जेल अमृतसर के ट्रांजिट कैंप में रह रहे दो महिलाओं समेत नौ बांग्लादेशी नागरिकों को मानवीय पहल के तहत किया गया प्रत्यावर्तित
अमृतसर सेंट्रल जेल के ट्रांजिट कैंप में रह रहे नौ बांग्लादेशी नागरिकों को सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनके देश वापस भेज दिया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के प्रयासों से यह मानवीय पहल सफल हो सकी।
अमृतसर से नौ बांग्लादेशी नागरिकों की स्वदेश वापसी
मानवीय दृष्टिकोण और कानूनी प्रक्रिया के तहत अमृतसर सेंट्रल जेल के ट्रांजिट कैंप में रह रहे नौ बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेज दिया गया। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।
सभी कानूनी औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद इन नागरिकों को भारत-बांग्लादेश सीमा तक भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई, जहां संबंधित अधिकारियों को उन्हें सौंपा जाएगा।
30 घंटे की यात्रा के बाद पहुंचेंगे सीमा तक
अधिकारियों के अनुसार, प्रत्यावर्तित किए गए सभी नागरिक लगभग 30 घंटे की ट्रेन यात्रा के बाद बांग्लादेश सीमा तक पहुंचेंगे। वहां उन्हें बांग्लादेश के संबंधित अधिकारियों के हवाले किया जाएगा, जो आगे की प्रक्रिया पूरी करेंगे।यह कदम लंबे समय से अपने परिवारों से दूर रह रहे लोगों के लिए राहत लेकर आया है।
DLSA के प्रयासों से संभव हुई वापसी
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दी जानकारी
अमृतसर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश जतिंदर कौर ने बताया कि इस प्रत्यावर्तन प्रक्रिया को सफल बनाने में DLSA सचिव अमरदीप सिंह बैंस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय कर यह सुनिश्चित किया कि सभी नागरिक जल्द से जल्द अपने देश लौट सकें और अपने परिवारों से मिल सकें।
अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने पर हुए थे गिरफ्तार
सीमा पार करने के दौरान पकड़े गए थे नागरिक
DLSA सचिव अमरदीप सिंह बैंस के अनुसार, अधिकांश बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर गए थे। बाद में पंजाब पुलिस ने उन्हें पाकिस्तान सीमा की ओर जाते समय हिरासत में लिया था।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में बांग्लादेश में उत्पन्न अस्थिरता और अशांति के कारण उनकी वापसी की प्रक्रिया में देरी हुई थी।
ट्रांजिट कैंप में हैं कई विदेशी नागरिक
वर्षों से चल रहा है प्रत्यावर्तन अभियान
अमरदीप सिंह बैंस कई वर्षों से अमृतसर सेंट्रल जेल स्थित ट्रांजिट कैंप में रह रहे विदेशी नागरिकों की वापसी के लिए काम कर रहे हैं।
वर्तमान में ट्रांजिट कैंप में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफ्रीकी देशों के कुल 64 विदेशी नागरिक मौजूद हैं, जिनकी पहचान और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें उनके देशों में भेजने की कार्रवाई की जाती है।
गरीबी, राजनीतिक अस्थिरता और अन्य कारणों से छोड़ा था देश
अमरदीप सिंह बैंस ने बताया कि कई विदेशी नागरिक गरीबी, राजनीतिक अशांति या अन्य परिस्थितियों के कारण अपने देशों से भागकर भारत पहुंचे थे।
कुछ मामलों में हिरासत में लिए जाने के बाद संबंधित व्यक्ति अपने देश वापस लौटना भी नहीं चाहते थे। हालांकि, कानूनी प्रोटोकॉल के तहत उनकी पहचान सुनिश्चित कर राजनयिक माध्यमों के जरिए उन्हें उनके देश भेजा जाता है।
परिवारों से मिलने की उम्मीद हुई पूरी
कई प्रत्यावर्तित नागरिकों के लिए यह वापसी लंबे इंतजार और अनिश्चितता के दौर का अंत साबित हुई है। वर्षों बाद अपने परिवारों और प्रियजनों से मिलने की संभावना ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है।
यह पहल कानूनी प्रक्रिया के पालन के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारी का भी उदाहरण मानी जा रही है।
Key Highlights:
- अमृतसर से 9 बांग्लादेशी नागरिकों को स्वदेश भेजा गया।
- प्रत्यावर्तित लोगों में 2 महिलाएं भी शामिल।
- सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद कार्रवाई।
- DLSA अमृतसर की पहल से संभव हुई वापसी।
- लगभग 30 घंटे की यात्रा के बाद पहुंचेंगे बांग्लादेश सीमा।
- ट्रांजिट कैंप में वर्तमान में 64 विदेशी नागरिक मौजूद।
- बांग्लादेश में अशांति के कारण प्रत्यावर्तन में हुई थी देरी।
- परिवारों से पुनर्मिलन की उम्मीद हुई पूरी।
FAQ Section:
Q1: अमृतसर से कितने बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा गया?
कुल 9 बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा गया है।
Q2: क्या इनमें महिलाएं भी शामिल थीं?
हाँ, प्रत्यावर्तित नागरिकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।
Q3: उनकी वापसी किस संस्था के प्रयासों से संभव हुई?
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), अमृतसर के प्रयासों से यह प्रक्रिया पूरी हुई।
Q4: प्रत्यावर्तित नागरिक कहां रखे गए थे?
वे अमृतसर सेंट्रल जेल के ट्रांजिट कैंप में रह रहे थे।
Q5: ट्रांजिट कैंप में वर्तमान में कितने विदेशी नागरिक हैं?
ट्रांजिट कैंप में वर्तमान में 64 विदेशी नागरिक मौजूद हैं।
Conclusion:
अमृतसर से नौ बांग्लादेशी नागरिकों की सफल स्वदेश वापसी मानवीय संवेदनशीलता और कानूनी प्रक्रियाओं के संतुलित पालन का उदाहरण है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से इन लोगों को अपने परिवारों से मिलने का अवसर मिला है। यह पहल न केवल प्रशासनिक दक्षता बल्कि मानवता के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

