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पाकिस्तान जाने से रोके गए 94 सिख श्रद्धालु, अकाल पंथक मोर्चा ने केंद्र और हरियाणा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व में शामिल होने जा रहे श्रद्धालुओं को नहीं मिली समय पर मंजूरी, प्रशासनिक लापरवाही का आरोप
हरियाणा के 94 सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान में गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व में शामिल होने से रोक दिए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। अकाल पंथक मोर्चा ने केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार और HSGMC नेतृत्व पर समन्वय की कमी और देरी के आरोप लगाए हैं।
पाकिस्तान यात्रा से वंचित रहे 94 सिख श्रद्धालु
हरियाणा के 94 सिख श्रद्धालु, जो पाकिस्तान के लाहौर में आयोजित गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे, बुधवार को वाघा बॉर्डर पर रोक दिए गए। इस घटना के बाद श्रद्धालुओं और सिख संगठनों में नाराजगी देखने को मिली है।
अकाल पंथक मोर्चा, जिसे हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (HSGMC) के 19 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, ने इस पूरे मामले के लिए केंद्र और हरियाणा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
समय पर सुरक्षा मंजूरी न मिलने का आरोप
केंद्रीय गृह मंत्रालय पर उठे सवाल
अकाल पंथक मोर्चा के अध्यक्ष प्रकाश सिंह साहूवाला ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा समय पर सुरक्षा सत्यापन (Security Verification) जारी नहीं किए जाने के कारण श्रद्धालुओं को वाघा सीमा पार करने की अनुमति नहीं मिल सकी।उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं ने यात्रा की सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली थीं और उनके पास वैध वीजा भी मौजूद थे, लेकिन आवश्यक मंजूरी न मिलने से उन्हें यात्रा बीच में ही रोकनी पड़ी।
हरियाणा सरकार पर भी देरी का आरोप
साहूवाला के अनुसार, हरियाणा सरकार ने भी आवश्यक सत्यापन रिपोर्ट निर्धारित समय पर केंद्र सरकार को नहीं भेजी। इसी कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय समय पर अनापत्ति प्रमाण पत्र (No Objection Certificate - NOC) जारी नहीं कर सका।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर हुई देरी का सीधा असर श्रद्धालुओं पर पड़ा, जो धार्मिक आयोजन में शामिल होने की उम्मीद लेकर पाकिस्तान जाने वाले थे।
HSGMC नेतृत्व पर भी साधा निशाना
श्रद्धालुओं को पर्याप्त सहयोग न मिलने का दावा
अकाल पंथक मोर्चा ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (HSGMC) के पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
मोर्चा का आरोप है कि समिति के नेतृत्व ने दस्तावेजी प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं को समय रहते हल करने या संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए। इससे श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व का महत्व
सिख समुदाय के लिए गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर माना जाता है। हर वर्ष भारत सहित विभिन्न देशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पाकिस्तान के लाहौर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने पहुंचते हैं।
इस बार यात्रा में आई प्रशासनिक बाधाओं के कारण कई श्रद्धालु धार्मिक समारोह में शामिल होने से वंचित रह गए।
Key Highlights:
- हरियाणा के 94 सिख श्रद्धालु वाघा बॉर्डर पर रोके गए।
- श्रद्धालु पाकिस्तान में गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व में शामिल होने जा रहे थे।
- अकाल पंथक मोर्चा ने केंद्र और हरियाणा सरकार पर देरी के आरोप लगाए।
- वैध वीजा होने के बावजूद श्रद्धालुओं को सीमा पार करने की अनुमति नहीं मिली।
- HSGMC नेतृत्व पर समन्वय और सहायता में कमी का आरोप।
- सुरक्षा सत्यापन और NOC प्रक्रिया में देरी को बताया गया मुख्य कारण।
FAQ Section:
Q1: 94 सिख श्रद्धालुओं को कहां रोका गया?
उन्हें भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित वाघा बॉर्डर पर रोका गया।
Q2: श्रद्धालु पाकिस्तान क्यों जा रहे थे?
वे लाहौर में आयोजित गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व में शामिल होने जा रहे थे।
Q3: अकाल पंथक मोर्चा ने किस पर आरोप लगाए हैं?
मोर्चा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय, हरियाणा सरकार और HSGMC नेतृत्व पर प्रशासनिक देरी और समन्वय की कमी के आरोप लगाए हैं।
Q4: क्या श्रद्धालुओं के पास वीजा था?
हाँ, मोर्चा के अनुसार सभी प्रभावित श्रद्धालुओं के पास वैध वीजा मौजूद थे।
Q5: यात्रा रुकने का मुख्य कारण क्या बताया गया?
सुरक्षा सत्यापन और आवश्यक NOC जारी होने में हुई देरी को मुख्य कारण बताया गया है।
Conclusion:
पाकिस्तान में आयोजित गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व में शामिल होने जा रहे 94 श्रद्धालुओं का वाघा बॉर्डर पर रुक जाना प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर कई सवाल खड़े करता है। सिख संगठनों ने मामले की जांच और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए बेहतर समन्वय की मांग की है। अब सभी की नजर संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया और संभावित समाधान पर टिकी हुई है।

