Tibet Museum में प्रदर्शनी “Frontier Diplomacy” शुरू, तिब्बत की कूटनीति के ऐतिहासिक दस्तावेज प्रदर्शित

Dalai Lama के पत्रों सहित दुर्लभ दस्तावेज, तिब्बत की स्वतंत्र कूटनीतिक भूमिका पर प्रकाश

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तिब्बत म्यूजियम में लगी नई प्रदर्शनी में 20वीं सदी के दुर्लभ दस्तावेज दिखाए गए हैं, जो तिब्बत की स्वतंत्र कूटनीतिक गतिविधियों को दर्शाते हैं।

Central Tibetan Administration (CTA) के Tibet Museum ने “Frontier Diplomacy: Britain, Tibet and Sir Basil Gould” नामक प्रदर्शनी शुरू की है, जिसमें 20वीं सदी की शुरुआत में तिब्बत की कूटनीतिक गतिविधियों को दर्शाने वाले दुर्लभ ऐतिहासिक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं।

इस प्रदर्शनी का उद्घाटन CTA के सिक्योंग (राष्ट्रपति) Penpa Tsering ने किया। इस मौके पर Frances C Cutler और Jonathan M Cutler भी उपस्थित थे, जो Sir Basil John Gould के पोते-पोती हैं।

Sir Basil Gould 1935 से 1945 तक सिक्किम, भूटान और तिब्बत में ब्रिटिश राजनीतिक अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।

इस प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण 10 अक्टूबर 1947 के दो पत्र हैं, जो 14th Dalai Lama और तिब्बती अधिकारियों द्वारा Gould को लिखे गए थे। इन पत्रों में ब्रिटिश भारत से अनुरोध किया गया था कि वह तिब्बती व्यापार प्रतिनिधिमंडल को विभिन्न देशों में भेजने में सहायता करे।

इन दस्तावेजों को इस बात के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया गया है कि उस समय तिब्बत स्वतंत्र रूप से कूटनीतिक कार्य कर रहा था।

तिब्बत म्यूजियम के निदेशक Tenzin Topdhen ने कहा कि ये दस्तावेज तिब्बत के स्वतंत्र कूटनीतिक प्रयासों को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि 1912 से 1945 के बीच ब्रिटिश अधिकारियों, जिनमें Gould भी शामिल थे, ने तिब्बती प्रशासन के साथ सीधे संबंध बनाए रखे।

Frances C Cutler ने बताया कि ये पत्र उनके दादा के दस्तावेजों में उनके माता-पिता के निधन के बाद मिले, जो कई दशकों से सुरक्षित थे।

उन्होंने कहा,
“ये पत्र दिखाते हैं कि उस समय तिब्बत को एक स्वतंत्र और संप्रभु इकाई के रूप में देखा जाता था।”

उन्होंने उम्मीद जताई कि ये दस्तावेज तिब्बत की ऐतिहासिक स्थिति को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेंगे।


🔍 निष्कर्ष (Conclusion)

यह प्रदर्शनी तिब्बत के ऐतिहासिक और कूटनीतिक महत्व को उजागर करती है और उसके अतीत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर नई दृष्टि प्रदान करती है।Screenshot_73

Edited By: Karan Singh

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