14 साल पुराने चेक बाउंस मामले का स्पेशल लोक अदालत में निपटारा, आपसी सहमति से खत्म हुआ कारोबारी विवाद

डीएलएसए की विशेष लोक अदालत में 391 मामलों पर सुनवाई, 37 मामलों का निपटारा और 51.09 लाख रुपये के समझौते

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करीब 14 वर्षों से लंबित एक चेक बाउंस मामले का विशेष लोक अदालत में आपसी सहमति से निपटारा हो गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा आयोजित लोक अदालत में कुल 391 मामलों में से 37 का समाधान किया गया, जिनका कुल समझौता मूल्य 51.09 लाख रुपये रहा।

## स्पेशल लोक अदालत में 14 साल पुराने मामले का समाधान

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा शनिवार को आयोजित विशेष लोक अदालत में करीब 14 वर्ष पुराने चेक बाउंस मामले का आपसी सहमति से निपटारा कर दिया गया।

लोक अदालत में कुल 391 मामलों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था, जिनमें से 37 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा हुआ। इन मामलों में कुल 51.09 लाख रुपये के समझौते हुए।


## कारोबारी लेनदेन से जुड़ा था विवाद

लोक अदालत का सबसे प्रमुख मामला "Gourav Impex बनाम Golden Overseas" रहा, जो 14 मई 2012 से लंबित था।

यह विवाद दोनों पक्षों के बीच हुए एक कारोबारी लेनदेन से जुड़ा था। लंबे समय तक न्यायालय में विचाराधीन रहने के बाद आखिरकार दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया।


## शिकायत में क्या थे आरोप?

शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी फर्म ने 36.76 लाख रुपये का माल खरीदा था।

आरोप था कि फर्म ने 20 लाख रुपये का भुगतान कर दिया, जबकि शेष राशि बकाया रह गई।

बकाया राशि चुकाने के लिए आरोपी की ओर से कथित रूप से 5-5 लाख रुपये के दो चेक जारी किए गए।


## बैंक ने चेक किए थे अनादरित

शिकायत के अनुसार, दोनों चेक मार्च 2012 में बैंक में प्रस्तुत किए गए, लेकिन बैंक ने उन्हें "Payment Stopped by Drawer" (ड्रॉअर द्वारा भुगतान रोका गया) टिप्पणी के साथ अनादरित (Dishonoured) कर दिया।

इसके बाद कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर परक्राम्य लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) के तहत मामला दर्ज कराया गया।


## लोक अदालत में आपसी सहमति से हुआ समझौता

करीब 14 वर्षों तक न्यायिक प्रक्रिया में रहने के बाद दोनों पक्षों ने विशेष लोक अदालत के दौरान आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने पर सहमति जताई।

लोक अदालत के माध्यम से हुए इस समझौते से लंबित मामले का निपटारा हो गया।


## Key Highlights:

  • 14 साल पुराने चेक बाउंस मामले का हुआ निपटारा।
  • DLSA की विशेष लोक अदालत में हुआ समझौता।
  • 391 मामलों में से 37 मामलों का समाधान।
  • कुल 51.09 लाख रुपये के समझौते दर्ज।
  • मामला 2012 से न्यायालय में लंबित था।
  • कारोबारी लेनदेन से जुड़ा था पूरा विवाद।

## FAQ Section:

प्रश्न 1: कौन-सा मामला सबसे प्रमुख रहा?

"Gourav Impex बनाम Golden Overseas" नामक 14 साल पुराना चेक बाउंस मामला लोक अदालत का प्रमुख मामला रहा।

प्रश्न 2: मामला कब से लंबित था?

यह मामला 14 मई 2012 से न्यायालय में लंबित था।

प्रश्न 3: विवाद किस कारण हुआ था?

यह विवाद एक कारोबारी लेनदेन और चेक बाउंस होने से जुड़ा था।

प्रश्न 4: लोक अदालत में कितने मामलों का निपटारा हुआ?

391 मामलों में से 37 मामलों का समाधान किया गया।

प्रश्न 5: कुल कितनी राशि के समझौते हुए?

विशेष लोक अदालत में कुल 51.09 लाख रुपये के समझौते दर्ज किए गए।


## Conclusion:

विशेष लोक अदालत ने वर्षों से लंबित मामलों के त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण पेश किया है। 14 साल पुराने चेक बाउंस मामले का आपसी सहमति से निपटारा न केवल दोनों पक्षों के लिए राहत लेकर आया, बल्कि वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली की प्रभावशीलता को भी दर्शाता है।Screenshot_123

Edited By: Karan Singh

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