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UHSR ने ANM, GNM और MPHW परीक्षाएं रोकीं, HNRC रजिस्ट्रेशन नंबरों में गड़बड़ी से मचा हड़कंप
हरियाणा के कई निजी कॉलेजों में एक ही HNRC रजिस्ट्रेशन नंबर पर कई छात्रों का दावा, जांच पूरी होने तक परीक्षाएं स्थगित
रोहतक स्थित पंडित बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (UHSR) ने ANM, GNM और MPHW-M पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं फिलहाल रोक दी हैं। परीक्षा फॉर्मों की जांच के दौरान HNRC रजिस्ट्रेशन नंबरों में गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने संबंधित कॉलेजों को तलब किया है।
UHSR ने ANM, GNM और MPHW परीक्षाएं रोकीं, HNRC रजिस्ट्रेशन नंबरों की गड़बड़ी की होगी जांच
पंडित बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (UHSR), रोहतक ने ANM (Auxiliary Nursing Midwife), GNM (General Nursing and Midwifery) और MPHW-M (Multi-Purpose Health Worker) पाठ्यक्रमों की प्रस्तावित परीक्षाओं पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह फैसला परीक्षा फॉर्मों की जांच के दौरान सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद लिया गया।
विश्वविद्यालय की प्रारंभिक जांच में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां एक ही Haryana Nurses Registration Council (HNRC) रजिस्ट्रेशन नंबर पर एक से अधिक छात्रों ने दावा किया है। इस गड़बड़ी के बाद विश्वविद्यालय ने संबंधित कॉलेजों को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया है।
HNRC रजिस्ट्रेशन नंबरों में मिली गंभीर विसंगतियां
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, परीक्षा आवेदन पत्रों की जांच के दौरान HNRC रजिस्ट्रेशन नंबरों में कई विसंगतियां सामने आईं। सबसे गंभीर मामला यह है कि अलग-अलग छात्रों द्वारा एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर का उपयोग किए जाने के दावे मिले हैं।विश्वविद्यालय अब यह पता लगाने में जुटा है कि ये डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन कैसे बने और कहीं इस पूरे मामले में किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा तो नहीं हुआ।
संबंधित कॉलेजों को किया गया तलब
गड़बड़ियों की जांच के लिए UHSR ने संबंधित सरकारी और निजी कॉलेजों के प्रतिनिधियों को बुलाया है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी रिकॉर्ड की जांच निष्पक्ष तरीके से हो और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई है तो उसका पता लगाया जा सके।
कुलपति ने क्या कहा?
UHSR के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने पुष्टि करते हुए कहा कि संबंधित कॉलेजों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं ताकि HNRC रजिस्ट्रेशन नंबरों में आई डुप्लीकेसी के कारणों का पता लगाया जा सके।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की प्राथमिकता लंबित मामलों का जल्द समाधान कर परीक्षाओं का आयोजन शीघ्र कराना है।
डॉ. अग्रवाल के अनुसार, विश्वविद्यालय यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी अयोग्य या फर्जी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल न हो, वहीं कोई पात्र छात्र केवल प्रशासनिक या डेटा संबंधी त्रुटि के कारण परीक्षा से वंचित भी न रहे।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और परीक्षाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से आयोजित की जाएंगी।
21 हजार से अधिक छात्र होंगे प्रभावित
विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार, हरियाणा के लगभग 150 सरकारी और निजी कॉलेजों के 21,000 से अधिक छात्र ANM, GNM और MPHW परीक्षाओं में शामिल होने वाले हैं।
अब तक HNRC रजिस्ट्रेशन नंबरों से जुड़ी विसंगतियां कई निजी कॉलेजों में सामने आई हैं। जांच पूरी होने के बाद ही परीक्षा की नई तिथि को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
Key Highlights:
- UHSR ने ANM, GNM और MPHW-M परीक्षाएं फिलहाल रोकीं।
- HNRC रजिस्ट्रेशन नंबरों में गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं।
- कई छात्रों ने एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर दावा किया।
- संबंधित कॉलेजों को जांच के लिए तलब किया गया।
- 150 कॉलेजों के 21,000 से अधिक छात्र प्रभावित हो सकते हैं।
- विश्वविद्यालय ने निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराने का भरोसा दिया।
FAQ Section:
Q1. UHSR ने कौन-सी परीक्षाएं रोकी हैं?
उत्तर: UHSR ने ANM, GNM और MPHW-M पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं फिलहाल स्थगित की हैं।
Q2. परीक्षाएं रोकने का कारण क्या है?
उत्तर: परीक्षा फॉर्मों की जांच में HNRC रजिस्ट्रेशन नंबरों में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिनमें एक ही नंबर पर कई छात्रों के दावे शामिल हैं।
Q3. कितने छात्र प्रभावित हो सकते हैं?
उत्तर: लगभग 21,000 से अधिक छात्र, जो हरियाणा के करीब 150 सरकारी और निजी कॉलेजों से जुड़े हैं, इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं।
Q4. विश्वविद्यालय ने आगे क्या कदम उठाए हैं?
उत्तर: संबंधित कॉलेजों को तलब कर गड़बड़ियों की जांच शुरू की गई है। जांच पूरी होने के बाद परीक्षाओं की नई तिथि तय की जाएगी।
Q5. कुलपति ने क्या कहा?
उत्तर: कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं करेगा और केवल पात्र छात्रों को ही परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।
Conclusion:
UHSR का यह कदम परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, जांच पूरी होने तक हजारों छात्रों को परीक्षा का इंतजार करना पड़ेगा। विश्वविद्यालय ने भरोसा दिलाया है कि सभी विसंगतियों का शीघ्र समाधान कर निष्पक्ष तरीके से परीक्षाओं का आयोजन कराया जाएगा।

