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पंजाब में CHO का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज, वित्त मंत्री के नाम विधायकों को सौंपे मांगपत्र
सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने उठाई लिखित अधिसूचना जारी करने की मांग, आश्वासनों से नाराजगी जाहिर
पंजाब भर के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHOs) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। सोमवार को CHO एसोसिएशन के आह्वान पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने वित्त मंत्री के नाम संबंधित विधायकों, आम आदमी पार्टी नेताओं और हलका प्रभारियों को मांगपत्र सौंपे।
लंबित मांगों को लेकर CHO का प्रदर्शन, विधायकों के माध्यम से वित्त मंत्री को भेजे मांगपत्र
पंजाब में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHOs) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। सोमवार को CHO एसोसिएशन, पंजाब के आह्वान पर राज्यभर के स्वास्थ्य अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के विधायकों, आम आदमी पार्टी (AAP) नेताओं और हलका प्रभारियों के माध्यम से वित्त मंत्री के नाम मांगपत्र सौंपे।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर कई स्तरों पर सहमति बनने के बावजूद अब तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
मांगपत्र सौंपने से पहले CHOs ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सभी सात विधायकों और मेयर इंदरजीत कौर को वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग की।
कई बैठकों के बावजूद नहीं जारी हुई अधिसूचना
प्रदर्शन के दौरान CHO नेताओं ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर मिशन डायरेक्टर, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव और वित्त मंत्री के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं।
उनका दावा है कि इन बैठकों में उनकी मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार भी कर लिया गया था, लेकिन अब तक संबंधित आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी नहीं की गई।
CHO नेताओं का कहना है कि लगातार हो रही इस देरी के कारण स्वास्थ्य अधिकारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
आश्वासनों से बढ़ी नाराजगी
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार केवल आश्वासन देकर समय निकाल रही है, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों में निराशा और रोष बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह वाजिब हैं और अब किसी भी तरह की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
लिखित आदेश जारी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
CHO एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों से संबंधित लिखित अधिसूचना जारी नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि वे अपने अधिकारों और लंबित मांगों के समाधान के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
Key Highlights:
- पंजाब भर के CHOs ने वित्त मंत्री के नाम मांगपत्र सौंपे।
- विधायकों, AAP नेताओं और हलका प्रभारियों के माध्यम से ज्ञापन भेजे गए।
- सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया।
- CHO नेताओं ने अधिसूचना जारी करने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई।
- सरकार पर केवल आश्वासन देकर समय बिताने का आरोप।
- लिखित आदेश जारी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान।
FAQ Section:
Q1. CHOs ने प्रदर्शन क्यों किया?
उत्तर: लंबित मांगों पर सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी न होने के विरोध में प्रदर्शन किया गया।
Q2. मांगपत्र किसे सौंपे गए?
उत्तर: वित्त मंत्री के नाम संबंधित विधायकों, आम आदमी पार्टी नेताओं और हलका प्रभारियों के माध्यम से मांगपत्र सौंपे गए।
Q3. CHO नेताओं का मुख्य आरोप क्या है?
उत्तर: उनका आरोप है कि सरकार कई बैठकों में मांगें स्वीकार करने के बावजूद लिखित अधिसूचना जारी नहीं कर रही और केवल आश्वासन दे रही है।
Q4. प्रदर्शन से पहले क्या किया गया?
उत्तर: CHOs ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।
Q5. आगे आंदोलन को लेकर क्या निर्णय लिया गया?
उत्तर: CHO एसोसिएशन ने कहा है कि लिखित अधिसूचना जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
Conclusion:
कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स का कहना है कि उनकी मांगों पर सिद्धांततः सहमति बनने के बावजूद अधिसूचना जारी नहीं होने से उनमें असंतोष बढ़ रहा है। अब संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार लिखित आदेश जारी नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। आने वाले दिनों में सरकार और CHO प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत इस गतिरोध को समाप्त करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

