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CM नायब सिंह सैनी ने स्कूल प्रबंधन समितियों से किया सीधा संवाद, सरकारी स्कूलों के विकास में जनभागीदारी पर दिया जोर
हरियाणा के 833 SMC प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन कार्यक्रम में लिया हिस्सा, मेहनाखेड़ा स्कूल की उपलब्धियों की मुख्यमंत्री ने की सराहना
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने राज्यभर की स्कूल प्रबंधन समितियों (SMCs) के साथ वर्चुअल संवाद किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विकास में समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देना और स्थानीय आवश्यकताओं पर चर्चा करना था।
CM नायब सिंह सैनी ने SMCs से किया वर्चुअल संवाद, सरकारी स्कूलों के विकास के लिए जनभागीदारी पर जोर
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने रविवार को राज्यभर की स्कूल प्रबंधन समितियों (School Management Committees - SMCs) के साथ वर्चुअल संवाद किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विकास में समुदाय की भागीदारी बढ़ाना और स्कूलों से जुड़ी आवश्यकताओं एवं उपलब्धियों की समीक्षा करना था।
इस दौरान विभिन्न जिलों की SMCs ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया और अपने-अपने स्कूलों की उपलब्धियों तथा विकास संबंधी जरूरतों को मुख्यमंत्री के सामने रखा।
सिरसा के मेहनाखेड़ा स्कूल को मिला मुख्यमंत्री से सीधे संवाद का अवसर
सिरसा जिले के ऐलनाबाद ब्लॉक स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मेहनाखेड़ा की स्कूल प्रबंधन समिति को मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत करने का अवसर मिला।जिले की कुल 833 स्कूल प्रबंधन समितियों ने इस ऑनलाइन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। करीब तीन से चार मिनट चली बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूल की उपलब्धियों और भविष्य की विकास योजनाओं की जानकारी ली।
स्कूल की उपलब्धियों की दी जानकारी
SMC अध्यक्ष सुभाष चंद्र ने मुख्यमंत्री को बताया कि विद्यालय ने हाल ही में आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में 100 प्रतिशत परिणाम हासिल किया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि—
- बोर्ड परीक्षाओं में 100% रिजल्ट दर्ज किया गया।
- विद्यार्थियों ने 42 मेरिट स्थान हासिल किए।
- स्कूल ने जिला स्तरीय स्कूल सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने विद्यालय के प्रदर्शन की सराहना करते हुए समिति के प्रयासों की प्रशंसा की।
सरपंच ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
गांव की सरपंच पुष्पा ने मुख्यमंत्री के समक्ष स्कूल से जुड़ी तीन प्रमुख मांगें रखीं—
प्रमुख मांगें
- सरकारी स्कूलों में सफाई कर्मचारियों (स्वीपर) की नियुक्ति।
- बिजली खर्च कम करने के लिए सौर ऊर्जा (Solar Power System) की स्थापना।
- स्कूल से सटी दो एकड़ पंचायत भूमि के चारों ओर सुरक्षा के लिए चारदीवारी का निर्माण।
मुख्यमंत्री ने दिए आवश्यक निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आश्वासन दिया कि सरकारी स्कूलों में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े मुद्दे का समाधान अगले तीन महीनों के भीतर किया जाएगा।
उन्होंने स्कूल प्रबंधन समिति और ग्राम पंचायत को निर्देश दिए कि अन्य मांगों से संबंधित औपचारिक प्रस्ताव (Formal Resolution) भेजें, ताकि नियमों के अनुसार उन पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
Key Highlights:
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने SMCs से ऑनलाइन संवाद किया।
- सरकारी स्कूलों के विकास में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर।
- सिरसा जिले की 833 SMCs ने कार्यक्रम में भाग लिया।
- मेहनाखेड़ा स्कूल ने बोर्ड परीक्षा में 100% परिणाम और 42 मेरिट हासिल की।
- स्कूल सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता में विद्यालय ने जिला स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया।
- सरपंच ने सफाई कर्मचारी, सोलर सिस्टम और चारदीवारी की मांग उठाई।
- मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मचारियों की समस्या तीन महीने में हल करने का भरोसा दिया।
FAQ Section:
Q1. वर्चुअल संवाद का उद्देश्य क्या था?
उत्तर: सरकारी स्कूलों के विकास में समुदाय की भागीदारी बढ़ाना और स्कूलों की आवश्यकताओं व उपलब्धियों की समीक्षा करना।
Q2. सिरसा जिले से कितनी SMCs ने भाग लिया?
उत्तर: सिरसा जिले की 833 स्कूल प्रबंधन समितियों ने ऑनलाइन कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
Q3. मेहनाखेड़ा स्कूल की प्रमुख उपलब्धियां क्या रहीं?
उत्तर: स्कूल ने बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत परिणाम, 42 मेरिट स्थान और जिला स्तरीय स्कूल सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया।
Q4. मुख्यमंत्री के सामने कौन-कौन सी मांगें रखी गईं?
उत्तर: सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति, सोलर पावर सिस्टम की स्थापना और स्कूल से सटी पंचायत भूमि की चारदीवारी बनाने की मांग रखी गई।
Q5. मुख्यमंत्री ने क्या आश्वासन दिया?
उत्तर: मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की समस्या अगले तीन महीनों में दूर करने का प्रयास किया जाएगा तथा अन्य प्रस्ताव नियमों के अनुसार प्रक्रिया में लिए जाएंगे।
Conclusion:
हरियाणा सरकार का स्कूल प्रबंधन समितियों के साथ सीधा संवाद सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय स्तर की समस्याओं और सुझावों को सीधे सरकार तक पहुंचाने का अवसर मिला, जिससे सरकारी स्कूलों के विकास और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की संभावनाएं बढ़ी हैं।

