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रिफाइनरी कर्मचारियों की भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी, लंबित मांगों पर अड़े IPREU के पांच सदस्य
इंडियन ऑयल रिफाइनरी टाउनशिप के गेट नंबर-2 पर अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी, पदोन्नति नीति, रिक्त पदों पर भर्ती और कर्मचारी सुविधाओं समेत कई मांगें उठाईं
इंडियन ऑयल रिफाइनरी एम्प्लॉइज यूनियन (IPREU) के पांच सदस्य, जिनमें यूनियन अध्यक्ष भी शामिल हैं, पिछले चार दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कई दौर की वार्ता के बावजूद उनकी लंबित मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
रिफाइनरी कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी, प्रबंधन पर अनदेखी का आरोप
इंडियन ऑयल रिफाइनरी एम्प्लॉइज यूनियन (IPREU) और रिफाइनरी प्रबंधन के बीच जारी विवाद अब और गहरा गया है। यूनियन के पांच सदस्य, जिनमें अध्यक्ष संपूर्ण सिंह भी शामिल हैं, रिफाइनरी टाउनशिप के गेट नंबर-2 के पास पिछले चार दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
यूनियन का आरोप है कि कई दौर की बातचीत और विरोध प्रदर्शन के बावजूद उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर प्रबंधन की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया। सोमवार को भूख हड़ताल चौथे दिन में प्रवेश कर गई और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम रहे।
कई दौर की बातचीत के बाद भी नहीं निकला समाधान
यूनियन के अनुसार, भूख हड़ताल शुरू करने से पहले प्रबंधन के साथ कई बैठकें आयोजित की गई थीं। इन बैठकों में कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को उठाया गया, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।यूनियन का कहना है कि लगातार संवाद के बावजूद जब समाधान नहीं मिला, तब उन्हें आंदोलन और अंततः अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
IPREU ने प्रबंधन के सामने कई अहम मांगें रखी हैं, जिनमें कर्मचारियों के हितों से जुड़े प्रशासनिक, पदोन्नति और कल्याण संबंधी मुद्दे शामिल हैं।
यूनियन की प्रमुख मांगें
- लंबित बैकलॉग रिक्त पदों को भरा जाए।
- त्रिपक्षीय समझौते के तहत 50:50 पदोन्नति नीति को लागू किया जाए।
- सभी रिक्त नॉन-एग्जीक्यूटिव PRPC पदों पर भर्ती और बहाली की जाए।
- PP-3 में E-0 जूनियर इंजीनियर पदों को तत्काल वापस लिया जाए।
- जर्नी-प्रूफ शर्त समाप्त कर पहले वाली यूनिट-स्तरीय प्रक्रिया बहाल की जाए।
- रिफाइनरी अस्पताल में मेडिकल रेफरल, मंजूरी, दवाओं की गुणवत्ता, डायग्नोस्टिक लैब और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जाए।
- रिफाइनरी टाउनशिप के एस्टेट ऑफिस की कार्यप्रणाली बेहतर बनाई जाए।
- कर्मचारियों को मिलने वाली स्टेशनरी किट सुविधा फिर से शुरू की जाए।
- रिफाइनरी डे और इंडियन ऑयल डे पर मिलने वाले कर्मचारी लाभ पहले की तरह बहाल किए जाएं।
- टाउनशिप में बढ़ रहे आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान किया जाए।
- कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आरओ प्लांट लगाकर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
- सभी रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती की जाए।
भूख हड़ताल से पहले किए गए थे कई विरोध प्रदर्शन
यूनियन अध्यक्ष संपूर्ण सिंह ने बताया कि आंदोलन अचानक शुरू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यूनियन ने कई बार अपनी मांगें प्रबंधन के समक्ष रखीं, लेकिन कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि—
- 29 जून को रिफाइनरी टाउनशिप में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया गया।
- 10 जुलाई को रिफाइनरी गेट पर प्रदर्शन किया गया और P-25 प्रोजेक्ट गेट से कोको चौक तक मार्च निकाला गया।
- रिफाइनरी डे के अवसर पर कर्मचारियों ने काले कपड़े पहनकर मॉर्निंग मार्च निकालते हुए विरोध दर्ज कराया।
कौन-कौन कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठे हैं?
17 जुलाई से शुरू हुई इस अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में यूनियन के पांच सदस्य शामिल हैं—
- संपूर्ण सिंह (यूनियन अध्यक्ष)
- मनोज कटियार
- प्रदीप शर्मा
- पवन चाहल
- ललित कुमार
रविवार को भूख हड़ताल के तीसरे दिन 20 अन्य कर्मचारियों ने भी एक दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल कर पांचों सदस्यों का समर्थन किया। इसके अलावा बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और यूनियन की मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
Key Highlights:
- IPREU के पांच सदस्य चौथे दिन भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर।
- रिफाइनरी प्रबंधन के साथ कई दौर की वार्ता बेनतीजा रही।
- बैकलॉग भर्ती, 50:50 प्रमोशन नीति और कर्मचारी सुविधाओं सहित कई मांगें उठाईं।
- 20 कर्मचारियों ने एक दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल कर समर्थन दिया।
- यूनियन का आरोप—लंबे समय से मांगों की अनदेखी की जा रही है।
- प्रदर्शन स्थल पर कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
FAQ Section:
Q1. भूख हड़ताल कौन कर रहा है?
उत्तर: इंडियन ऑयल रिफाइनरी एम्प्लॉइज यूनियन (IPREU) के पांच सदस्य, जिनमें अध्यक्ष संपूर्ण सिंह भी शामिल हैं।
Q2. कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
उत्तर: बैकलॉग रिक्त पद भरना, 50:50 पदोन्नति नीति लागू करना, रिक्त पदों पर भर्ती, अस्पताल सुविधाओं में सुधार, आरओ प्लांट की स्थापना और अन्य कर्मचारी कल्याण संबंधी मांगें।
Q3. भूख हड़ताल कब शुरू हुई?
उत्तर: अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 17 जुलाई से शुरू हुई थी और सोमवार को इसका चौथा दिन था।
Q4. क्या इससे पहले भी विरोध प्रदर्शन हुए थे?
उत्तर: हां। यूनियन ने 29 जून को सांकेतिक धरना, 10 जुलाई को प्रदर्शन और मार्च तथा रिफाइनरी डे पर काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया था।
Q5. क्या अन्य कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया?
उत्तर: हां। तीसरे दिन 20 कर्मचारियों ने एक दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल की और बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।
Conclusion:
रिफाइनरी कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच जारी गतिरोध फिलहाल खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। यूनियन का कहना है कि जब तक उनकी लंबित मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, इस विवाद का समाधान बातचीत के जरिए निकालना दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है ताकि कर्मचारियों के हितों और संस्थान के सुचारु संचालन के बीच संतुलन बना रहे।

