GADVASU में मत्स्य पालकों के लिए ओरिएंटेशन कार्यशाला, PM-MKSSY योजना और डिजिटल प्लेटफॉर्म की दी जानकारी

पंजाब के प्रगतिशील मछली पालकों को सरकारी योजनाओं, डिजिटल सेवाओं और मत्स्य पालन को लाभकारी बनाने के उपायों से कराया गया अवगत

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गुरु अंगद देव वेटरिनरी एवं एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (GADVASU) के कॉलेज ऑफ फिशरीज ने प्रगतिशील मत्स्य पालकों के लिए एक ओरिएंटेशन कार्यशाला आयोजित की। इसमें केंद्र सरकार की मत्स्य क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं और नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर पंजीकरण के लाभों की जानकारी दी गई।

GADVASU ने मत्स्य पालकों को दी सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं की जानकारी

गुरु अंगद देव वेटरिनरी एवं एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (GADVASU) के कॉलेज ऑफ फिशरीज (COF) ने इनोवेटिव फिश फार्मर्स एसोसिएशन (IFFA), पंजाब के प्रगतिशील सदस्यों के लिए एक ओरिएंटेशन कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यक्रम फिश फार्मर्स डेवलपमेंट एजेंसी (FFDA), लुधियाना के सहयोग से आयोजित किया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य मत्स्य पालकों को केंद्र सरकार की योजनाओं, आधुनिक तकनीकों और डिजिटल सेवाओं से जोड़कर मत्स्य पालन को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाना था।

PM-MKSSY योजना की विस्तृत जानकारी दी गई

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मत्स्य पालन विभाग (Department of Fisheries - DOF), मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) के तहत संचालित विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य मत्स्य उत्पादन बढ़ाना, आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना और मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि करना है।

कॉलेज ऑफ फिशरीज दे रहा है तकनीकी और ज्ञान आधारित सहयोग

कॉलेज ऑफ फिशरीज, नेशनल कंसोर्टियम ऑफ फिशरीज यूनिवर्सिटीज एंड कॉलेजेज का हिस्सा होने के नाते पंजाब के मछली और झींगा (Shrimp) पालकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए—

  • सत्यापन (Verification)
  • निगरानी (Monitoring)
  • तकनीकी मार्गदर्शन (Knowledge Support)

जैसी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य पात्र किसानों को सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना है।

नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण की अपील

कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों से नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर पंजीकरण कराने का आग्रह किया गया।

विशेषज्ञों ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण से मत्स्य पालकों को कई लाभ मिल सकते हैं, जिनमें शामिल हैं—

NFDP पर पंजीकरण के प्रमुख लाभ

  • आसान ऋण सुविधा (Credit Facilitation)
  • मत्स्य सहकारी समितियों को मजबूत बनाने में सहायता
  • सरकारी योजनाओं और प्रोत्साहनों तक बेहतर पहुंच
  • डिजिटल माध्यम से सेवाओं का लाभ
  • मत्स्य क्षेत्र में आधुनिक प्रबंधन और पारदर्शिता

आधुनिक मत्स्य पालन अपनाने पर जोर

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीकों, सरकारी योजनाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने तथा आय में सुधार करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि डिजिटल सेवाओं और सरकारी सहयोग का प्रभावी उपयोग कर मत्स्य पालन को अधिक लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सकता है।


Key Highlights:

  • GADVASU के कॉलेज ऑफ फिशरीज ने ओरिएंटेशन कार्यशाला आयोजित की।
  • IFFA और FFDA, लुधियाना के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित हुआ।
  • PM-MKSSY के तहत सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
  • मछली और झींगा पालकों को तकनीकी एवं ज्ञान आधारित सहयोग का भरोसा।
  • NFDP पर पंजीकरण के लिए मत्स्य पालकों को प्रेरित किया गया।
  • डिजिटल सेवाओं और सरकारी प्रोत्साहनों का लाभ उठाने पर जोर।

FAQ Section:

Q1. कार्यशाला का आयोजन किसने किया?

उत्तर: GADVASU के कॉलेज ऑफ फिशरीज ने IFFA और FFDA, लुधियाना के सहयोग से कार्यशाला आयोजित की।

Q2. कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्या था?

उत्तर: मत्स्य पालकों को सरकारी योजनाओं, आधुनिक तकनीकों और डिजिटल सेवाओं की जानकारी देकर उनकी आय और उत्पादन बढ़ाने में सहायता करना।

Q3. PM-MKSSY क्या है?

उत्तर: यह भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग की एक योजना है, जिसके तहत मत्स्य क्षेत्र के विकास और मत्स्य पालकों को विभिन्न प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जाते हैं।

Q4. NFDP पर पंजीकरण से क्या लाभ होगा?

उत्तर: पंजीकरण के माध्यम से किसानों को ऋण सुविधा, सरकारी योजनाओं तक पहुंच, डिजिटल सेवाएं और सहकारी समितियों को मजबूत बनाने में सहायता मिल सकती है।

Q5. कॉलेज ऑफ फिशरीज किसानों को किस प्रकार सहयोग दे रहा है?

उत्तर: कॉलेज सत्यापन, निगरानी और तकनीकी मार्गदर्शन जैसी सेवाएं प्रदान कर रहा है ताकि किसान सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।


Conclusion:

GADVASU की यह पहल पंजाब के मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाओं और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी जागरूकता और प्रशिक्षण गतिविधियां मत्स्य पालन क्षेत्र को अधिक संगठित, लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।Screenshot_148

Edited By: Karan Singh

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