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पंजाब में LADC नीति के खिलाफ वकीलों का आंदोलन तेज, लुधियाना में अनिश्चितकालीन धरना शुरू, 'नो वर्क' जारी
लुधियाना से शुरू हुआ विरोध अब पूरे पंजाब में तेज, बार एसोसिएशनों ने रिले भूख हड़ताल और हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट तक प्रदर्शन का किया ऐलान
पंजाब में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) नीति के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन और तेज हो गया है। लुधियाना में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है, जबकि 'नो वर्क' हड़ताल जारी रहने से अदालतों का कामकाज भी प्रभावित हुआ है।
पंजाब में LADC नीति के खिलाफ वकीलों का आंदोलन हुआ तेज, लुधियाना में अनिश्चितकालीन धरना शुरू
पंजाब में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) नीति के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार विस्तार ले रहा है। सोमवार को लुधियाना में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अदालत के बाहर वकीलों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इसके साथ ही पहले से जारी 'नो वर्क' आंदोलन भी जारी रहा, जिससे जिले की न्यायिक कार्यवाही प्रभावित हुई और अधिकांश मामलों की सुनवाई अगली तारीखों के लिए स्थगित करनी पड़ी।
LADC नीति वापस लेने तक जारी रहेगा आंदोलन
रविवार को बार एसोसिएशनों की संयुक्त कार्रवाई समिति (Joint Action Committee - JAC) की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जब तक LADC नीति वापस नहीं ली जाती, तब तक पूरे पंजाब में 'नो वर्क' आंदोलन जारी रहेगा।
समिति ने आंदोलन को और व्यापक बनाने के लिए कई चरणों में विरोध कार्यक्रम चलाने का भी फैसला लिया।जिला स्तर पर रिले भूख हड़ताल की तैयारी
JAC की बैठक में तय किया गया कि आने वाले दिनों में सभी जिलों में रिले भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी। इसके अलावा चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के बाहर विरोध प्रदर्शन और नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के निकट धरना एवं भूख हड़ताल भी की जाएगी।
इस निर्णय के बाद आंदोलन को राज्य से बाहर राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की रणनीति स्पष्ट हो गई है।
मुख्य न्यायाधीश को भेजे जाएंगे व्यक्तिगत ज्ञापन
संयुक्त कार्रवाई समिति ने यह भी निर्णय लिया कि सभी अधिवक्ता भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) को व्यक्तिगत रूप से ज्ञापन भेजकर LADC नीति पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराएंगे।
इसके साथ ही समिति के प्रतिनिधिमंडल हरियाणा की विभिन्न बार एसोसिएशनों से भी संपर्क करेंगे ताकि आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल सके।
लुधियाना बार एसोसिएशन ने क्या कहा?
जिला बार एसोसिएशन, लुधियाना के अध्यक्ष विपिन सागर ने कहा कि अधिवक्ताओं की मांगों पर अभी तक संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सक्षम प्राधिकारी की ओर से लिखित और संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलता, तब तक हड़ताल और 'नो वर्क' आंदोलन जारी रहेगा।
Key Highlights:
- LADC नीति के विरोध में पंजाब भर में वकीलों का आंदोलन तेज।
- लुधियाना में CJM कोर्ट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू।
- 'नो वर्क' हड़ताल से अदालतों का नियमित कामकाज प्रभावित।
- JAC ने रिले भूख हड़ताल और हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट तक प्रदर्शन का ऐलान किया।
- अधिवक्ता Chief Justice of India को व्यक्तिगत ज्ञापन भेजेंगे।
- हरियाणा की बार एसोसिएशनों से भी समर्थन जुटाने की तैयारी।
- लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला।
FAQ Section:
Q1. LADC नीति क्या है?
उत्तर: LADC (Legal Aid Defence Counsel) नीति कानूनी सहायता से जुड़े अधिवक्ताओं की नियुक्ति और सेवाओं से संबंधित व्यवस्था है, जिसका पंजाब में बार एसोसिएशन विरोध कर रही हैं।
Q2. वकीलों का आंदोलन क्यों हो रहा है?
उत्तर: अधिवक्ता LADC नीति को वापस लेने की मांग कर रहे हैं और इसी के विरोध में 'नो वर्क' हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
Q3. आंदोलन का न्यायिक कार्य पर क्या असर पड़ा?
उत्तर: लुधियाना सहित कई स्थानों पर अदालतों का कामकाज प्रभावित हुआ और अधिकांश मामलों की सुनवाई स्थगित करनी पड़ी।
Q4. आगे आंदोलन की क्या रणनीति है?
उत्तर: जिला स्तर पर रिले भूख हड़ताल, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में प्रदर्शन तथा सुप्रीम कोर्ट के निकट धरना और भूख हड़ताल आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
Conclusion:
पंजाब में LADC नीति को लेकर अधिवक्ताओं का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। फिलहाल बार एसोसिएशनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार या संबंधित सक्षम प्राधिकारी की ओर से लिखित और संतोषजनक आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक 'नो वर्क' आंदोलन और विरोध कार्यक्रम जारी रहेंगे। आने वाले दिनों में यह आंदोलन राज्य से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभाव डाल सकता है।

