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कुएं में गिरे बछड़े को बचाने उतरे चार युवकों की दर्दनाक मौत, दम घुटने से गई जान, गांव में आक्रोश
हरियाणा के मुनीमपुर गांव में देर रात हुआ हादसा, जहरीली गैस की चपेट में आने की आशंका; ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही के लगाए आरोप
हरियाणा के मुनीमपुर गांव में कुएं में गिरे एक बछड़े को बचाने की कोशिश चार लोगों के लिए जानलेवा साबित हुई। एक-एक कर कुएं में उतरे चारों लोगों की संदिग्ध दम घुटने से मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की कथित लापरवाही पर नाराजगी जताई।
कुएं में गिरे बछड़े को बचाने की कोशिश में चार लोगों की मौत, जहरीली गैस से दम घुटने की आशंका
हरियाणा के मुनीमपुर गांव में रविवार देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां कुएं में गिरे एक बछड़े को बचाने के प्रयास में चार लोगों की जान चली गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चारों व्यक्ति एक-एक कर कुएं में उतरे, लेकिन अंदर मौजूद जहरीली गैसों की चपेट में आने से उनका दम घुट गया।
करीब तीन घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद सभी को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक वे अचेत अवस्था में थे और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान इस प्रकार हुई है—- दलबीर (40 वर्ष) – निवासी मुनीमपुर
- मोनू (35 वर्ष) – निवासी मुनीमपुर
- नरेंद्र (37 वर्ष) – निवासी मुनीमपुर
- राम लाल (32 वर्ष) – मूल निवासी बिहार
प्रारंभिक आशंका है कि कुएं के भीतर जमा जहरीली गैसों के कारण चारों का दम घुट गया।
करीब तीन घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। लगभग तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद चारों लोगों को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन वे अचेत थे। चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स, जो बचाव अभियान के दौरान मौके पर मौजूद रहे, और ग्रामीणों ने प्रशासन की कथित लापरवाही पर सवाल उठाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना डायल-112 पर तुरंत दी गई थी, लेकिन राहत एवं बचाव दल समय पर नहीं पहुंचा। उनका यह भी दावा है कि सिविल अस्पताल और फायर विभाग को कई बार फोन किए गए, लेकिन समय पर कोई प्रभावी सहायता नहीं मिली।
एंबुलेंस में न डॉक्टर थे, न ऑक्सीजन: ग्रामीण
ग्रामीणों का आरोप है कि बाद में रिलायंस MET सिटी से एक फायर टेंडर मौके पर पहुंचा, जिसकी मदद से चारों लोगों को बाहर निकाला गया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि मौके पर पहुंची एंबुलेंस में न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही ऑक्सीजन सिलेंडर, जिससे बचाव कार्य प्रभावित हुआ।
परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार
सोमवार सुबह मृतकों के परिजनों ने अपनी मांगें पूरी होने तक पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं—
परिजनों की प्रमुख मांगें
- मृतकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाए।
- प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
- मृतकों के बच्चों की निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित की जाए।
- बचाव अभियान में कथित लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
Key Highlights:
- हरियाणा के मुनीमपुर गांव में दर्दनाक हादसा।
- कुएं में गिरे बछड़े को बचाने उतरे चार लोगों की मौत।
- जहरीली गैस से दम घुटने की आशंका।
- करीब तीन घंटे तक चला बचाव अभियान।
- ग्रामीणों ने प्रशासन पर देरी और लापरवाही के आरोप लगाए।
- परिजनों ने मांगें पूरी होने तक पोस्टमार्टम से इनकार किया।
- सरकारी नौकरी, आर्थिक सहायता और मुफ्त शिक्षा की मांग उठी।
FAQ Section:
Q1. हादसा कहां हुआ?
उत्तर: यह घटना हरियाणा के मुनीमपुर गांव में रविवार देर रात हुई।
Q2. चारों लोगों की मौत कैसे हुई?
उत्तर: प्रारंभिक आशंका है कि कुएं के भीतर जमा जहरीली गैसों के कारण उनका दम घुट गया।
Q3. मृतकों की पहचान क्या है?
उत्तर: मृतकों की पहचान दलबीर, मोनू, नरेंद्र (तीनों मुनीमपुर निवासी) और राम लाल (बिहार निवासी) के रूप में हुई है।
Q4. ग्रामीणों ने क्या आरोप लगाए हैं?
उत्तर: ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस, अस्पताल और फायर विभाग की प्रतिक्रिया में देरी हुई तथा बचाव अभियान पर्याप्त संसाधनों के बिना चलाया गया।
Q5. परिजनों की क्या मांग है?
उत्तर: परिजनों ने सरकारी नौकरी, आर्थिक सहायता, बच्चों की मुफ्त शिक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Conclusion:
मुनीमपुर गांव की यह घटना बचाव कार्यों के दौरान सुरक्षा उपायों के महत्व को एक बार फिर उजागर करती है। कुओं और बंद स्थानों में जहरीली गैसों की संभावना को देखते हुए बिना सुरक्षा उपकरणों के अंदर उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है। वहीं, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक प्रतिक्रिया की समीक्षा भी इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

