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जालंधर में उत्साह के साथ मनाया गया 17वां अंतरराष्ट्रीय 'माय ट्री डे', सैकड़ों पौधे लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
गो ग्रीन इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन के नेतृत्व में विभिन्न कॉलोनियों में हुआ पौधारोपण, 'एक व्यक्ति-एक पेड़' अभियान को मिला जनसमर्थन।
जालंधर में 17वें अंतरराष्ट्रीय 'माय ट्री डे' के अवसर पर गो ग्रीन इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन (GGIO) के नेतृत्व में बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया गया। सामाजिक संगठनों, महिलाओं और नागरिकों ने मिलकर सैकड़ों पौधे लगाए तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
जालंधर में मनाया गया 17वां अंतरराष्ट्रीय 'माय ट्री डे'
जालंधर में रविवार को 17वें अंतरराष्ट्रीय 'माय ट्री डे' का आयोजन उत्साह और जनभागीदारी के साथ किया गया। गो ग्रीन इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन (GGIO) के मिशन निदेशक नरिंदर सिंह के नेतृत्व में संस्था के सदस्यों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने शहर की अलग-अलग कॉलोनियों में सैकड़ों पौधे लगाए।
इस अवसर पर लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।
2010 में हुई थी 'माय ट्री डे' अभियान की शुरुआत

पिछले 16 वर्षों में यह अभियान लाखों लोगों को स्वैच्छिक पौधारोपण से जोड़ने में सफल रहा है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी, पूर्व सैन्य अधिकारी के सम्मान में लगाया पौधा
कार्यक्रम में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान 90 वर्षीय पूर्व सैन्य अधिकारी कर्नल सी.एस. चहल के सम्मान में एक विशेष पौधा लगाया गया। आयोजकों ने इसे उनके राष्ट्रसेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण को सम्मान देने का प्रतीक बताया।
'एक व्यक्ति-एक पेड़' का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर उनकी नियमित देखभाल करने का भी संकल्प लिया।
उन्होंने लोगों से "एक व्यक्ति-एक पेड़" अभियान को अपनाने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने की अपील की।
जलवायु परिवर्तन से निपटने में पेड़ों की अहम भूमिका
अभियान के संस्थापक अश्विनी जोशी ने कहा कि उनकी संस्था जालंधर, नवांशहर और अन्य क्षेत्रों में लाखों पौधे लगा चुकी है, जिनमें से अनेक अब बड़े वृक्ष बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के दौर में पेड़ प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करते हैं। वृक्षों से समृद्ध क्षेत्रों में मौसम संतुलित रहता है और मानसून के दौरान बेहतर वर्षा होने की संभावना भी अधिक रहती है।
उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में इस अभियान को और व्यापक स्तर पर ले जाने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक लोग पर्यावरण संरक्षण से जुड़ सकें।
Key Highlights:
- जालंधर में 17वां अंतरराष्ट्रीय 'माय ट्री डे' उत्साह के साथ मनाया गया।
- GGIO के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों में सैकड़ों पौधे लगाए गए।
- अभियान की शुरुआत वर्ष 2010 में अश्विनी जोशी ने की थी।
- महिलाओं ने भी पौधारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।
- 90 वर्षीय कर्नल सी.एस. चहल के सम्मान में विशेष पौधा लगाया गया।
- आयोजकों ने 'एक व्यक्ति-एक पेड़' अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
FAQ Section:
प्रश्न 1: 'माय ट्री डे' कब मनाया जाता है?
उत्तर: हर वर्ष जुलाई के अंतिम रविवार को।
प्रश्न 2: इस अभियान की शुरुआत किसने की थी?
उत्तर: भारतीय मर्चेंट नेवी इंजीनियर अश्विनी जोशी ने वर्ष 2010 में।
प्रश्न 3: जालंधर में कार्यक्रम का नेतृत्व किसने किया?
उत्तर: गो ग्रीन इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन (GGIO) के मिशन निदेशक नरिंदर सिंह ने।
प्रश्न 4: कार्यक्रम का मुख्य संदेश क्या था?
उत्तर: "एक व्यक्ति-एक पेड़" अपनाकर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाना।
प्रश्न 5: अभियान का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
Conclusion:
जालंधर में आयोजित 17वें अंतरराष्ट्रीय 'माय ट्री डे' ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। बड़े पैमाने पर हुए पौधारोपण और "एक व्यक्ति-एक पेड़" के संकल्प से हरियाली बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में सकारात्मक पहल देखने को मिली।

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