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आतंकवाद पीड़ित परिवारों के लिए लंबित राहत पैकेज जारी करने की मांग, केंद्र सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपील
ऑल इंडिया एंटी-टेररिस्ट विक्टिम्स एसोसिएशन ने कहा- पंजाब में आतंकवाद से प्रभावित हजारों परिवार दो दशक से राहत और न्याय का इंतजार कर रहे हैं।
ऑल इंडिया एंटी-टेररिस्ट विक्टिम्स एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से पंजाब में आतंकवाद प्रभावित परिवारों के लिए लंबित राहत पैकेज जल्द जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि हजारों पात्र परिवार पिछले करीब 20 वर्षों से मुआवजे और आर्थिक सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
आतंकवाद पीड़ितों के लिए लंबित राहत पैकेज जारी करने की उठी मांग
ऑल इंडिया एंटी-टेररिस्ट विक्टिम्स एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से पंजाब में आतंकवाद प्रभावित परिवारों के लिए लंबित राहत पैकेज को जल्द जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि बड़ी संख्या में पात्र परिवार पिछले लगभग दो दशकों से न्याय और आर्थिक सहायता का इंतजार कर रहे हैं।
अमृतसर के कंपनी बाग में आयोजित बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि विभिन्न सरकारों की ओर से कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक बड़ी संख्या में पीड़ित परिवारों को राहत नहीं मिल सकी है।
नानावटी आयोग की रिपोर्ट के बाद घोषित हुआ था राहत पैकेज

उन्होंने कहा कि इसके बाद वर्ष 2006 में पंजाब सरकार ने 715 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी, जिससे कई प्रभावित परिवारों को सहायता मिली।
छूटे हुए परिवारों के लिए भेजा गया प्रस्ताव अब तक लंबित
एसोसिएशन के अनुसार, जिन पात्र परिवारों को पहले राहत नहीं मिल पाई थी, उनके लिए पंजाब सरकार ने एक अलग प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा था।
हालांकि, संगठन का आरोप है कि यह प्रस्ताव अब तक लागू नहीं हो सका, जिसके कारण हजारों परिवार आज भी राहत से वंचित हैं।
1982 से 1995 के बीच प्रभावित परिवारों का जिक्र
डॉ. हस्तिर ने दावा किया कि 1982 से 1995 के दौरान आतंकवाद से प्रभावित हजारों परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े या उनकी आजीविका प्रभावित हुई।
उन्होंने कहा कि कई परिवार आज भी आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं और उन्हें पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है।
विधवाओं और आश्रितों को आर्थिक सहायता देने की मांग
एसोसिएशन ने मांग की कि आतंकवाद में जान गंवाने वाले लोगों की विधवाओं और अन्य आश्रितों को भी देश के अन्य राज्यों में दी जाने वाली राहत योजनाओं की तर्ज पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
संगठन का कहना है कि इन परिवारों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए विशेष सहायता की आवश्यकता है।
2022 में मिले आश्वासन का भी किया उल्लेख
बैठक के दौरान डॉ. बोध राज हस्तिर ने वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि उस समय आतंकवाद पीड़ित परिवारों को ट्रुथ कमीशन के गठन और अतिरिक्त वित्तीय सहायता दिए जाने का आश्वासन मिला था। एसोसिएशन ने इन आश्वासनों को शीघ्र लागू करने की मांग की है।
Key Highlights:
- ऑल इंडिया एंटी-टेररिस्ट विक्टिम्स एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से लंबित राहत पैकेज जारी करने की मांग की।
- संगठन का दावा, हजारों पात्र परिवार करीब दो दशक से राहत का इंतजार कर रहे हैं।
- नानावटी आयोग की रिपोर्ट के बाद राहत पैकेज की घोषणा हुई थी।
- वर्ष 2006 में पंजाब सरकार ने 715 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी।
- 1982 से 1995 के बीच आतंकवाद से प्रभावित परिवारों को अतिरिक्त सहायता देने की मांग।
- ट्रुथ कमीशन के गठन और 2022 में दिए गए आश्वासनों को लागू करने की अपील।
FAQ Section:
प्रश्न 1: राहत पैकेज की मांग किस संगठन ने की है?
उत्तर: ऑल इंडिया एंटी-टेररिस्ट विक्टिम्स एसोसिएशन ने।
प्रश्न 2: संगठन की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: केंद्र सरकार लंबित राहत पैकेज जल्द जारी करे और पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए।
प्रश्न 3: नानावटी आयोग की रिपोर्ट के बाद क्या हुआ था?
उत्तर: रिपोर्ट के बाद आतंकवाद प्रभावित परिवारों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की गई थी और वर्ष 2006 में पंजाब सरकार ने 715 करोड़ रुपये जारी किए थे।
प्रश्न 4: किन परिवारों को अब भी राहत मिलने का इंतजार है?
उत्तर: संगठन के अनुसार, 1982 से 1995 के बीच आतंकवाद से प्रभावित हजारों पात्र परिवार अब भी राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
प्रश्न 5: बैठक में और क्या मांग की गई?
उत्तर: ट्रुथ कमीशन के गठन, अतिरिक्त आर्थिक सहायता और विधवाओं एवं आश्रितों को विशेष राहत देने की मांग की गई।
Conclusion:
पंजाब में आतंकवाद से प्रभावित परिवारों के लिए लंबित राहत पैकेज का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। एसोसिएशन का कहना है कि वर्षों से लंबित प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लेकर पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता और न्याय उपलब्ध कराया जाना चाहिए। साथ ही, संगठन ने 2022 में किए गए आश्वासनों को भी जल्द अमल में लाने की अपील की है।
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