Akali Dal (Waris Punjab De) ने अमृतसर में निकाली ‘खालसा वाहिर’

Tarsem Singh और Sarbjit Singh Khalsa रहे शामिल

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अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के कार्यकर्ताओं ने अमृतसर में ‘खालसाई जहो-जलाल’ की भावना के तहत ‘खालसा वाहिर’ निकाली। कार्यक्रम में खडूर साहिब सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह और सांसद सरबजीत सिंह खालसा भी मौजूद रहे।

Akali Dal (Waris Punjab De) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को पवित्र शहर Amritsar में ‘खालसाई जहो-जलाल’ (सिख मूल्यों और परंपराओं) के अनुरूप ‘खालसा वाहिर’ का आयोजन किया।

पंथ और पंजाब की उन्नति के लिए Akal Takht में माथा टेकने के बाद, कार्यकर्ताओं ने Guru Granth Sahib की अगुवाई में ‘खालसा वाहिर’ की शुरुआत की।

खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह के पिता Tarsem Singh और सांसद Sarbjit Singh Khalsa भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

मार्च की अगुवाई पंच प्यारों ने की, जिनके पीछे गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी साहिब और सैकड़ों गाड़ियों का काफिला चला।

पूरा मार्ग — Golden Temple से लेकर Golden Gate (जीटी रोड) तक — “बोले सो निहाल” के नारों से गूंज उठा।

मीडिया से बातचीत में तरसेम सिंह ने कहा कि पंजाब के युवाओं को केवल सिख गुरुओं के दिखाए मार्ग पर चलकर ही बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा नशे, बेरोजगारी और पलायन की समस्याओं का शिकार हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि ‘खालसा वाहिर’ का उद्देश्य युवाओं को गुरबाणी, गुरमत और खालसाई जीवनशैली से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि पंजाब को बचाने के लिए युवाओं को राजनीतिक दिखावे और खोखले वादों के झांसे में नहीं आना चाहिए, बल्कि गुरुओं की शिक्षाओं और जीवन पद्धति का पालन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि युवा गुरुओं के सिद्धांतों को अपनाएं, तो नशे की समस्या और अन्य सामाजिक बुराइयों का क्षेत्र से समूल नाश हो सकता है।Screenshot_1519

Edited By: Karan Singh

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